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08 अक्टूबर 2009

डॉलर के दुबकने से सोने-चांदी में आई तेजी

नई दिल्ली : डॉलर के कमजोर होने के साथ सोने की चमक बढ़ रही है। बुधवार को दिल्ली के सर्राफा बाजारों में सोने की कीमतों में 160 रुपए प्रति दस ग्राम का इजाफा हुआ। दूसरी ओर चांदी की कीमत भी एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई और यह 27 हजार प्रति किलो हो गई। असल में वैश्विक बाजारों में डॉलर के मूल्य में आई गिरावट की वजह से ऐसा हुआ। लोगों ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने में निवेश बढ़ा दिया है। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तरह घरेलू बाजार में भी ट्रेडरों के बीच अच्छा उत्साह बना रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार ही घरेलू बाजार का रुझान तय करते हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि सोने की घरेलू मांग में इजाफा हो रहा है। त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम के कारण ऐसा हो रहा है। इनके चलते सोने के दाम बढ़े।
सर्राफा कारोबारी राकेश आनंद ने कहा, 'सोना 1,050 डॉलर प्रति औंस की ओर बढ़ रहा है। यदि एक बार यह स्तर पार होता है तो सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगी।' उन्होंने कहा कि चालू त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन सोने के दाम को समर्थन करते रहेंगे। कम-से-कम अगले एक पखवाड़े तक तो यह जारी ही रहेगा। असल में डॉलर और सोना एक दूसरे के उलटे चलते हैं। जब डॉलर के मूल्य में गिरावट आती है तो सोने में चमक आती है। सोने को सुरक्षित विकल्प के तौर पर देखा जाने लगता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो मंगलवार को अमेरिकी बजार में सोने की कीमत बढ़कर 1,048।20 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को छू गई। इसी तरह अमेरिकी दिसंबर फ्यूचर कीमत 1,049.70 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। बाजार सूत्रों के अनुसार यूरो और येन के मुकाबले डॉलर के निचले स्तर तक गिरने के कारण सोने में यह रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है। (ई टी हिन्दी)

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