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14 मार्च 2026

मध्य प्रदेश सरकार गेहूं किसानों को 40 रुपये का बोनस देगी, पंजीकरण का समय बढ़ाया

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बोनस देने का फैसला किया है। सरकार ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने की घोषणा की है। इसके बाद अब राज्य के किसानों से गेहूं की खरीदी 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी


राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसान कल्याण के लिए समर्पित है और उसी भाव के साथ काम कर रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग के बाद किसानों को राहत देते हुए कई फैसले लिए गए।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया है और अन्नदाताओं के हित में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गेहूं की सरकारी खरीद के लिए किसानों के पंजीयन की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है जो पहले सात मार्च तय की गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संकल्प पत्र में 2028 तक गेहूं का खरीद भाव 2,700 रुपये प्रति क्विंटल करने की बात कही थी, जिसे राज्य सरकार किसानों के हित में धीरे, धीरे इस भाव को पार करेगी।

मालूम हो कि इससे पहले राजस्थान सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए राज्य के गेहूं किसानों 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने की घोषणा की हुई है। अत: राजस्थान के किसानों से गेहूं की खरीद 2,735 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जायेगी।

व्यापारियों के अनुसार गुजरात के बाद मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं के बाद घटकर 2,250 से 2,350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं तथा चालू महीने में मध्य प्रदेश के साथ ही राजस्थान की मंडियों में गेहूं की आवक बढ़ेगी। इससे कीमतों पर और दबाव बनने की उम्मीद है। पंजाब एवं हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश की मंडियों में नए गेहूं की आवक अप्रैल में बढ़ेगी। जानकारों के अनुसार चालू सीजन में गेहूं की बुआई बढ़ी है तथा अभी तक मौसम भी फसल के लगभग अनुकूल रहा है इसलिए उत्पादन अनुमान बढ़ने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार ने देश में गेहूं के बंपर स्टॉक को हल्का करने और इनकी कीमतों में स्थिरता को ध्यान में रखते हुए 25 लाख टन गेहूं के साथ-साथ 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी थी। हालांकि भारतीय गेहूं विश्व कीमतों से करीब 45 से 50 डॉलर महंगा होने के कारण निर्यात में पड़ते नहीं लग रहे।

कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी सीजन गेहूं की बुआई बढ़कर 334.17 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई केवल 328.04 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। 

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