नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दस महीनों अप्रैल 25 से जनवरी 26 के दौरान दलहन का आयात 18.50 फीसदी कमजोर होकर 48.99 लाख टन का ही हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इनका आयात 60.11 लाख टन का हुआ था। इस दौरान जहां पीली मटर, मसूर और चना के आयात में कमी आई है, वहीं अरहर एवं उड़द के आयात में बढ़ोतरी हुई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल 25 से जनवरी 26 के दौरान पीली मटर का आयात 49 फीसदी घटकर 10.01 लाख टन का ही हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका आयात 19.61 लाख टन का हुआ था।
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के के पहले दस महीनों के दौरान चना का आयात 20 फीसदी घटकर 6.88 लाख टन का ही हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका आयात 8.64 लाख टन का हुआ था।
मसूर का आयात चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से जनवरी के दौरान 24 फीसदी घटकर 7.37 लाख टन का ही हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका आयात 9.67 लाख टन का हुआ था।
अरहर का आयात चालू वित्त वर्ष के पहले दस महीनों में 15.56 फीसदी बढ़कर 13.54 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका आयात 11.71 लाख टन का ही हुआ था। इसी तरह से उड़द का आयात चालू वित्त वर्ष के अप्रैल 25 से जनवरी 26 के दौरान 35.38 फीसदी बढ़कर 9.04 लाख टन का हुआ है जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में इसका आयात केवल 6.68 लाख टन का ही हुआ था।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार दलहन आयात की मौजूदा पॉलिसी में बदलाव नहीं करेगी। सरकार आमतौर पर नए वित्त वर्ष से पहले दालों की आयात नीति का रिव्यू करती है, और मौजूदा पॉलिसी 31 मार्च 2026 को खत्म होने वाली है। इस समय अरहर, चना और उड़द का आयात ड्यूटी फ्री है, जबकि मसूर के आयात पर 10 फीसदी और पीली मटर पर 30 फीसदी ड्यूटी लगती है। मूंग का आयात 2022 से ही बंद है।
केंद्रीय पूल में दलहन का 22 लाख टन का स्टॉक है जोकि तय मानकों 35 लाख टन की तुलना में कम है। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार चालू रबी में चना एवं मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीद बढ़ाकर बफर स्टॉक में दलहन के स्टॉक को बढ़ा सकती है।
देश में दलहन की सालाना खपत करीब 280 लाख टन की होती है, अत: हमें हर साल करीब 55 से 60 लाख टन दलहन का आयात करना पड़ता है। फसल सीजन 2025-26 के दौरान देश में 238.69 लाख टन दलहन के उत्पादन का अनुमान है, जोकि फसल सीजन 2024-25 के 256.83 लाख टन की तुलना में कम है।

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