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16 मई 2026

अक्टूबर से अप्रैल के दौरान सोया डीओसी का निर्यात 38 फीसदी घटा - सोपा

नई दिल्ली। चालू फसल सीजन 2025-26 के पहले सात महीनों अक्टूबर 25 से अप्रैल 26 के दौरान देश से सोया डीओसी का निर्यात 38 फीसदी घटकर 8.22 लाख टन का ही हुआ है, जबकि इसके पिछले फसल सीजन की समान अवधि में 13.26 लाख टन का निर्यात हुआ था।


सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सोपा के अनुसार चालू फसल सीजन 2025-26 के पहले सात महीनों अक्टूबर से अप्रैल के दौरान 51.29 लाख टन सोया डीओसी का उत्पादन हुआ है, जबकि नए सीजन के आरंभ में इसके पिछले साल का करीब 0.68 लाख टन का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। इस दौरान 8.22 लाख टन सोया डीओसी का निर्यात हुआ है जबकि 4.90 लाख टन की खपत फूड में एवं 37.50 लाख टन की फीड में हुई है। अत: पहली मई 2026 को मिलों के पास 1.35 लाख टन सोया डीओसी का बकाया स्टॉक बचा हुआ है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 1.36 लाख टन से थोड़ा कम है।

सोपा के अनुसार चालू फसल सीजन 2025-26 के पहले सात महीनों में देशभर की उत्पादक मंडियों में 67.50 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई है, जबकि अप्रैल अंत तक 65 लाख टन की पेराई हुई है। इस दौरान 3.30 लाख टन सोयाबीन की खपत डारेक्ट हुई है जबकि 0.11 लाख टन का निर्यात हुआ है। अत: प्लांटों एवं व्यापारियों तथा किसानों के पास पहली मई 2026 को 43.81 लाख टन सोयाबीन का बकाया स्टॉक बचा हुआ है, जोकि इससे पिछले साल की समान अवधि के 52.85 लाख टन की तुलना में कम है।

सोपा के अनुसार फसल सीजन 2025-26 में देश में सोयाबीन का उत्पादन 110.26 लाख टन का हुआ था, जबकि 7.66 लाख टन का बकाया स्टॉक नई फसल की आवक के समय बचा हुआ था। अत: कुल उपलब्धता 117.92 लाख टन की बैठी है, जबकि फसल सीजन 2025-26 के पहले सात महीनों में ही करीब 6 लाख टन सोयाबीन का आयात हुआ है। फसल सीजन 2024-25 में 128.82 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ था, जबकि नई फसल की आवक के समय 8.94 लाख टन का बकाया स्टॉक बचा हुआ था। अत: कुल उपलब्धता 137.76 लाख टन की बैठी थी, जबकि 0.02 लाख टन का ही आयात हुआ था।

चालू रबी में गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 306 लाख टन के पार - एफसीआई

नई दिल्ली। चालू रबी विपणन सीजन 2026-27 में 13 मई तक गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर खरीद बढ़कर 306.12 लाख टन की हो गई है जोकि रबी विपणन सीजन 2025-26 की समान अवधि के 292.60 लाख टन की तुलना में 4.62 फीसदी ज्यादा है।


भारतीय खाद्य निगम, एफसीआई के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य पंजाब से चालू रबी सीजन में 13 मई तक 121.62 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है जोकि पिछले साल की समान अवधि के 118.17 लाख टन से ज्यादा है।

हरियाणा से चालू रबी सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 80.93 लाख टन की हो चुकी है, जोकि तय लक्ष्य 72 लाख टन से ज्यादा है। पिछले साल की समान अवधि में राज्य से 70.69 लाख टन गेहूं की खरीद ही हो पाई थी। अत: चालू रबी में गेहूं की खरीद पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 14.48 फीसदी ज्यादा गेहूं खरीदा गया है।

मध्य प्रदेश से चालू रबी सीजन में 13 मई तक 73.99 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के 77.74 लाख टन की तुलना में 4.82 फीसदी कम है। मई में राज्य से खरीद में तेजी आई है। केंद्र सरकार ने राज्य में गेहूं की खरीद के तय लक्ष्य को 78 लाख टन से बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया था। राज्य सरकार मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए तय किए न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के अलावा अतिरिक्त बोनस भी दे रही है।

भारतीय खाद्य निगम, एफसीआई के अनुसार उत्तर प्रदेश से चालू रबी में गेहूं की खरीद 12.08 लाख टन और राजस्थान से 16.64 लाख टन की हुई है जबकि पिछले रबी विपणन सीजन की समान अवधि में इन राज्यों से क्रमश: 9.85 लाख टन और 15.83 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी थी। बिहार से चालू रबी में 230 हजार टन, गुजरात से 35 हजार टन तथा चंडीगढ़ से 10 हजार टन तथा उत्तराखंड से 7 हजार टन एवं हिमाचल प्रदेश से 4 हजार टन गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है।

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को चालू रबी सीजन में नुकसान हुआ है। अत: किसानों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने हरियाणा और राजस्थान तथा पंजाब में गेहूं की चमक में कमी, लस्टर लॉस की सीमा को बढ़ाकर 70 फीसदी और टूटे दानों की सीमा को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया था।

सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 (अप्रैल-मार्च) के दौरान गेहूं की खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 345 लाख टन कर दिया है, जबकि पहले 303 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य तय किया गया था।