नई दिल्ली October 09, 2009
अब किसानों को वायदा भाव की जानकारी के लिए न तो इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होगी और न ही शहर जाना पड़ेगा।
उन्हें अपने गांव की चौपाल या किसी अन्य सार्वजनिक जगहों पर रोजाना विभिन्न कृषि जिंसों के वायदा कारोबार के पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी। यह सब संभव हो सका है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और टाटा पावर के समझौते से।
दोनों के बीच यह समझौता शुक्रवार को किया गया। इस करार के अंतर्गत महाराष्ट्र के अंदर टाटा पावर के जहां-जहां प्रोजेक्ट होंगे और उनकी सीएसआर गतिविधियां होंगी, वहां के 25 गांवों के 2000 से अधिक किसानों को वायदा कारोबार के लाभ की जानकारी दी जाएगी। एमसीएक्स और टाटा पावर की इस संयुक्त सीएसआर को सहयोग का नाम दिया गया है।
इस करार का उद्देश्य एमसीएक्स पर कारोबारी कृषि जिंसों के हाजिर एवं वायदा के भावों की जानकारी उपलब्ध कराना और टाटा पावर द्वारा वाटर शेड मैनेजमेंट की सलाह सेवाएं देना है।इन जानकारियों से किसानों को अपनी फसल बोने के चयन और उत्पादों को सही समय पर बेचने के लिए फैसला लेने में मदद मिलेगी। टाटा पावर की एडवाइजरी सर्विसेज में किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
सहयोग की शुरुआत इसी महीने पुणे के निकट मावल एवं मुलशी में होने जा रही है। एमसीएक्स के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री लेमन रूटेन ने कहा कि शुरू से हम किसानों और आम जनता तक पहुंचने और उन्हें बाजार में उत्पन्न अवसरों का लाभ देने के लिए आगे रहे हैं।
पूरे विश्व के किसानों की तरह भारत के किसानों को भी माल बेचने के समय बाजार की पर्याप्त सूचनाओं का अभाव रहता है। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के डा. गोविंद बाघासिंह (हेड-एचआर एवं सीएसआर) ने कहा कि किसान कृषि क्षेत्र में विकास के अगुआ हैं। इस क्षेत्र में हम और विस्तार करना चाहेंगे।
इस प्रोजेक्ट के तहत, एमसीएक्स किसानों के लिए जागरूकता निर्माण, अध्ययन सामग्रियों, भावों के प्रसारण और अन्य संबंधित गतिविधियों का संचालन करेगा जबकि टाटा पावर कंपनी सभी तरह के वित्तीय एवं लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराएगी एवं गांवों में सूचनाओं को अद्यतन करने का प्रबंध करेगी। (बीएस हिन्दी)
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