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29 मार्च 2026

सीसीआई ने चालू सप्ताह में 956,300 गांठ कॉटन की बिक्री की, हाजिर बाजार में दाम नरम

नई दिल्ली। कॉटन कारपोरेशन आफ इंडिया, सीसीआई ने चालू सप्ताह में 16 से 20 मार्च के दौरान फसल सीजन 2025-26 की खरीदी हुई 956,300 गांठ कॉटन की बिक्री की। स्पिनिंग मिलों की मांग नरम होने से शनिवार को कॉटन की कीमतों में नरमी आई।


स्पिनिंग मिलों की मांग कमजोर होने के कारण शनिवार को शाम के सत्र में गुजरात के साथ ही उत्तर भारत में कॉटन की कीमतों में नरमी आई।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव शनिवार को 50 रुपये नरम होकर 55,800 से 56,100 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो रह गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव 5,500 से 5,690 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव 5,350 से 5,500 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 5,350 से 5,700 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम बढ़कर 52,000 से 53,000 रुपये कैंडी बोले गए।

गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में नरमी आई। व्यापारियों के अनुसार सीसीआई घरेलू बाजार में लगातार कॉटन बेच रही है तथा निगम के पास कॉटन का भारी, भरकम स्टॉक है। चालू सीजन में उत्पादन अनुमान तो ज्यादा है ही, साथ ही आयात भी बढ़ेगा, हालांकि मौजूदा भाव में जिनर्स की बिकवाली कम आ रही है। इसलिए अभी कॉटन की कीमतों में सीमित घटबढ़ बनी रह सकती है।

अमेरिका, इजरायल एवं ईरान युद्ध की वजह से मैन मेड फाइबर की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि हाल ही में क्रूड ऑयल की कीमतें में तेजी आई हैं। ऐसे में जानकारों का मानना है कि इसका असर नेचुरल फाइबर की मांग पर पड़ेगा। क्रूड ऑयल के बढ़ने से हाल ही के दिनों में पॉलिएस्टर फाइबर की कीमत 10-25 फीसदी तक बढ़ गई हैं। ऐसे में उद्योग को उम्मीद है कि सितंबर में खत्म होने वाले मौजूदा सीजन 2025-26 के दौरान कॉटन की खपत जनवरी में लगाए गए अनुमानों की तुलना में 10 लाख लाख गांठ, एक गांठ 170 किलो तक बढ़ जाएगी। इस समय भारतीय कॉटन सबसे सस्ती है।

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