नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अप्रैल के लिए 23 लाख टन चीनी का कोटा जारी किया है, जोकि मार्च 2026 में जारी किए गए 22.50 लाख टन से ज्यादा है लेकिन पिछले साल अप्रैल 2025 जारी कोटे की तुलना में कम है।
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने अप्रैल 2026 के लिए 23 लाख टन चीनी का मासिक कोटा जारी किया है, जोकि अप्रैल 2025 की तुलना में जारी किए गए 23.5 लाख टन की तुलना में 50 हजार टन कम है।
व्यापारियों के अनुसार गर्मियों के मौसम में बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अप्रैल 2026 के लिए मार्च 2026 की की तुलना में चीनी का कोटा बढ़ाया है। आमतौर पर अप्रैल और मई में चीनी की मांग पीक पर होती है। अत: माना जा रहा है कि 23 लाख टन का कोटा जारी के बाद बाजार में इसके दाम सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है।
देश में जल्द ही चीनी मिलों का पेराई सीजन खत्म होने की संभावना है, इसलिए सरकार चीनी आपूर्ति की स्थिति पर सावधानीपूर्वक नजर बनाए हुए है।
विश्व बाजार में चीनी की कीमतों में बढ़त जारी है तथा इसके दाम पांच महीने के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गए हैं। अत: घरेलू बाजार से चीनी के निर्यात में पड़ते लग रहे हैं। विश्व बाजार में दाम तेज होने के साथ ही रुपया कमजोर होने कारण चीनी के निर्यात में पड़ते लग रहे हैं, तथा हाल ही में करीब एक लाख टन के निर्यात सौदे हुए हैं। अगले महीने गर्मी का सीजन शुरू होने के बाद चीनी की घरेलू मांग भी बढ़ने की उम्मीद है।
घरेलू बाजार में दिल्ली में बुधवार को चीनी की थोक दाम 4,300 रुपये, कानपुर में 4,330 रुपये और मुंबई में 4,070 रुपये तथा कोलकाता में 4,280 रुपये प्रति क्विंटल रहे। दिल्ली में चीनी के खुदरा भाव इस दौरान 45 रुपये तथा कानपुर में 45 रुपये और मुंबई में 44 रुपये तथा कोलकाता में 45 रुपये प्रति किलो बोले गए।

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