11 अगस्त 2009
सरकारी उपक्रमों ने दो लाख टन दालों का आयात शुरू किया
सार्वजनिक क्षेत्र की ट्रेडिंग कंपनियां एमएमटीसी, एसटीसी, पीईसी और नैफेड त्यौहारी सीजन में मांग पूरी करने के लिए दो लाख टन दालों का आयात करेंगी। इन कंपनियों ने इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। एसटीसी ने 1.18 लाख टन, एमएमटीसी ने 46,000 और पीईसी ने 31,000 टन दालों के आयात के लिए टेंडर जारी किए हैं। नैफेड ने बोली आमंत्रित की है लेकिन आयातित दाल की सीमा निर्धारित नहीं की है। इन सभी सार्वजनिक उपक्रमों की वेबसाइटों पर इस संबंध में जानकारी दी गई है। ये दालें म्यांमार, अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका से आयात की जाएंगी। ज्यादातर दालें सितंबर तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगी, जबकि बाकी दिसंबर तक पहुंचेंगी। त्यौहारी सीजन अभी शुरू ही हुआ है और इस दौरान दालों की मांग में भारी बढ़ोतरी की संभावना है। सभी उपक्रमों ने पिछले दस दिन में टेंडर जारी कर बोलीदाताओं से कहा है कि जिस दौरान मांग बढ़े, उस समय वे दालों की आपूर्ति करें। फिलहाल घरेलू बाजार में दालों की कीमतें 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। पीली मटर, अरहर, उड़द, मूंग, चना और काले मटर का सबसे ज्यादा आयात किया जा रहा है।हाल ही में कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा था कि 22 जुलाई तक सार्वजनिक क्षेत्र की ट्रेडिंग कंपनियों ने 10.29 लाख टन दालों के आयात के लिए सौदे किए हैं, जिसमें से 9.13 लाख टन दालें पहुंच भी चुकी हैं। इसमें से अभी तक 7.3 लाख टन दालों को खुले बाजार में बेचा जा चुका है। भारत दालों का आयात मांग और आपूर्ति के बीच 35 लाख टन के अंतर को पूरा करने के लिए कर रहा है। देश में 170 से 180 लाख टन दालों की मांग है, जबकि उत्पादन 140 से 150 लाख टन ही होने का अनुमान है। (Business Bhaskar)
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