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14 मार्च 2026

कैस्टर सीड का उत्पादन बढ़कर 17.60 लाख टन होने का अनुमान - एसईए

नई दिल्ली। फसल सीजन 2025-26 के दौरान देश में कैस्टर सीड का उत्पादन 11 फीसदी बढ़कर 17.60 लाख टन होने का अनुमान है। फसल सीजन 2024-25 के इसका उत्पादन 15.90 लाख टन का हुआ है।


सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसईए ने 27 और 28 फरवरी 2026 को गांधीनगर में हुए ग्लोबल कैस्टर कॉन्फ्रेंस 2026 में 2025-26 सीजन के लिए अपने कैस्टर क्रॉप सर्वे के नतीजे जारी किए हैं। इसमें देश का कुल कैस्टर सीड का उत्पादन 17.60 लाख टन होने का अनुमान जारी किया, जो कि पिछले साल की तुलना में 11 फीसदी ज्यादा है। सर्वे के अनुसार कैस्टर सीड के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मौसम फसल के अनुकूल रहा जिससे इसकी प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई। यह अनुमान फरवरी 2026 के पहले सप्ताह तक किए गए दो राउंड के फील्ड सर्वे पर आधारित हैं।

एसईए के अनुसार कैस्टर सीड के उत्पादन में बढ़ोतरी के मुख्य कारणों में समय पर बुआई तथा उत्पादक क्षेत्रों में अच्छी मानसूनी बारिश के साथ ही किसानों द्वारा ज्यादा पैदावार वाली किस्मों को बड़े पैमाने पर अपनाने से हुई है। सभी राज्यों में फसल की सेहत काफी हद तक ठीक-ठाक रही। हालांकि एकाध जगहों पर प्रतिकूल मौसम का असर फसल पर पड़ा है, लेकिन इससे कुल उत्पादन पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

गुजरात जोकि कैस्टर उत्पादन में सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है, इसका उत्पादन 13.65 लाख टन होने का अनुमान है, जो कि पिछले साल की तुलना में 9 फीसदी ज्यादा है। हालांकि राज्य में इसकी बुआई थोड़ी कम होकर 6.34 लाख हेक्टेयर में हुई, लेकिन अच्छे फसल मैनेजमेंट और अच्छे मौसम की वजह से उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई।

राजस्थान में कैस्टर सीड की बुआई 10 फीसदी बढ़कर 1.88 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि उत्पादन 18 फीसदी बढ़कर 3.22 लाख टन का होने का अनुमान। राज्य में समय पर बुआई, अच्छी मानसून बारिश और बाड़मेर, जालोर और जोधपुर जैसे खास जिलों में बेहतर फसल मैनेजमेंट से पैदावार में बढ़ोतरी हुई।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का कैस्टर सीड का कुल उत्पादन 0.58 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 0.54 लाख टन से ज्यादा है। अन्य राज्यों में चालू फसल सीजन में कैस्टर सीड का उत्पादन 15 हजार होने का अनुमान है, जोकि पिछले साल की तुलना में बढ़ा है।

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