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21 मार्च 2026

सीसीआई ने तीसरे कार्यदिवस में कॉटन के बिक्री भाव तेज किए, बिनौले के बिक्री दाम घटाए

नई दिल्ली। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने बुधवार को लगातार तीसरे कार्यदिवस में कॉटन की बिक्री कीमतों में 200 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी 356 किलो की बढ़ोतरी की। अत: स्पिनिंग मिलों की मांग बनी रहने के कारण बुधवार को शाम के सत्र में गुजरात के साथ ही उत्तर भारत के राज्यों में कॉटन की कीमतों में तेजी आई। इस दौरान निगम ने बिनौले की बिक्री कीमतों में कटौती की।


सीसीआई ने बुधवार को ई नीलामी के माध्यम से 5,19,800 क्विंटल बिनौले की बिक्री की पेशकश की। निगम ने इसके बिक्री भाव 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल तक कम किए। सीसीआई ने लगातार दूसरे दिन बिनौले की कीमतों में कटौती की है।

सीसीआई ने मंगलवार को भी कॉटन की बिक्री कीमतों में 500 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी 356 किलो की बढ़ोतरी की थी, जबकि इससे पहले सोमवार भी इसके बिक्री भाव 700 रुपये प्रति कैंडी तक बढ़ाये थे।

गुजरात के अहमदाबाद में 29 शंकर-6 किस्म की कॉटन के भाव बुधवार को 500 रुपये तेज होकर 55,500 से 56,000 रुपये प्रति कैंडी, एक कैंडी-356 किलो हो गए।

पंजाब में रुई हाजिर डिलीवरी के भाव बढ़कर 5,500 से 5,700 रुपये प्रति मन बोले गए। हरियाणा में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के भाव तेज होकर 5,300 से 5,500 रुपये प्रति मन बोले गए। ऊपरी राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 5,380 से 5,710 रुपये प्रति मन बोले गए। लोअर राजस्थान में रुई के भाव हाजिर डिलीवरी के दाम 51,500 से 52,500 रुपये कैंडी बोले गए।

घरेलू वायदा कारोबार में कॉटन की कीमतों में तेजी का रुख रहा। एमसीएक्स पर मार्च 26 के वायदा अनुबंध में कॉटन के भाव 540 रुपये तेज होकर 26,700 रुपये प्रति कैंडी हो गए। हालांकि इस दौरान आईसीई के इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग में कॉटन की कीमतों में नरमी का रुख रहा।

उधर विश्व बाजार में भी हाल ही में कॉटन के दाम तेज हुए हैं। अधिकांश स्पिनिंग मिलों के पास कॉटन का बकाया स्टॉक कम है। हालांकि सीसीआई घरेलू बाजार में लगातार कॉटन बेच रही है तथा निगम के पास कॉटन का भारी, भरकम स्टॉक है लेकिन सीसीआई द्वारा बिक्री दाम तेज करने से हाजिर बाजार में इसके दाम तेज हो रहे हैं।

चालू सीजन में उत्पादन अनुमान तो ज्यादा है ही, साथ ही आयात भी बढ़ेगा, हालांकि मौजूदा भाव में जिनर्स की बिकवाली कम आ रही है। ऐसे में घरेलू बाजार में कॉटन की कीमतों में तेजी, मंदी सीसीआई के बिक्री दाम पर भी निर्भर करेगी।

घरेलू बाजार में कॉटन की कुल उपलब्धता ज्यादा है, जबकि यार्न में स्थानीय मांग पहले की तुलना में बढ़ी है।

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