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28 मार्च 2023

तेल मिलों की मांग कमजोर होने से सरसों के भाव घटे, दैनिक आवकों में बढ़ोतरी

नई दिल्ली। तेल मिलों की मांग होने से घरेलू बाजार में सोमवार को सरसों की कीमतें कमजोर हो गई। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 25 रुपये घटकर दाम 5,650 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 12 लाख बोरियों की हुई।


व्यापारियों के अनुसार घरेलू बाजार में तेल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही सरसों की खरीद कर रही  हैं, क्योंकि विश्व बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में अभी बड़ी तेजी के आसार कम है। उत्पादक राज्यों में मौसम साफ होने से सरसों की दैनिक आवक बढ़ी है। मार्च क्लोजिंग के कारण भी व्यापार कम हो रहा है। इसलिए सरसों की कीमतों में भी बड़ी तेजी के आसार नहीं है।

पिछले सात कारोबारी दिनों में लगातार गिरावट के बाद मलेशियाई क्रूड पाम तेल (सीपीओ) वायदा सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। निर्यात के मजबूत आंकड़ों से पाम तेल के भाव में सुधार तो आया लेकिन सोया तेल के दाम कमजोर होने से तेजी सीमित रही।

कार्गो सर्वेक्षकों ने शनिवार को कहा कि पहली से 25 मार्च के दौरान मलेशियाई पाम तेल उत्पादों का निर्यात एक महीने पहले की तुलना में 11.4 फीसदी और 19.8 फीसदी के बीच बढ़ा है।

उधर इंडोनेशियाई पाम ऑयल एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि इंडोनेशिया ने जनवरी में 2.95 मिलियन टन पाम तेल का निर्यात किया, जोकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 35.2 फीसदी अधिक है।

बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज, बीएमडी पर जून महीने के वायदा अनुबंध में पाम ऑयल के भाव 65 रिंगिट यानी 1.9 फीसदी बढ़कर 3,577 रिंगिट प्रति टन हो गए। इस दौरान डालियान का सबसे सक्रिय सोया तेल वायदा अनुबंध 1.2 फीसदी तेज हुआ, जबकि इसका पाम तेल वायदा अनुबंध 2.0 फीसदी बढ़ गया। हालांकि शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड पर सोया तेल की कीमतें 0.1 फीसदी कमजोर हुई।

जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमतें सोमवार को 2-2 रुपये कमजोर होकर भाव क्रमशः 1079 रुपये और 1069 रुपये प्रति 10 किलो रह गई। इस दौरान सरसों खल की कीमतें 10 रुपये तेज होकर भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गए।

देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक सोमवार को बढ़कर 12 लाख बोरियों की हुई, जबकि इसके पिछले कारोबारी दिवस में इसकी आवक 11.75 लाख बोरियों की हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में 6.50 लाख बोरी, मध्य प्रदेश की मंडियों में 1.25 लाख बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 1.25 लाख बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 60 हजार बोरी तथा गुजरात में 85 हजार बोरी, तथा अन्य राज्यों की मंडियों में 1.55 लाख बोरियों की आवक हुई।

दालों में स्टॉकिस्टों की सक्रियता तेज, अरहर एवं उड़द के साथ ही चना तथा मूंग, मसूर महंगी

नई दिल्ली। स्टॉकिस्टों की सक्रियता से घरेलू बाजार में सोमवार को अरहर, उड़द के साथ ही चना, मूंग एवं मसूर की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि बढ़े भाव में दाल मिलों की खरीद शाम के सत्र में कमजोर रही।

व्यापारियों के अनुसार मार्च क्लोजिंग के कारण दालों में व्यापार सीमित मात्रा में ही हो रहा है, तथा मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही दालों की खरीद कर रही हैं। हालांकि स्टॉकिस्टों ने भाव तेज किए हैं, इसलिए बढ़े भाव में स्टॉक हल्का करना चाहिए।

अरहर की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार ने सख्ती दिखाते हुए स्टॉक की निगरानी के लिए समिति का गठन किया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय लगातार दलहन की कीमतों की समीक्षा का रहा है।

घरेलू बाजार में आयातित उड़द के साथ ही देसी उड़द के दाम तेज हुए हैं, लेकिन बढ़ी हुई कीमतों में दाल मिलों की खरीद कमजोर देखी गई। व्यापारियों के अनुसार उड़द दाल में बढ़े दाम पर दक्षिण भारत की मांग कमजोर हुई है, जिस कारण मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। उधर आंध्र प्रदेश की मंडियों में आगामी दिनों में नई उड़द की आवक बढ़ेगी। साथ ही बर्मा से उड़द का आयात भी बराबर होगा, इसलिए बढ़े भाव में उड़द की बिकवाली करते रहना चाहिए।

घरेलू बाजार में लेमन एवं अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर के साथ ही देसी की कीमतों में तेजी आई है। जानकारों के अनुसार बर्मा से लेमन अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, साथ ही प्रतिकूल मौसम से अफ्रीकी देशों में भी नई अरहर की आवकों में देरी की आशंका है। इसलिए स्टॉकिस्ट इसके भाव तेज तो कर रहे हैं, लेकिन बड़ी तेजी टिक नहीं पायेगी। वैसे भी घरेलू बाजार में अरहर दाल में उठाव सामान्य की तुलना में कमजोर है, इसलिए दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। घरेलू मंडियों में देसी अरहर की आवक जरुर पहले की तुलना में घटी है। केंद्र सरकार अरहर के स्टॉकिस्टों पर सख्ती बरतेगी, तथा स्टॉक की जानकारी देने के लिए जरूरी कदम उठाएगा, इसलिए अरहर के भाव में मुनाफावसूली बन सकती है।

कर्नाटक की गुलबर्गा मंडी में नई अरहर की आवक 7 हजार कट्टों की हुई तथा इसके भाव 250 से 300 रुपये तेज होकर 8500 से 8800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। लातूर मंडी में नई अरहर के बिल्टी दाम 200 बढ़कर 8800 से 8900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

चंदौसी मंडी में उड़द के बिल्टी भाव 100 रुपये तेज होकर 7800 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

गुलबर्गा मंडी में नए चना के भाव 100 रुपये तेज होकर 4700 से 4900 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, तथा आवक 2,000 कट्टों की हुई।

विदिशा मंडी में मसूर के दाम 100 रुपये तेज होकर 5,600 से 6,100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, तथा मसूर की आवक 2,000 कट्टों की हुई। उरई मंडी में देसी मसूर के भाव 5700 से 5750 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रहे, तथा आवक 200 कट्टों की हुई।

उत्पादक राज्यों में मौसम साफ हो गया है, जानकारों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो मसूर की आवक अप्रैल के पहले सप्ताह में बढ़ेगी, तथा चालू चालू रबी सीजन में मसूर की बुआई बढ़ी है जिससे उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। हालांकि घरेलू बाजार में पुरानी मसूर का बकाया स्टॉक पिछले साल की तुलना में कम है। व्यापारियों के अनुसार अप्रैल में आवक बढ़ने पर मसूर के भाव में नरमी आने का अनुमान है। उधर कनाडा के साथ ही ऑस्ट्रेलिया से आयात बराबर बना रहेगा।

दाल मिलों की मांग बढ़ने से दिल्ली में चना के दाम हो गए। हालांकि उत्पादक राज्यों में मौसम साफ है, साथ ही मार्च क्लोजिंग के कारण मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही चना की खरीद कर रही है। अत: मौसम साफ रहा तो चालू महीने में चना की कीमतों में ज्यादा तेजी के आसार नहीं है। अप्रैल में जहां मंडियों में चना की आवक बढ़ेगी, वहीं दाल मिलों की खरीद भी बढ़ेगी। नेफेड ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और गुजरात में एमएसपी पर 2,05,846 टन चना की खरीद की है।

दिल्ली में मूंग के भाव 300 रुपये तेज हो गए। व्यापारियों के अनुसार हाजिर बाजार में अच्छी क्वालिटी की उपलब्धता कम है, इसलिए मूंग के भाव में तेजी आई है, लेकिन मूंग दाल में बढ़े भाव में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर हुूई है, जिस कारण दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। चालू रबी सीजन में मूंग की बुवाई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है, तथा मौसम अनुकूल रहा तो अप्रैल में नई मूंग की आवक बढ़ेगी। इसलिए मूंग में बढ़े भाव में स्टॉक हल्का करना चाहिए।

दाल मिलों की मांग बढ़ने से दिल्ली में उड़द एफएक्यू पुरानी एवं नई के दाम 125-150 रुपये तेज होकर भाव क्रमश: 7775 रुपये और 7825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान नई उड़द एसक्यू के दाम 175 रुपये तेज होकर 8500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि पुरानी उड़द एसक्यू के दाम 175 रुपये बढ़कर 8825 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में नई उड़द एफएक्यू की कीमतों में 200 रुपये की तेजी आकर भाव 7600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

चेन्नई में उड़द एसक्यू के दाम हाजिर डिलीवरी के दाम 225 रुपये तेज होकर 8250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दाल मिलों की खरीद बढ़ने से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर के भाव 275 रुपये तेज होकर दाम 8700 से 8750 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इस दौरान चेन्नई में लेमन अरहर के भाव 275 रुपये तेज होकर 8275 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पहुंच गए।

दाल मिलों की मांग बढ़ने के कारण मुंबई में लेमन अरहर के दाम 100 रुपये बढ़कर भाव 8300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर के दाम तेज हुए। मोजाम्बिक लाइन की गजरी अरहर की कीमतें 250 रुपये बढ़कर 6950 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। सूडान से आयातित अरहर के दाम 150 रुपये तेज होकर 8450 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान तंजानिया की अरुषा अरहर के दाम 150 रुपये बढ़कर 7250 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। मोजाम्बिक की सफेद अरहर के भाव 200 रुपये बढ़कर 7250 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। मलावी से आयातित अरहर के दाम 150 रुपये तेज होकर 6550 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दाल मिलों की मांग बढ़ने से दिल्ली में मध्य प्रदेश की मसूर के दाम 50 रुपये तेज होकर भाव 6,225 प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान कनाडा की मसूर के दाम 25 रुपये बढ़कर 6,075 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5775 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,850 से 5,875 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,125 से 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,200 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में राजस्थान के नए चना के भाव 125 रुपये तेज होकर 5275 से 5300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि पुराने चना के भी 125 रुपये बढ़कर 5375 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। इस दौरान मध्य प्रदेश के चना के भाव 125 रुपये तेज होकर 5375 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

राजस्थान लाईन की मूंग की कीमतें 300 रुपये तेज होकर दिल्ली में भाव 9100 से 9200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।  

अरहर की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सख्त, स्टॉक की निगरानी के लिए समिति गठित

नई दिल्ली। घरेलू बाजार में अरहर की कीमतों में चल रही तेजी को काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने एक कमेटी बनाई है। केंद्र द्वारा गठित की गई कमेटी घरेलू बाजार में अरहर के स्टॉक के साथ ही आयात एवं कीमतों की समीक्षा करेगी।


केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव निधि खरे की अध्यक्षता में गठित कमेटी राज्य सरकारों के सहयोग के साथ ही आयातकों, मिलरों, स्टॉकिस्टों, व्यापारियों आदि जैसी संस्थाओं के साथ मिलाकर घरेलू बाजार में अरहर के उपलब्धता एवं कीमतों की निगरानी करेंगी।

केंद्र सरकार के अनुसार लगातार आयातित अरहर आने के बावजूद भी स्टॉकिस्टों ने अरहर के स्टॉक की सही जानकारी नहीं दी है, इसलिए सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा। इससे आगामी महीनों में अरहर की कीमतों को काबू में रखा जा सकेगा। केंद्र सरकार घरेलू बाजार में दलहन की कीमतों की लगातार समीक्षा कर रही हैं, तथा आगामी दिनों में अन्य दालों की कीमतें तेज होती हैं तो सरकार अन्य आवश्यक कदम भी उठायेगी।

केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अरहर के संबंध में स्टॉक की जानकारी देने के लिए 12 अगस्त, 2022 को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी। साथ ही केंद्र सरकार ने अरहर की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अरहर के आयात पर लगने वाले 10 फीसदी आयात शुल्क को भी हटा लिया था।   

तिलहन की कीमतों में गिरावट रोकने के लिए केंद्र आयात शुल्क को बढ़ाये - उद्योग

नई दिल्ली। विश्व बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में चल रही गिरावट से घरेलू बाजार में तिलहन की प्रमुख फसल सरसों एवं सोयाबीन की कीमतों में भारी मंदा आया है। अत: घरेलू बाजार में तिलहन की कीमतों में आई गिरावट को रोकने के लिए उद्योग ने केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क को कम से कम 20 फीसदी तक बढ़ाने की मांग की है।


सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सोपा ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर मांग की है कि घरेलू बाजार में सस्ते खाद्य तेलों के आयात से तिलहन की कीमतों में भारी गिरावट आई है। उत्पादक मंडियों में जहां सरसों के दाम घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी से नीचे आ गए हैं, वही सोयाबीन की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। विश्व में खाद्य तेलों की कीमतों में आई गिरावट के बाद भी आयात शुल्क कम होने की नीति से तिलहन के किसान नाराज हैं। इसका असर खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता को कम करने के अभियान पर भी पड़ेगा क्योंकि प्रमुख तिलहन उत्पादक राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसान तिलहन के बजाए अन्य फसलों की खेती को तरजीह देंगे।

विश्व बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में चल रही गिरावट के कारण घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार मंदा बना हुआ है, तथा वर्तमान में इनके दाम निचले स्तर पर आ गए हैं। सितंबर 2022 से 22 मार्च 2023 के दौरान आयातित क्रूड सोयाबीन तेल के भाव में 31 फीसदी की गिरावट आई है। इस दौरान सूरजमुखी और पाम तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोया तेल की कीमतों में आई गिरावट के कारण सोया मील का निर्यात प्रभावित हुआ है क्योंकि विश्व बाजार में इसकी कीमत 20 फीसदी तक गिर गई है। जिस कारण देश से सोया डीओसी के निर्यात पड़ते समाप्त हो गए।

अत: किसानों, उपभोक्ताओं और उद्योग के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार सभी खाद्य तेलों के आयात पर शुल्क को कम से कम 20 फीसदी तक बढ़ाने पर विचार करें।

24 मार्च 2023

1509 or 1718 SELA GENERAL MARKET

1509 SELA GENERAL MARKET

1509 SELA TREND PLUS SIDE IN TODAY MARKET#


1509 SELA 8000/FOR

DHURI PUNJAB

BUYER KRBAL

POSITION


1509 SELA 8000/FOR

MURTHAL HARYANA

BUYER PK

POSITION 


1509 SELA 7950 LOAD

BIG EXPORTER

POSITION


1509 SELA 7950 FOR

TARAORI HARYANA

POSITION

BUYER BHARAT

DATE- 22/03/2023.


HARYANA LINE SE

1718 SELA 8275

FOR TARAORI HARYANA

KE KAM HUYE.

DATE- 22/03/2023.


UP LINE SE

1718 SELA 

8150 LOAD 

KS

KE KAM HUYE.


NOW

SELLER 8200 LOAD.

 OFFERING


DATED- 22/03/2023.


KAITHAL HARYANA LINE SE

1509 SELA 8100 FOR

TARAORI EXPORTER

KA VYAPAR HUA 60 MT

GOOD QUALITY KA.

TODAY RH10 SELA RATES


RH10-SELA STABE OR POSITIVE SIDE IN MARKET#

  BUT SELLER LIMITED IN RH10 SELA#

BUT SELLER WAIT AND WATCHING DUE TO 31 MARCH#

#

RH10 SELA 5800/5850LOAD

POSITION


RH10 SELA 5800/5850 FOR

DISTRICT KARNAL HARYANA

POSITION


RH10 SELA 5850/5900

FOR DELHI

POSITION


RH10 SELA 5800/5850 FOR

HARYANA OTHER CITY'S

POSITION

#

CHANCE TO BECOME BUYER IN MARKET#

#

BUYER SUPPLE TEK (KS)

GRM PANIPAT HARYANA

BD OVERSEAS TARAORI

ACJK

INDO ARAB GHAROUNDA

SOME OTHER DELHI & HARYANA

TODAY (MP) RICE MARKET


RICE MARKET ALMOST STABLE SIDE#

BUT SELLER SLOW IN CURRENT RATES#


DP/PUSA SELA 8350 LOAD

POSITION


DP/PUSA BROWN 8300/8350 LOAD

POSITION


DP/PUSA RAW 9200/9350 LOAD

QUALITY WISE RATES


1718 SELA 8100 LOAD

POSITION

SUGANDHA SELA TREND STABLE SIDE IN TODAY MARKET

 SUGANDHA SELA GENERAL RATES SUGANDHA SELA

RATE-6900 LOAD

POSITION


SUGANDHA SELA

RATE-6950/7000 FOR

DISTRICT KARNAL HARYANA

POSITION


SUGAND SELA 6950/7000 FOR

DELHI POSITION


SUGANDHA SELA 6900/6950 FOR

TARAORI HARYANA

POSITION

BUT 1718 SELA TREND POSITIVE SIDE IN TODAY MARKET

 TODAY 1718 SELA RATES

GOOD DEMAND CONTINUE IN 1718 RICE SELA

  AND SELLER LIMITED IN 1718 SELA

1718 SELA 8100 LOAD

BUYER SUPPLE TEK (KS)

AND GRM PANIPAT HARYANA

DEMANDING


1718 SELA 8125/8150 FOR

DELHI EXPORTER

DEMANDING


1718 SELA 8150 FOR

TARAORI HARYANA

BUYER JKG TARAORI

DEMANDING


1718 SELA 8150 FOR

PUNJAB EXPORTER

DEMANDING 


1718 SELA 8100 FOR

TARAORI HARYANA

BUYER VERY INTERESTING IN 1718 SELA IN TODAY MARKET

FULL DEMAND IN 1718 RICE SELA#

  1718 SELA MORE PLUS SIDE IN MARKET#

1718 SELA 8400 FOR

DELHI POSITION


1718 SELA 8300/8350 FOR

TARAORI HARYANA

POSITION


1718 SELA 8250/8300 LOAD

POSITION


1718 SELA 8300 FOR

HARYANA OTHER CITY'S 

POSITION

दिनांक 23 मार्च 2023 सरसों भाव

सरसों (MUSTARD)


आगरा शमशाबाद / दिगनेर (AGRA शमशाबा/डिग्नर) - 6025-25


अलवर सलोनी (ALBAR) SALONI) - 6050-25 कोटा सलोनी (KOTA SALONI) - 6000-25


जयपुर (JAIPUR) सरसों (SARSO) 5675/5700-10


सरसों ऑइल कच्ची घानी (SARSO OIL KACHCHI घानी) 10,880/10,890-50


सरसों ऑइल एक्सपेलर (SARSO OIL एक्सलेलर) 10,780/10,790-50 खल (खल) 2500/2505+0


दिल्ली

सरसों (SARSO) 5500/5550+0 सरसों ऑइल एक्सपेलर (SARSO OIL एक्सलेलर)10,900+0


* नेवाई (NEWAI) *

सरसों (SARSO) 5250+0 सरसों ऑइल एक्सपेलर (SARSO OIL एक्सलेलर) 10,600-50 सरसों ऑइल कच्ची घानी (SARSO OIL KACHCHI घानी) 10,900+50 खल (खल) 2420+10


* टोंक (TONK)*

सरसों (SARSO) 5230+0 सरसों ऑइल कच्ची घानी (SARSO OIL KACHCHI घानी) 10,880+50 खल (खल) 2410+10

* चरखी दादरी (CHARKHI DADRI)*

सरसों (SARSO) 5450/5500+0 सरसों ऑइल एक्सपेलर (SARSO OIL एक्सलेलर) 10,800+0 खल खल) 2425+0

* राज्यवार सरसों इंडिया कुल आवक (SARSO INDIA कुल आगमन राज्यवार)*

राजस्थान (RAJSTHAN) - 5,75,000

मध्य प्रदेश (MADHYA PRADESH ) - 80,000

उत्तर प्रदेश (UTTAR PRADESH) - 1,25,000

हरियाणा + पंजाब (HARYANA+PUNJAB ) - 50,000 गुजरात (GUJRAT) - 90,000

अन्य (OTHER ) - 1,80,000 * कुल आवक (TOTAL ARRIVAL) - 11,00,000 बोरी(BAG)*

सरसों (MUSTARD)

कोलकाता (KOLKATA) यूपी लाइन (UP)-5500/5600 एमपी लाइन (MP)-5500/5600

अलवर (ALWAR) कंडीशन (CONDITION) - 5250 / 5300+0 मण्डी (MANDi)-4600/5200-50 आवक (ARRIVAL)-8000 कच्ची घानी - 10900/11000-100 एक्सपिलर (EXPILOR)-10700/10800-100 खल (खल)-2500+0

आगरा (AGRA) सरसों (MUSTARD)

कच्ची घानी (सरसों का तेल कच्ची घानी)-1200 कानपुर (KANPUR) राइस ब्रान रिफाइंड (RICE BRAN REFIND OIL)-870 पाम तेल (PALM OIL)-960

सरसों खल (SARSON KHAL) दिल्ली लोकल (Delhi Local)-NA भारत मोदीनगर (BHARAT MODINAGAR)-2971 इंजन मथुरा (ENGINE MATHURA) - 2801 शारदा आगरा (SHARDA AGRA ) - 2801 अमृत कुम्हेर (AMRIT KUMHER)-2901 बीरबालक जयपुर (BEERBALAK JAIPUR )-2651 शताब्दी अलवर (SHATABDIALWAR) -2801 चौधरी गाज़ियाबाद (CHAUDHRI GHAZIABAD)-2851 इंजन भरतपुर ( ENGINE BHARATPUR) 2801

सरसों (MUSTARD) आगरा (AGRA) बी.पी (B.P) - 5850-50 आगरा (AGRA) शारदा ( SHARDA) - 5850-50 

सरसों (MUSTARD) अलवर (ALWAR) नई सरसों (NEW MUSTARD ) - 5300 आवक (ARRIVAL) 7000 खैरथल (KHAIRTHAL) नई सरसों (NEW MUSTARD) - 5300 आवक (ARRIVAL) 6000

अनाज इंडिया XX समाचार 23 मार्च 2023 MUSTARD SEED (सरसों: Rs / 100kg)

AGRA (आगरा) : 6025 BHARATPUR (भरतपुर) : 5225 (-16) ALWAR (अलवर) : 5300/5350 (50) KOTA (कोटा): 4800/5200 (+0)


SUMERPUR (सुमेरपुर) : 5300 (+0)


NAGAUR (नागौर): 4500/5000 (+0)


BIKANER (बीकानेर) : 4800/5200 (+0)


DEESA (डीसा) : 4750/4950 (25) JODHPUR (जोधपुर) : 5300 (+0)


सरसों (MUSTARD)


कोटा (KOTA) 4800/5250+0


आवक (ARRIVAL)-12000/15000


गंगापुर सिटी (GANGAPUR CITY) नई सरसों (NEW MUSTARD)-5260/5270


आवक (ARRIVAL) 3000 / 4000


सरसों तेल कच्ची घानी


(MUSTARD OIL KACHCHI GHANI)-1070/1075 सरसों तेल एक्सपेलर (MUSTARD OIL


ऍक्स्प)-1060/1065


खल (खल)-2390/2400


सरसों खल (SARSON KHAL)


आगरा सलोनी (AGRA SALONI)


(60KG.पैकिंग PACKING)-2731


(70KG.पैकिंग PACKING)-2721


एमपी सोया रिफाइंड (+जीएसटी)


(MP SOYA REFIND +GST)


धानुका (DHANUKA)-1035


ऐवी एग्रो (AVI AGRI)-1050


हरिओम रिफाइनरी अमृत मंदसौर (HARIOM REFINERYAMRIT MANDSAUR ) -1035


वर्धमान सॉल्वेंट अंबिका कालापीपल (VARDHMAN


SOLVENT AMBIKA KALAPIPAL)-1039


विप्पी (VIPPY)-1057


बजरंग (BAJRANG)-1055


केशव (KESHAV)-1045


दिव्या ज्योति (DIVYA JYOTI)-1040


नीमच प्रोटीन (NEEMUCH PROTEIN) - 1030


प्रकाश (PRAKASH)-1045 लक्ष्मी (LAXMI)-1055


श्री महेश (SHRI MAHESH)-1045


खंडवा ऑयल (KHANDWA OIL) - 1050


एमएस सोलवेक्स नीमच (MS SOLVEX


NEEMUCH)-1030


MUSTARD CAKE (सरसों खल: Rs/100kg)


ALWAR (अलवर) : 2470 (10)


BHARATPUR (भरतपुर) : 2510 (20)


KOTA (कोटा) : 2360 (+0) SUMERPUR (सुमेरपुर) : 2480 (+9)


JODHPUR (जोधपुर) : 2480 (+9)


*


* सोया प्लांट महाराष्ट्र ( SOYA PLANT MAH.)*


* धुलिया (DHULIA ) *


संजय (SANJAY) - 5250-100


महाराष्ट्र (MAH.) - 5290-30


नंदूरबार (NANDURBAR ) - 5290-30


गंगाखेड़ (GANGAKHED)-5275-35 * नांदेड (NANDED)*


साईस्मरण -5350+0 हिंगोली


शिवपार्वती (SHIVPARVATI ) - 5350-25


उदगीर


देश एग्रो (DESH AGRO) - 5350-31


* कोल्हापुर (KOLHAPUR ) *


सन स्टार (SUN STAR ) - 5380-47


* बार्शी (BARSHI) *


दर्शन सॉल्वेंट (DARSHANA SOLVENT) - 5391-20


बारां (BARAN)


नई सरसों (NEW MUSTARD) - 4500 / 5240 आवक (ARRIVAL) 28000/30000


नमी वाले 4500/4650


हल्के माल 4500/4550


रूखे36/384700/4800


सर्वश्रेष्ठ 5100/5240


तक


राजकोट धवल


एमपी / यूपी (1/2/2) बेस्ट हलिंग MP/UP (1/2/2) Best


हलिंग -14200+100


राज/गुजरात (1/2/2)) बेस्ट हलिंग Raj./ Guj.(1/2/2)


बेस्ट हलिंग - 14700+100


गुजरात सुम्मेर (99/1/1)- (GUJRAT SUMMER


99/1/1)-एएस पार नमूना


सरसों (SARSON)


गोयल कोटा नई (GOYAL KOTA NEW )-5550+0


ग्वालियर (GWALIOR)


नई सरसों (NEW MUSTARD)-4700/5150-50


आवक (ARRIVAL) 4000


अलीगढ (ALIGARH)


नई सरसों (NEW MUSTARD) - 5050 - 50


आवक (ARRIVAL) 800/900


* राजस्थान सोया प्लांट*


* (RAJ. SOYA PLANT)* शिव एडिबल (SHIV EDIBLE ) - 5400+0 गोयल प्रोटीन्स (GOYAL PROTEINS ) - 5400+0


* सोया प्लांट एमपी * अग्रवाल नीमच 5400 एग्रो सॉल्वेंट, दतिया 5375 अवि एग्री उज्जैन 5350 बंसल, मंडीदीप 5400 बैतूल तेल, बैतूल 5475 कोरोनेशन, ब्यावरा 5425


0/0/10 5525


धानुका, नीमच 5420 0/4/10 5530 धीरेंद्र सोया नीमच 5440 हरिओम रिफाइनरी (अमृत), मंदसूर 5425 एन एग्री, इटारसी ऑयल्स 5350 लाभांशी एग्रीटेक, देवास 5370 आईडिया लक्ष्मी देवास 5300 केपी सॉल्वेक्स, निवारी 5375


3/10/10-75


खंडवा ऑयल्स 5350


कृति (कस्ता ) देवास 5300


लिविंग फूड, शुजालपुर 5380


मित्तल सोया, देवास 5375


एमएस सोलवेक्स, नीमच 5400


एमएस सोया, पचोर 5360


पतंजलि फूड 5300


(रुचि सोया मांगलिया ) प्रकाश, पीथमपुर 5350


प्रेस्टीज, देवास 5400 रामा, धर्मपुरी 5350


आर एच सोलवेक्स, सिवनी


2/2/10 सोयाबीन 5300


42/5/0 सरसों 5100


सांवरिया इटारसी 5400


श्री महेश रिफाइनरी 5350


सोनिक बायोकेम 5350


सालासर हरदा 5425


स्नेहिल सोया, देवास 5351 स्काईलार्क प्रोटीन प्राइवेट लिमिटेड झालारा जिला उज्जैन


5400


सूर्या फूड मंदसौर 5410


वर्धमान सॉल्वेंट (अंबिका), कालापीपल 5350


विप्पी, देवास 5325

आयात पड़ते महंगे होने से लेमन अरहर एवं उड़द तेज, देसी मसूर के साथ चना मंदा

नई दिल्ली। दाल मिलों की हाजिर मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में बुधवार को लेमन अरहर के साथ ही उड़द की कीमतों में तेजी दर्ज की गई, जबकि देसी मसूर के साथ ही चना के दाम कमजोर हो गए। मूंग की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेजी बनी रही।


व्यापारियों के अनुसार आयातित उड़द महंगी है, इसलिए आयातक दाम घटाकर बिकवाली नहीं कर रहे हैं, जबकि उत्पादक राज्यों में खराब मौसम का असर भी। मौसम विभाग के अभी देश के कई राज्यों में मौसम खराब रहने की भविष्यवाणी की है, अत: मौसम खराब रहा तो घरेलू बाजार में इसके भाव में अभी ज्यादा मंदे की उम्मीद नहीं है। हालांकि उड़द दाल में बढ़े दाम पर दक्षिण भारत की मांग कमजोर हुई है, जिस कारण मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। जानकारों के अनुसार अप्रैल मध्य तक बर्मा से आयातित उड़द ज्यादा मात्रा में आयेगी। उड़द में बढ़े भाव में स्टॉक हल्के करते रहना चाहिए।

घरेलू बाजार में लेमन अरहर के दाम तेज हुए हैं। बर्मा से लेमन अरहर के आयात पड़ते महंगे हैं, जिस कारण घरेलूू बाजार में नीचे दाम पर बिकवाली कमजोर हुई है। उत्पादक मंडियों में देसी अरहर की आवक पहले की तुलना में घटी है, इसलिए स्टॉकिस्ट अरहर के दाम तेज कर रहे हैं।  जानकारों के अनुसार घरेलू बाजार में अरहर दाल में उठाव सामान्य की तुलना में कमजोर है, इसलिए दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। बर्मा के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी जारी रहेगा। इसलिए अरहर की कीमतों में बड़ी तेजी अभी टिक नहीं पायेगी।

कर्नाटक की गुलबर्गा मंडी में नई अरहर की आवक 10 हजार कट्टों की हुई तथा इसके भाव 8000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। लातूर मंडी में नई अरहर के बिल्टी दाम 8450 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

गुलबर्गा मंडी में नए चना के भाव 4600 से 4700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे, तथा आवक 3,000 कट्टों की हुई।

चंदौसी मंडी में उड़द के दाम 100 रुपये तेज होकर बिल्टी भाव 7,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

बरेली मंडी में मध्य प्रदेश की मसूर के दाम 50 घटकर 6,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, इस दौरान उत्तर प्रदेश लाइन की मसूर के भाव भी 50 कमजोर होकर 6,300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। कानपुर मंडी में उत्तर प्रदेश लाइन की नई मसूर के दाम 6,275 रुपये और मध्य प्रदेश लाईन की मसूर के भाव भी 6,275 प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए।

मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से मसूर की फसल को नुकसान हुआ है। जानकारों के अनुसार आगे मौसम अनुकूल रहा तो नई फसल की आवक अप्रैल के पहले सप्ताह में बढ़ेगी। इसलिए मसूर की कीमतों में तेजी, मंदी मौसम पर भी निर्भर करेगी। हालांकि चालू चालू रबी सीजन में मसूर की बुआई बढ़ी है तथा उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। उधर कनाडा के साथ ही ऑस्ट्रेलिया से आयात बना रहेगा।

दाल मिलों की मांग घटने से दिल्ली में चना के दाम दूसरे दिन भी कमजोर हुए हैं, हालांकि खराब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान को देखते हुए व्यापारी अभी ज्यादा मंदे में नहीं है। उत्पादक राज्यों में खराब मौसम जारी रहा तो, चना के भाव में आगे सुधार आ सकता है। नेफेड ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और गुजरात में एमएसपी पर 1,13,476 टन चना की खरीद की है, जबकि नेफेड सभी राज्यों में चना की बिक्री पहले ही बंद कर चुकी है।

दिल्ली में मूंग के भाव लगातार तीसरे दिन 100 रुपये तेज हो गए, उत्पादक राज्यों में खराब मौसम का असर मूंग की फसल पर पड़ रहा है। हाजिर बाजार में अच्छी क्वालिटी की उपलब्धता कम है, इसलिए मूंग के भाव में हल्का सुधार और भी बन सकता है। हालांकि मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, जिस कारण दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। चालू रबी सीजन में मूंग की बुवाई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

दाल मिलों की मांग बढ़ने से दिल्ली में उड़द एफएक्यू नई एवं पुरानी के दाम 125-125 रुपये तेज होकर भाव क्रमश: 7725 रुपये और 7650 से 7675 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस दौरान नई उड़द एसक्यू के दाम 125 रुपये तेज होकर 8400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जबकि पुरानी उड़द एसक्यू के दाम 125 रुपये बढ़कर 8325 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में नई उड़द एफएक्यू की कीमतों में 50 रुपये की तेजी आकर भाव 7450 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

चेन्नई में उड़द एसक्यू के दाम हाजिर डिलीवरी के दाम 25 रुपये तेज होकर 8100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। इस  दौरान उड़द एफएक्यू के भाव 50 रुपये तेज होकर 7400 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दाल मिलों की खरीद बढ़ने से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर के भाव 75 रुपये तेज होकर दाम 8325 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

इस दौरान चेन्नई में लेमन अरहर के भाव 50 रुपये बढ़कर 8025 से 8050 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गए।

दाल मिलों की मांग बढ़ने के कारण मुंबई में लेमन अरहर के दाम 50 रुपये तेज होकर भाव 8050 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। मोजाम्बिक लाइन की गजरी अरहर की कीमतें 6500 रुपये प्रति क्विंटल स्थिर हो गई। मोजाम्बिक की सफेद अरहर के भाव 6700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सूडान से आयातित अरहर के दाम 8000 से 8050 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। इस दौरान तंजानिया की अरुषा अरहर के दाम 6850 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल स्थिर हो गए। मलावी से आयातित अरहर के दाम 6150 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दाल मिलों की मांग कमजोर होने से दिल्ली में मध्य प्रदेश की मसूर के दाम 100 रुपये कमजोर कमजोर होकर भाव 6,200 प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान कनाडा की मसूर के दाम 6,100 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5750 से 5775 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,850 से 5,875 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,125 से 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,200 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में राजस्थान के नए चना के भाव 25 रुपये कमजोर होकर दाम 5150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि पुराने चना के दाम 25 रुपये घटकर 5250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश के चना के भाव 25 रुपये नरम होकर 5225 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

राजस्थान लाईन की मूंग की कीमतें दिल्ली में लगातार तीसरे दिन 100 रुपये तेज होकर 8600 से 8700 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

मौसम विभाग के अनुसार 23 एवं 24 मार्च को फिर बारिश एवं ओलावृष्टि का अनुमान

नई दिल्ली। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से पिछले तीन, चार दिनों में देश के कई राज्यों में गेहूं के साथ ही दलहन एवं तिलहन की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं भारतीय मौसम विभाग, आईएमडी ने 23 एवं 24 मार्च को उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश एवं ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।


आईएमडी के अनुसार 23 से 24 मार्च को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना के साथ ही 23 मार्च की शाम से उत्तर-पश्चिम भारत में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।

मौसम की जानकारी देने वाली स्काईमेट के अनुसार एक ट्रफ निचले स्तरों पर दक्षिण श्रीलंका से पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के आंतरिक तमिलनाडु, रायलसीमा, तेलंगाना और विदर्भ होते हुए जा रही है।

एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है। इसके अलावा एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम राजस्थान पर बना हुआ है। एक ट्रफ हरियाणा से होते हुए उत्तर प्रदेश, दक्षिण बिहार और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक फैली हुई है।

अगले 24 घंटों के दौरान पंजाब, राजस्थान, गुजरात, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी विदर्भ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इस दौरान पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा के कुछ हिस्सों, पश्चिम बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात संभव है। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और हिमपात हो सकता है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में एक या दो मध्यम बारिश हो सकती है।

24 मार्च को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मध्यम हवाओं के साथ छिटपुट बारिश और छिटपुट ओलावृष्टि संभव है।

पिछले 24 घंटों के दौरान, तटीय आंध्र प्रदेश और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात हुआ।

उत्तर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, झारखंड, आंतरिक ओडिशा, बिहार, पूर्वोत्तर भारत, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान के एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।

जम्मू कश्मीर, पूर्वोत्तर राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा, दक्षिण गुजरात तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक तमिलनाडु में हल्की बारिश हुई।

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री और पश्चिमी हिमालय पर लगभग 5 से 7 डिग्री कम रहा।

22 मार्च 2023

मिलों की खरीद कम होने से चना एवं अरहर में मंदा, मूंग के दाम दूसरे दिन तेज

नई दिल्ली। दाल मिलों की मांग कमजोर होने से घरेलू बाजार में मंगलवार को अरहर एवं चना की कीमतों में गिरावट आई, जबकि मूंग के दाम लगातार दूसरे दिन तेज हो गए। उड़द की कीमतों इस दौरान जहां मिलाजुला रुख रहा, वहीं मसूर के दाम लगभग स्थिर हो गए।


व्यापारियों के अनुसार मार्च क्लोजिंग के कारण दालों में व्यापार कमजोर रहेगा, वैसे भी बढ़े दाम पर दालों में खुदरा के साथ ही थोक मांग घटी है, इसलिए इनके भाव में अभी सीमित तेजी, मंदी बनी रहने के आसार हैं।

हाल ही में देश के कई राज्यों में हुई बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से चना, मसूर, उड़द एवं मूंग की फसल को नुकसान हुआ है, साथ ही प्रभावित राज्यों की मंडियों में दलहन की आवकों में भी कमी आई है।  

व्यापारियों के अनुसार बढ़े दाम पर दाल मिलों की खरीद कम होने से सुबह के सत्र में आयातित उड़द के दाम कमजोर हुए थे, लेकिन आयातकों की बिकवाली कम आने से शाम के सत्र में चेन्नई में इसके भाव में सुधार आया। जानकारों के अनुसार मौसम खराब बना रहा तो घरेलू बाजार में इसके भाव में अभी ज्यादा मंदे की उम्मीद नहीं है। वैसे भी बर्मा से आयातित उड़द, देसी के मुकाबले महंगी है। हालांकि जानकारों के अनुसार उड़द दाल में बढ़े दाम पर दक्षिण भारत की मांग कमजोर हुई है, तथा मौसम अनुकूल होने के बाद उत्पादक मंडियों रबी उड़द की आवक बढ़ेगी।

बर्मा से अरहर एवं उड़द के अप्रैल के पहले सप्ताह तक करीब 1,800 से 2,000 कंटेनर भारतीय बंदरगाह पर पहेंचे।

घरेलू बाजार में लेमन अरहर के साथ ही देसी अरहर के दाम कमजोर हुए हैं। बर्मा में लेमन अरहर के दाम नरम होने के साथ ही घरेलू बाजार में अरहर दाल में उठाव कमजोर होने से भाव में मंदा आया है। हालांकि बर्मा से अरहर के आयात पड़ते अभी भी महंगे हैं, इसलिए स्टॉकिस्ट इसके भाव में ज्यादा मंदे में नहीं है। जानकारों के अनुसार बढ़े दाम पर खुदरा एवं थोक में दाल में मांग कमजोर है, जिस कारण दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही हैं। बर्मा के साथ ही अफ्रीकी देशों से अरहर का आयात अभी जारी रहेगा। इसलिए अरहर की कीमतों में तेजी, मंदी बनी रह सकती है।

हिंगनघाट मंडी में नई अरहर के भाव 100 रुपये कमजोर होकर 7700 से 8875 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि दैनिक आवक 2,500 बोरियों की हुई। अकोला मंडी में नई अरहर के बिल्टी दाम 8525 से 8550 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

अकोला मंडी में नए चना के भाव 4400 से 4825 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे, तथा आवक 5,000 कट्टों की हुई।

चंदौसी मंडी में उड़द के दाम 100 रुपये कमजोर होकर बिल्टी भाव 7,400 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

ललितपुर मंडी में मसूर के दाम 5,600 से 6,300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए, तथा आवक 10,000 कट्टों की हुई। कानपुर मंडी में उत्तर प्रदेश लाइन की नई मसूर के दाम 50 रुपये तेज होकर 6,275 रुपये और मध्य प्रदेश लाईन की मसूर के भाव 75 रुपये तेज होकर 6,275 प्रति क्विंटल बोले गए।

प्रमुख उत्पादक राज्यों मध्य प्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश में खराब मौसम से मसूर की फसल को नुकसान हुआ है, जिस कारण देसी मसूर के दाम तेज हैं। हालांकि बंदरगाह पर आयातित मसूर के भाव स्थिर बने रहे। जानकारों के अनुसार उत्पादक राज्य में मौसम खराब रहने से स्टॉकिस्ट भाव तेज कर रहे हैं। वैसे भी इस समय नई फसल की कटाई चल रही है, ऐसे में बारिश या फिर ओलावृष्टि से जहां नई फसल की आवक प्रभावित होगी, वहीं क्वालिटी को भी नुकसान हेागा। इसलिए मसूर के भाव में हल्की तेजी और बन सकती है। हालांकि चालू चालू रबी सीजन में मसूर की बुआई बढ़ी है तथा उत्पादन अनुमान भी ज्यादा है। उधर कनाडा के साथ ही ऑस्ट्रेलिया से आयात बना रहेगा।

दाल मिलों की मांग घटने से दिल्ली में चना के दाम कमजोर हुए हैं, हालांकि खराब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान को देखते हुए व्यापारी अभी ज्यादा मंदे में नहीं है। उत्पादक राज्यों में खराब मौसम जारी रहा तो, चना के भाव में सुधार आ सकता है। नेफेड ने सभी राज्यों में चना की बिक्री बंद कर दी है, साथ ही एमएसपी पर चना की खरीद में भी पहले की तुलना में तेजी आई है।

दिल्ली में मूंग के भाव लगातार दूसरे दिन 100 रुपये तेज हो गए, उत्पादक राज्यों में खराब मौसम का असर मूंग की फसल पर पड़ रहा है, इसलिए मूंग के भाव में हल्का सुधार और भी बन सकता है। हालांकि मूंग दाल में ग्राहकी सामान्य की तुलना में कमजोर है, जिस कारण दाल मिलें केवल जरुरत के हिसाब से ही खरीद कर रही है। चालू रबी सीजन में मूंग की बुवाई पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।

दाल मिलों की मांग घटने से दिल्ली में उड़द एफएक्यू नई एवं पुरानी के दाम 50-50 रुपये कमजोर होकर भाव क्रमश: 7600 से 7625 रुपये और 7525 से 7550 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान नई उड़द एसक्यू के दाम 75 रुपये कमजोर होकर 8275 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि पुरानी उड़द एसक्यू के दाम 50 रुपये घटकर 8200 से 8225 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

मुंबई में नई उड़द एफएक्यू की कीमतें 7400 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई।

चेन्नई में उड़द एसक्यू के दाम हाजिर डिलीवरी के शाम के सत्र में 25 रुपये तेज होकर 8075 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।

दाल मिलों की खरीद कमजोर होने से दिल्ली में बर्मा की लेमन अरहर के भाव 50 रुपये कमजोर होकर दाम 8250 से 8275 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

इस दौरान चेन्नई में लेमन अरहर के भाव 50 रुपये घटकर 8000 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गए।

दाल मिलों की सीमित मांग के कारण मुंबई में लेमन अरहर के दाम 8050 रुपये प्रति क्विंटल स्थिर हो गए।

मुंबई में अफ्रीकी देशों से आयातित अरहर की कीमतें स्थिर बनी रही। मोजाम्बिक लाइन की गजरी अरहर की कीमतें 6500 रुपये प्रति क्विंटल स्थिर हो गई। मोजाम्बिक की सफेद अरहर के भाव 6700 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। सूडान से आयातित अरहर के दाम 8000 से 8050 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। इस दौरान तंजानिया की अरुषा अरहर के दाम 6850 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल स्थिर हो गए। मलावी से आयातित अरहर के दाम 6150 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।

दाल मिलों की सीमित मांग से दिल्ली में कनाडा और मध्य प्रदेश की मसूर के दाम क्रमश: 6,050 रुपये और 6,275 प्रति क्विंटल पर स्थिर बने रहे।

मुंद्रा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के दाम 5750 से 5775 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। इस दौरान हजिरा बंदरगाह पर कनाडा की मसूर के भाव 5,850 से 5,875 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। कनाडा की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,125 से 6,150 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की मसूर की कीमतें कंटेनर में 6,200 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर स्थिर हो गई।

दिल्ली में राजस्थान के नए चना के भाव 75 रुपये कमजोर होकर दाम 5150 से 5175 रुपये प्रति क्विंटल रह गए, जबकि पुराने चना के दाम 50 रुपये घटकर 5250 से 5275 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान मध्य प्रदेश के चना के भाव 25 रुपये नरम होकर 5250 से 5275 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।

राजस्थान लाईन की मूंग की कीमतें दिल्ली में लगातार दूसरे दिन 100 रुपये तेज होकर 8500 से 8600 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। 

गेहूं की एमएसपी पर खरीद के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने पंजीकरण पोर्टल दोबारा खेला

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की सरकारी खरीद के लिए किसानों से पंजीकरण कराने के लिए लिए पोर्टल को तीन दिन 22 से 24 मार्च तक फिर से खोल दिया है।  


21 मार्च को राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार किसान गेहूं बेचने के लिए 22 से 24 मार्च 2023 तक पंजीकरण करा सकेंगे। सरकारी खरीद पोर्टल पर पंजीकरण 5 मार्च को बंद हो गया था।

राज्य सरकार के अपर सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अपर सचिव द्वारा सभी जिलाधिकारियों को भेजे आदेश में कहा गया है कि राज्य में मार्च में असामयिक वर्षा के चलते किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने के लिए किसान पंजीकरण के लिए 22 मार्च से 24 मार्च, 2023 के लिए पंजीयन पोर्टल को दोबारा खोला जायेगा।

सरकार ने तय किया है कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम क्षेत्र में गेहूं की सरकारी खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। जबकि जबलपुर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी।

केंद्र सरकार ने चालू रबी विपणन सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 2,125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है।

जानकारों के अनुसार राज्य के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि होने के कारण रबी की प्रमुख फसल गेहूं के साथ ही अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। 

मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान

नई दिल्ली। बेमौसम बरसात एवं ओलावृष्टि से मध्य प्रदेश के किसानों की फसलों के नुकसान का जायजा लेने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को खेतों का जायजा लिया। उन्होंने सागर जिले में प्रभावित गांवों का दौरा करते हुए खराब हुई फसलों को देखने के बाद कहा कि 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर 32 हजार रुपये की राहत राशि किसानों को दी जाएगी।


मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले की गुलाबगंज तहसील के ग्राम मूडरा गणेशपुर में ओलावृष्टि एवं अतिवर्षा से प्रभावित फसलों का अवलोकन लिया और संकटग्रस्त किसानों को सहायता का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि किसान खेत में सिर्फ पानी नहीं अपने खून-पसीने की बूंदे भी टपकाते हैं, तब जाकर घर में अन्न के दाने आते हैं। लेकिन फसल आने से पहले अगर प्राकृतिक आपदा आ जाए तो किसान बुरी तरह टूट जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर प्रति हेक्टेयर 32 हजार रुपये की राहत राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ फसल ही नहीं अन्य नुकसान की भी पूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी।

सागर जिले में खेतों का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना की कार्रवाई भी तत्काल प्रारंभ कर दी गई है। राहत राशि और फसल बीमा योजना दोनों को मिलाकर किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। जिन किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान होगा, उनकी कर्ज वसूली स्थगित कर दी जाएगी और ब्याज सरकार भरवाएगी। साथ ही अगली फसल पर किसानों को 0 फीसदी ब्याज पर ही कर्ज मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पहले ही फसल सर्वे के आदेश दे दिए गए हैं। हर किसान के खेत का ईमानदारी से सर्वे होगा। गेहूं, चना, मसूर, सरसों और हॉर्टिकल्चर सहित सभी फसलों का सर्वे किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को राहत देने के लिए उदारतापूर्वक सर्वे हो और कोई कोताही न बरती जाए।

बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से रबी फसलों को नुकसान, मध्य प्रदेश में सर्वे कराएगी सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि बेमौसम बारिश और पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई ओलावृष्टि से गेहूं सहित रबी की अन्य फसलों को कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन अभी राज्यों से इस बारे में रिपोर्ट नहीं मिली है।


कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने के अनुसार राज्य सरकारे राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के तहत धन का उपयोग कर रही हैं। चौधरी ने कहा कि कुछ नुकसान हुआ है। हमें राज्य सरकारों से नुकसान के आकलन की रिपोर्ट नहीं मिली है।

मंत्री ने कहा कि अगर राज्य सरकारें क्षति की मात्रा का आकलन करने के बाद रिपोर्ट जमा करती हैं तो केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) के तहत मुआवजा प्रदान करेगा।

जानकारों के अनुसार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, चना, मूंग, उड़द आदि की फसलों को नुकसान हुआ है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि ओलावृष्टि के कारण निर्मित संकट में राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सर्वे में कोई लापरवाही ना हो, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ सर्वे हो और प्रत्येक प्रभावित किसान को राहत मिले इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने आज निवास पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ओलावृष्टि से हुई फसलों की क्षति और किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों में सर्वे दल गठित कर सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया गया है। एक सप्ताह में सर्वे कार्य पूर्ण कर किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाएगी। सर्वे के लिए राजस्व, कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के अमले के संयुक्त दल गठित किए जाएंगे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पिछले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश हुई है, साथ ही कई क्षेत्रों में ओले गिरे हैं।

आईएमडी अपने दैनिक पूर्वानुमान में कहा कि 20 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर और उत्तराखंड में 21 मार्च को, आंधी, बिजली, तेज़ हवा और ओलावृष्टि की संभावना है।

इस बीच, आईएमडी ने पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के किसानों को गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई स्थगित करने की सलाह दी है। पक चुकी फसलों के मामले में आईएमडी ने किसानों को सलाह दी है कि वे कुछ राज्यों में जल्द से जल्द सरसों और चने जैसी फसलों की कटाई करें और सुरक्षित स्थानों पर उनका भंडारण करें। किसानों को फसल के पौधे को गिरने से बचाने के लिए गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं करने को भी कहा गया है।

रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की देश के कुछ हिस्सों में कटाई शुरू हो चुकी है। कृषि मंत्रालय ने दूसरे आरंभिक अनुमान में फसल सीजन 2022-23 में गेहूं का रिकार्ड 11.22 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का अनुमान जारी किया है।

चालू रबी सीजन में सरसों का उत्पादन बढ़कर 115.25 लाख टन होने का अनुमान - एसईए

नई दिल्ली। चालू रबी सीजन में देश में उत्पादन का उत्पादन 7.5 फीसदी बढ़कर 115.25 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल इसका उत्पादन 110 लाख टन का हुआ था।


सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसईए द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार चालू रबी में औसतन प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 1,203 किलोग्राम की बैठ रही है। एसईए के अनुसार चालू रबी में सरसों की बुआई 95.77 लाख हेक्टेयर में होने का अनुमान है, जबकि कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी में 98.02 लाख हेक्टेयर में सरसों की बुआई हुई है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अपने दूसरे आरंभिक अनुमान में चालू रबी में 119.63 लाख टन सरसों के उत्पादन का अनुमान जारी किया है।

एसईए के अनुसार चालू रबी में प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान में सरसों का उत्पादन 44.95 लाख टन, मध्य प्रदेश में 18.03 लाख टन और उत्तर प्रदेश में 16.69 लाख टन के उत्पादन का अनुमान है। अन्य राज्यों में हरियाणा में 11.47 लाख टन, पश्चिम बंगाल में 7.42 लाख टन, गुजरात में पांच लाख टन, छत्तीसगढ़ में एक लाख टन, बिहार में 1.53 लाख टन और असम में 1.89 लाख टन होने का अनुमान है। 

अप्रैल से फरवरी के दौरान डीओसी का निर्यात 77 फीसदी बढ़ा - एसईए

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2022-23 के पहले ग्यारह महीनों अप्रैल-22 से फरवरी-23 के दौरान डीओसी का निर्यात 77 फीसदी बढ़कर 3,769,665 टन का हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इनका निर्यात केवल 2,132,367 का ही हुआ था।


साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसईए के अनुसार फरवरी-23 में देश से डीओसी का निर्यात 152 फीसदी बढ़कर 471,771 टन का हुआ है, जबकि पिछले साल फरवरी में इसका निर्यात केवल 187,661 टन का ही हुआ था।

एसईए के अनुसार अप्रैल 2022 में सोयाबीन के दाम घरेलू बाजार में 7,640 रुपये प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर पर थे, जोकि घटकर 5,200 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। अत: कीमतों में आई गिरावट से सोयाबीन की पेराई ज्यादा हुई साथ ही सोया डीओसी का निर्यात भाव वाजिब हो गया। 10 मार्च, 2023 तक अर्जेंटीना सोया डीओसी की कीमत एक्स-रॉटरडैम 608 अमेरिकी डॉलर थी, जबकि भारतीय सोया डीओसी के दाम एक्स-कांडला 560 डॉलर प्रति टन थे।

भारतीय सोया डीओसी के प्रमुख आयातक देश दक्षिण पूर्व एशिया के हैं, जहां भारत छोटे लॉट में भी आपूर्ति कर सकता है। इसके अलावा, भारतीय सोया डीओसी गैर जीएमओ होने का भी फायदा है और कुछ यूरोपीय देशों और यूएसए द्वारा इसका आयात किया जा रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया होने के कारण भी निर्यात को बढ़ावा मिला। नई सोयाबीन की घरेलू फरवरी आने के बाद नवंबर-22 से फरवरी-23 के दौरान सोया डीओसी बढ़कर 625,669 टन का हुआ है, इसके पिछले साल नवंबर-21 से फरवरी-22 के दौरान केवल 172,742 टन का ही निर्यात हुआ था।

एसईए के अनुसार चालू वित्त वर्ष (2022-23) के पहले ग्यारह महीनों के दौरान सरसों डीओसी के निर्यात ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है और इसने 2011-12 वित्त वर्ष के 12,48,000 टन के पहले के रिकॉर्ड निर्यात को तोड़ दिया है तथा चालू वित्त में अभी तक 20,51,409 टन का निर्यात हो चुका है। वर्तमान में भारत दक्षिण कोरिया, वियतनाम, थाईलैंड और अन्य सुदूर पूर्व देशों को 245 डॉलर प्रति टन, एफओबी पर भारतीय सरसों डीओसी का निर्यात सबसे सस्ता है। उधर हैम्बर्ग में सरसों डीओसी का एक्स-मिल भाव 379 डॉलर प्रति टन है। सरसों में तेल की मात्रा में बढ़ोतरी के साथ ही रिकार्ड सरसों डीओसी के निर्यात के कारण ही चालू रबी सीजन में देश में सरसों की बुआई बढ़कर 98.02 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले रबी सीजन में इसका की बुआई केवल 91.25 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी।

भारतीय बंदरगाह पर सोया डीओसी का भाव फरवरी 23 में घटकर औसतन 569 डॉलर प्रति टन रह गया, जबकि फरवरी 2022 में इसका दाम 776 डॉलर प्रति टन था। इसी तरह से सरसों डीओसी का भाव जनवरी 23 में घटकर भारतीय बंदरगाह पर 252 डॉलर प्रति टन रह गया, जबकि पिछले साल जनवरी 22 में इसका भाव 314 डॉलर प्रति टन था।

17 मार्च 2023

paddy or rice rate in 17 March 2023

 SUNGDHA SELA 6700 LOAD

LOADIND 1 APRIL

AFTER

SUNGDHA SELA 6625 LOAD 

BUNDI RAJASTHAN SE

1718 SELA 7800 LOAD

BUYER KS KE VYAPAR HUYE

AROUND 500 TON KE

#

AND

BUNDI RAJASTHAN SE

1718 SELA 7800/LOAD

NORMAL CONDITION

PER VYAPAR HUYE

AROUND 600 TON KE


--


1121 SELA REPORT


# YESTERDAY AVERAGE DEMAND IN 1121 SELA

# 1121 SELA TREND WEAK SIDE


HARYANA ALL OVERS SE

1121 SELA 8000 

FOR TARAORI

SHIV SHAKTI

KE KAM HUYE


--


1121 GOLDEN SELA REPORT


KAITHAL SE

1121 GOLDEN 8450

FOR TARAORI

SHIV SHAKTI

KE KAM HUYE


--


RAJASTHAN SE

1718 SELA 

7800 LOAD KS AFTER

(7800 LOAD STOCKISTS

LOADING 1 APRIL)


1509 SELA 7700 LOAD

EXPORTERS


SUNGDHA SELA 6625 LOAD 

EXPORTERS


NARELA MANDI DELHI

# ALL MOST UP QUALITY MEDIUM PADDY


1121 HAND 4560


1718 HAND 4500-4540


1509 HAND 4050


SUGANDHA HAND 3550


TOTAL ARIVAL 20,000 BAG

छठे दौर की ई-नीलामी में 4.91 लाख टन गेहूं बिका, खराब मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ाई

 नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम, एफसीआई ने बुधवार को छठे दौर की ई-नीलामी में 4.91 लाख टन गेहूं की बिक्री की जोकि कुल ऑफर 10.69 लाख टन का 46 फीसदी है। इस नीलामी में गेहूं का औसत बिक्री मूल्य 16 रुपये बढ़कर 2,214.32 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। देश के कई राज्यों में खराब मौसम ने गेहूं किसानों की चिंता बढ़ा दी है।


ओएमएसएस के तहत निर्धारित 45 लाख टन गेहूं में से छह दौर की ई-नीलामी में 34 लाख टन गेहूं की बिक्री की जा चुकी है।

महंगाई को नियंत्रण में रखने और गेहूं व इसके उत्पादों की कीमतों को घटाने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय पूल से 50 लाख टन गेहूं बेचने का फैसला किया है। इसमें से 45 लाख टन गेहूं की बिक्री भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की ओर से आटा मिलों, गेहूं उत्पाद निर्माताओं और बड़े व्यापारियों जैसे थोक खरीदारों को की जा रही है।

गुजरात और मध्य प्रदेश में गेहूं की दैनिक आवक शुरू हो गई है। हालांकि उत्पादक राज्यों में खराब ने गेहूं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 16 से 19 मार्च के बीच उत्तर भारत के राज्यों के साथ ही गुजरात, महारा/ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एवं कर्नाटक में बारिश होने का अनुमान जारी किया है। उत्तर भारत के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में 17 से 19 मार्च के दौरान बारिश, तेज हवाओं के साथ ही बिजली गिरने का अनुमान जारी किया है।

फरवरी में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात 9 फीसदी बढ़ा - उद्योग

नई दिल्ली। चालू तेल वर्ष 2022-23 (नवंबर-22 से अक्टूबर-23) के फरवरी महीने में देश में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 9 फीसदी बढ़कर 1,114,481 टन का हुआ है, जबकि पिछले साल फरवरी-22 में इनका आयात 1,019,997 टन का हुआ था।


सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसईए के अनुसार चालू तेल वर्ष 2022-23 के पहले चार महीनों नवंबर एवं फरवरी में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात इसके पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 26 फीसदी बढ़कर 5,887,900 टन का हुआ है। जबकि पिछले साल नवंबर से फरवरी के दौरान इनका आयात 4,691,158 टन का हुआ था।

एसईए के अनुसार जनवरी 2023 की तुलना में देश में फरवरी 2023 में वनस्पति तेलों का आयात 33 फीसदी कम हो गया। फरवरी में पाम ऑयल का आयात 8.34 लाख टन से 30 फीसदी घटकर 5.86 लाख टन का रह गया जबकि सोयाबीन तेल का आयात 3.67 लाख टन से 3 फीसदी घटकर 3.56 लाख टन का रह गया। इस दौरान सूरजमुखी तेल का आयात 4.61 लाख टन से 66 फीसदी घटकर 1.57 लाख टन का रह गया।

चालू तेल वर्ष के पहले चार महीनों में आरबीडी पामोलिन का आयात बढ़कर 8.20 लाख टन का हो गया, जो कुल पाम तेल आयात का लगभग 22.5 फीसदी है। अत: आरबीडी पामोलिन का आयात बढ़ने से घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को नुकसान हो रहा है। इसलिए आरबीडी पामोलिन पर 12.5 फीसदी आयात शुल्क के साथ ही 7.5 फीसदी अतिरिक्त कृषि उपकर लगाकर सीपीओ और रिफाइंड पामोलिन/पाम ऑयल के बीच शुल्क अंतर को मौजूदा 7.5 फीसदी से बढ़ाकर कम से कम 15 फीसदी करने की जरूरत है।

एसईए के अनुसार चालू रबी विपणन सीजन के लिए केंद्र सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है, जबकि विभिन्न मंडियों में सरसों एमएसपी से कम से कम 300 से 400 रुपये प्रति किलो नीचे बिक रही है। अत: सभी प्रमुख मंडियों में नेफेड द्वारा सरसों की खरीद एमएसपी पर तत्काल शुरू करने की आवश्यकता है।

जनवरी के मुकाबले फरवरी में आरबीडी एवं क्रूड पाम तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। फरवरी में भारतीय बंदरगाह पर आरबीडी पामोलिन का भाव तेज होकर 1,002 डॉलर प्रति टन हो गया, जबकि जनवरी में इसका भाव 982 डॉलर प्रति टन था। इसी तरह से क्रूड पाम तेल का भाव फरवरी में बढ़कर 1,015 डॉलर प्रति टन हो गया, जबकि जनवरी में इसका भाव 997 डॉलर प्रति टन था। हालांकि क्रूड सोयाबीन तेल का भाव जनवरी के 1,285 डॉलर से घटकर फरवरी में भारतीय बंदरगाह पर 1,274 डॉलर प्रति टन रह गया। क्रूड सनफ्लावर तेल का भाव जनवरी के 1,295 डॉलर प्रति टन से घटकर फरवरी में 1,224 डॉलर प्रति टन रह गया। 

उद्योग ने चौथी बार कॉटन का उत्पादन अनुमान घटाया, 313 लाख गांठ होने की उम्मीद

नई दिल्ली। उद्योग ने चालू फसल सीजन 2022-23 में चौथी बार कॉटन के उत्पादन अनुमान में कटौती की है। उद्योग द्वारा गुरुवार को जारी उत्पादन अनुमान के अनुसार चालू फसल सीजन में कुल 313 लाख गांठ, एक गांठ-170 किलो कॉटन का उत्पादन होने का अनुमान है, जोकि तीसरे आरंभिक अनुमान से 8.5 लाख गांठ कम है।


कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सीएआई ने 14 फरवरी 2023 को जारी किए गए अनुमान में 9 लाख गांठ की कटौती कर कुल उत्पादन का अनुमान 321.50 लाख गांठ का जारी किया था। इससे पहले 14 जनवरी 2023 को जारी किए गए अनुमान में 9.25 लाख गांठ कटौती कर कुल 330.50 लाख गांठ के उत्पादन का अनुमान जारी किया था। मालूम हो कि उद्योग ने 20 दिसंबर 2022 को कॉटन के आरंभिक उत्पादन अनुमान में 4.25 लाख गांठ कटौती की थी। सीएआई ने 14 नवंबर 2022 को 344 लाख गांठ के उत्पादन का अनुमान जारी किया था।

सीएआई के अनुसार चालू फसल सीजन में कॉटन का आयात 12 लाख गांठ ही होने का अनुमान है, जबकि इसके पिछले फसल सीजन में 14 लाख गांठ का आयात हुआ था। पहली अक्टूबर से 28 फरवरी 2023 तक 6 लाख गांठ कॉटन भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुकी है।

कॉटन का निर्यात चालू सीजन में 30 लाख गांठ ही होने का अनुमान है, जोकि पिछले फसल सीजन के 43 लाख गांठ से 13 लाख गांठ कम है। पहली अक्टूबर से 28 फरवरी 2023 तक 8 लाख गांठ कॉटन का ही निर्यात हो चुका है।

चालू फसल सीजन 2022-23 में पंजाब में कपास का उत्पादन 2.50 लाख गांठ, हरियाणा में 11 लाख गांठ, अपर राजस्थान में 17 लाख गांठ तथा लोअर राजस्थान में 10.50 लाख गांठ होने का अनुमान है। अतः: उत्तर भारत के राज्यों में कपास का उत्पादन 41 लाख गांठ होने का अनुमान है।

प्रमुख कपास उत्पादक राज्य गुजरात में 94 लाख गांठ, महाराष्ट्र 78 लाख गांठ एवं मध्य प्रदेश में 19 लाख गांठ के उत्पादन का अनुमान है।

दक्षिण भारत के राज्यों में तेलंगाना में 38 लाख गांठ, आंध्र प्रदेश में 11.50 लाख गांठ एवं कर्नाटक में 20 लाख गांठ के अलावा तमिलनाडु में 5.50 लाख कॉटन के उत्पादन का अनुमान है। इसके अलावा ओडिशा में 3 लाख गांठ तथा अन्य राज्यों में 3 लाख गांठ कॉटन का उत्पादन होने का अनुमान है।

पहली अक्टूबर 2022 से शुरू हुए चालू फसल सीजन के पहले चार महीनों अक्टूबर से 28 फरवरी 23 के दौरान 154.84 लाख गांठ की आवक ही उत्पादक मंडियों में हुई है।

चालू पेराई सीजन के अंत 30 नवंबर 2023 के कॉटन का बकाया स्टॉक 26.89 लाख गांठ बचने का अनुमान है।

13 मार्च 2023

तेल मिलों की मांग कमजोर होने से सरसों के भाव घटे, दैनिक आवकों में बढ़ोतरी

नई दिल्ली। तेल मिलों की मांग कमजोर होने के कारण घरेलू बाजार में शुक्रवार को सरसों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 50 रुपये कमजोर होकर भाव 5,600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इस दौरान सरसों की दैनिक आवक बढ़कर 9.50 लाख बोरियों की हुई।


विदेशी बाजार में खाद्य तेलों के दाम कमजोर हुए है। मलेशिया में पाम तेल के उत्पादन में कमी आई है, साथ ही बकाया स्टॉक भी कम हुआ है। इसके बावजूद भी पाम तेल के दाम तीन सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए। मलेशियाई पाम ऑयल बोर्ड (एमपीओबी) के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी के अंत में मलेशिया में पाम तेल का भंडार पिछले महीने की तुलना में 6.6 फीसदी गिरकर 2.12 मिलियन टन रह गया, जो छह महीने में सबसे कम है।

व्यापारियों के अनुसार उत्पादक राज्यों में मौसम साफ हो गया है, जिससे आगामी दिनों में सरसों की दैनिक आवक बढ़ेगी। सरसों की कीमतों में हाल ही आई गिरावट के कारण स्टॉकिस्ट एवं मिलर्स भाव और नीचे आने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारों के अनुसार सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी पर खरीद शुरू होने के बाद ही भाव में सुधार आयेगा।

बर्सा मलेशिया डेरिवेटिव्स एक्सचेंज बीएमडी पर मई डिलीवरी वायदा अनुबंध में पाम तेल के भाव 107 रिंगिट यानी 2.54 फीसदी कमजोर होकर 4,098 रिंगिट प्रति टन रह गए। इस दौरान डालियान का सबसे सक्रिय सोया तेल वायदा अनुबंध 2.1 फीसदी गिर गया जबकि इसके पाम तेल के वायदा अनुबंध में 1.7 फीसदी की गिरावट आई। शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड में सोया तेल की कीमतें 0.2 फीसदी नीचे थीं।

जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी एवं एक्सपेलर की कीमतें शुक्रवार को 8-8 रुपये कमजोर होकर भाव क्रमशः 1092 रुपये और 1082 रुपये प्रति 10 किलो रह गई। इस दौरान सरसों खल की कीमतें 2400 रुपये प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर स्थिर बनी रही।

देशभर की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक शुक्रवार को बढ़कर 9.50 लाख बोरियों की हुई, जबकि इसके पिछले कारोबारी दिवस में इसकी आवक 8 लाख बोरियों की हुई थी। कुल आवकों में से प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मंडियों में 5 लाख बोरी, मध्य प्रदेश की मंडियों में एक लाख बोरी, उत्तर प्रदेश की मंडियों में 1.05 लाख बोरी, पंजाब एवं हरियाणा की मंडियों में 35 हजार बोरी तथा गुजरात में 70 हजार बोरी, तथा अन्य राज्यों की मंडियों में 1.40 लाख बोरियों की आवक हुई।

हरियाणा में 15 मार्च से शुरू होगी सरसों की एमएसपी पर खरीद

नई दिल्ली। हरियाणा की मंडियों से सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य, एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद 15 मार्च से शुरू की जायेगी। राज्य की उत्पादक मंडियों में सरसों के दाम एमएसपी से नीचे आ गए हैं, जिस कारण सरसों की खरीद तय समय से पहले शुरू की जायेगी। इससे पहले राज्य सरकार ने 28 मार्च से एमएसपी पर खरीद करने की घोषणा की थी।

राज्य की आदमपुर मंडी में शनिवार को सरसों के दाम घटकर 5,264 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। राज्य की ऐलनाबाद मंडी में इसके दाम घटकर 4,500 से 5,211 रुपये प्रति क्विंटल रहे। राज्य की सोनीपत मंडी में सरसों के भाव 5,200 रुपये और रेवाड़ी मंडी में 4700 से 5250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।  

राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार राज्य के किसानों को कई मंडियों में सरसों का एमएसपी नहीं मिल पा रहा है, इसीलिए सरकार ने 15 मार्च से सरसों की खरीद शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस बारे में हैफेड को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हैफेड न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर सरसों की खरीद करेगी। प्रदेश की 114 अनाज मंडियों में सरसों की एमएसपी पर खरीद की जाएगी।

चालू रबी सीजन में राज्य में सरसों की बुआई 18.16 लाख एकड़ भूमि में की गई है, तथा राज्य सरकार ने चालू रबी में 765 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से सरसों के 13.89 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया है।