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11 अगस्त 2009

त्योहारों ने बढ़ाईं खाद्य तेलों की कीमतें

नई दिल्ली : विदेशों में ऊंची हुई क्रूड ऑयल की कीमत और घरेलू बाजार में त्योहारों के चलते बढ़ी मांग के कारण दिल्ली में खाद्य तेलों की कीमतों में इजाफा हुआ है। पिछले 15-20 दिनों के भीतर दिल्ली में खाद्य तेलों, घी और वनस्पति घी की मांग में करीब 10 फीसदी की तेजी पैदा हुई है। त्योहारों की वजह से घरेलू मांग में इजाफा और क्रूड ऑयल के 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच जाने की वजह से खाद्य तेलों के भाव में 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी पैदा हुई है। गौरतलब है कि दिल्ली में रोजाना 700 टन घी, तेल की खपत होती है। दिल्ली वेजिटेबल ऑयल ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव हेमंत गुप्ता के मुताबिक, 'विदेश से आयात होने वाले पामोलीन के तेल में पिछले 15-20 दिनों में 300 रुपए प्रति क्विंटल का उछाल आया है।
इसके अलावा घरेलू सोयाबीन और रिफाइंड मस्टर्ड ऑयल की मांग में इजाफा होने की वजह से इनमें 150 से 200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आई है। दरअसल पिछले कुछ वक्त से एडिबल ऑयल की कीमतें बेहद नीचे स्तर पर चली गई थीं। अब विदेशों में एडिबल ऑयल मंदी के दौर से बाहर निकल रहा है। ऐसे में यह तेजी कोई अस्वाभाविक नहीं है।' राजधानी वेजिटेबल सप्लायर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सत्यनारायण अग्रवाल के मुताबिक, 'खाद्य तेल की कीमतें 90 फीसदी विदेशी बाजार पर निर्भर कर रही हैं। अगर क्रूड में नरमी आती है तो इससे क्रूड पाम ऑयल की कीमतें (सीपीओ) नीचे बनी रहेंगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो खाद्य तेलों में भी और तेजी पैदा होगी। हालांकि मस्टर्ड ऑयल में तेजी देखने को मिल सकती है क्योंकि इसकी पुरानी फसल अब खत्म होने को है और नई फसल मार्च में आएगी।' मस्टर्ड ऑयल की कीमत कुछ दिनों पहले 485 रुपए प्रति 10 किलो से उछल कर 520 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गई है। भारत में कुल खपत का करीब 55-60 फीसदी एडिबल ऑयल बाहर से आयात होता है। देश में इस साल 75-80 लाख टन खाद्य तेलों का आयात होने की संभावना है, जबकि इस साल कुल खपत के 140 लाख टन पर रहने की उम्मीद है। कारोबारियों के मुताबिक खाद्य तेलों में विदेशों पर काफी हद तक निर्भर होने की वजह से जब भी वहां कीमतों में तेजी आती है तो इसका असर घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों पर सीधे तौर पर पड़ता है। दिल्ली वेजिटेबल ऑयल एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट सुरेश नागपाल के मुताबिक, 'आने वाले वक्त में अगर मांग में तेजी बनी रही तो इससे कीमतें भी बढ़ेंगी। लेकिन पिछले साल के मुकाबले खाद्य तेलों की कीमतें तब भी काफी निचले स्तर पर ही होंगी।' गुप्ता बताते हैं, 'मलेशिया में पामोलीन की फसल अप्रैल-मई में आती है। इस वजह से इस दौरान पामोलीन की कीमतों में गिरावट का दबाव बना रहता है। लेकिन करीब तीन महीने गुजर जाने की वजह से कीमतों में नीचे की ओर बना दबाव अब कम हो रहा है।' खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी की एक वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आना भी है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी पैदा होने से क्रूड पाम ऑयल (सीपीओ) से बायोडीजल बनाने के काम में तेजी आती है इससे खाद्य तेलों की कीमतों में तेजी पैदा होती है (ET Hindi)

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