नई दिल्ली। पहली अक्टूबर 2025 से शुरू हुए चालू पेराई सीजन (अक्टूबर-25 से सितंबर-26) में चीनी का उत्पादन 4.39 फीसदी घटकर 283 लाख टन होने का अनुमान है जबकि पहले आरंभिक अनुमान में इसका उत्पादन 296 लाख टन होने की उम्मीद थी।
अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ, एआईएसटीए के अनुसार आरंभिक अनुमान में 296 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान लगाया था, लेकिन जिस तरह से हाल ही में देश के कई प्रमुख उत्पादक राज्यों में चीनी मिलों में पेराई बंद हुई है तथा गुड़ में गन्ने की खपत उम्मीद से ज्यादा हुई है, खासकर के उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में। अत: दूसरे आरंभिक अनुमान में इसको घटाकर 283 लाख टन कर दिया है।
एआईएसटीए के अनुसार चालू सीजन में चीनी का कुल उत्पादन 315 लाख टन होने की उम्मीद है, जबकि इसमें से 32 लाख टन की खपत एथेनॉल में हो जायेगी। इसलिए कुल उत्पादन 283 लाख टन का होगा।
विश्व बाजार में चीनी के दाम पांच साल के न्यूनतम स्तर पर है इसलिए निर्यात में पड़ते नहीं लग रहे। केंद्र सरकार ने 20 लाख टन चीनी के निर्यात की जो अनुमति दी हुई है, उसमें से केवल पांच लाख टन के निर्यात के सौदे ही हुए हैं, जबकि शिपमेंट केवल 2.50 लाख टन की ही हुई है।
प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 99.7 लाख टन तथा उत्तर प्रदेश में 91 लाख टन एवं कर्नाटक में 48 लाख टन और तमिलनाडु में 7.80 लाख टन के अलावा गुजरात में 7.50 लाख टन तथा अन्य राज्यों में इसका उत्पादन 29 लाख टन होने का अनुमान है।
बुधवार को विश्व बाजार शुगर की कीमतों में तेजी आई। आईसीई रॉ शुगर कॉन्ट्रैक्ट 0.09 सेंट तेज होकर 14.46 सेंट प्रति lb हो गया। इस दौरान व्हाइट शुगर वायदा 2.70 बढ़कर 421.10 डॉलर प्रति टन हो गया।
दिल्ली में बुधवार को एम ग्रेड चीनी की थोक दाम 4,350 रुपये और मुंबई में 4,100 रुपये तथा कानपुर में 4,370 रुपये तथा कोलकाता में 4,340 रुपये प्रति क्विंटल रहे। इस दौरान दिल्ली में चीनी के खुदरा भाव 46 रुपये तथा कानपुर में 45 रुपये और मुंबई में 45 रुपये तथा कोलकाता में 46 रुपये प्रति किलो बोले गए।

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