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24 सितंबर 2026

महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से शुरू होगा गन्ना पेराई सीजन, 178 चीनी मिलों ने आवेदन किया

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में गन्ने के नए पेराई सीजन 2026-27 की शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 से होने की संभावना है। इसके लिए राज्य की चीनी मिलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अब तक राज्य की कुल 178 (88 सहकारी और 90 निजी) चीनी मिलों ने पेराई लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन दाखिल किए हैं।

राज्य के चीनी आयुक्त के अनुसार कुल 178 चीनी मिलों (जिनमें 88 सहकारी और 90 निजी है) ने गन्ने पेराई सीजन 2026-27 के लिए लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन दाखिल किए हैं तथा क्षेत्रीय चीनी सह-संचालक कार्यालय स्तर पर 53 आवेदनों की जांच शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि पेराई लाइसेंस प्राप्त करने के लिए चीनी मिलों को 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। साथ ही, संबंधित चीनी मिलों द्वारा पिछले पेराई सीजन की एफआरपी का 100 फीसदी भुगतान भी किसानों को किया जाना अनिवार्य है।

महाराष्ट्र में 2026-27 के गन्ना पेराई सत्र के दौरान चीनी उत्पादन में करीब 20 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है तथा नए पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन घटकर लगभग 80 लाख टन होने  का अनुमान है। वेस्ट इंडिया शुगर मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बी बी ठोंबरे के अनुसार कम बारिश के कारण गन्ने की उपज घटने और चीनी रिकवरी प्रभावित होने से उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है। राज्य में 2025-26 के पेराई सत्र के दौरान करीब 99 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

चालू मानसूनी सीजन में महाराष्ट्र में बारिश की भारी कमी रही है, जिसका असर गन्ने समेत अन्य खरीफ फसलों की उत्पादकता पर पड़ा है। सूखे जैसी स्थिति के बीच जलाशयों में पानी पीने के लिए आरक्षित किए जाने के कारण सिंचाई के लिए उपलब्धता कम रही। खासकर के मराठवाड़ा, विदर्भ, सोलापुर और अहिल्या नगर में स्थिति गंभीर है।

पेराई के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के अब कुछ ही दिन बाकी हैं, इसलिए राज्य की अधिकांश चीनी मिलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चीनी आयुक्त के अनुसार पेराई सीजन को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। किसानों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। मिलों का प्रयास है कि 15 अक्टूबर से निर्धारित समय पर गन्ने की पेराई शुरू की जाए तथा गन्ने की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और पूरे सीजन में पेराई कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।

महाराष्ट्र में गन्ना किसानों के लिए पेराई सीजन महत्वपूर्ण होता है। किसानों को अपने गन्ने की कटाई और मिल को आपूर्ति के लिए संबंधित चीनी मिलों के साथ समन्वय बनाना होता है। मिलों द्वारा गन्ना पर्ची, तौल, परिवहन और भुगतान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने के लक्ष्य को देखते हुए आने वाले दिनों में चीनी मिलों में तैयारियों की गति और बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि पेराई सीजन शुरू होने के बाद राज्य के चीनी उद्योग की वास्तविक तस्वीर गन्ने की उपलब्धता, रिकवरी, चीनी उत्पादन और बाजार की स्थिति के आधार पर स्पष्ट होगी।