11 अगस्त 2009
राजस्थान में स्टॉक लिमिट लगने से चने की गरमी पड़ी ठंडी
राजस्थान सरकार की ओर से मंगलवार से राज्य में स्टॉक सीमा लागू करने के बाद वायदा और हाजिर दोनों में ही चने के भाव करीब तीन फीसदी तक लुढ़क गए हैं। साथ ही राज्य सरकार की ओर से दालों का आयात करने की घोषणा को देखते हुए चने में और गिरावट की संभावना व्यक्त की जा रही है।जयपुर के थोक व्यापारी सुभाष गोयल का कहना है कि दलहन की पैदावार घटने की आशंका के चलते सोमवार को सुबह चने के भाव बढ़कर खुले थे। लेकिन दोपहर बाद राज्य सरकार की ओर से दाल-दलहन पर स्टॉक सीमा और दालों का आयात करने की घोषणा के बाद ही वायदा और हाजिर दोनों में ही चने के भाव लगभग तीन फीसदी अर्थात 75 रुपये क्विंटल तक उतर गए। इस वजह से शाम को जयपुर मंडी में चने के भाव घटकर 2490 से 2525 रुपये क्विंटल रह गए। बीकानेर मंडी में भी चना 65 रुपये घटकर 2400 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। वायदा में नरमी के बाद दिल्ली मंडी में चने के भाव उतरकर 2460 से 2475 तथा इंदौर मंडी में 2350 रुपये क्विंटल रह गए। चौतरफा नरमी के चलते महाराष्ट्र में भी चना शाम को 2375 रुपये क्विंटल तक बिक गया। हालांकि महाराष्ट्र के हाजिर बाजार पर वायदा का ज्यादा असर नहीं होता है। दूसरी तरफ राजस्थान में स्टॉक सीमा लागू होने के बाद एनसीडीईएक्स में भी अगस्त वायदा चने के भाव कारोबार समाप्ति पर 2475 रुपये क्विंटल रह गए जो दोपहर तक 2525 रुपये क्विंटल तक पहुंच गए थे। शनिवार को अगस्त वायदा चना 2493 रुपये क्विंटल दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि स्टॉक सीमा लागू होने से व्यापारियों में घबराहट फैल गई है।इससे गोदामों जमा स्टॉक निकालने के लिए व्यापारियों ने चने की बिकवाली शुरू कर दी है। यह देखते हुए अगले एक-दो दिन में चना तीन फीसदी तक और सस्ता होने की संभावना है। उधर, हाजिर बाजार में नरमी की धारणा बनने से एनसीडीईएक्स में भी चने पर सटोरियों की पकड़ ढीली पड़ गई है। उन्होंने बताया कि लाइसेंस व्यवस्था लागू होने से लिवाल पीछे हटने से चने पर दबाव देखने को मिल रहा है। मानसून में विलंब से जुलाई के पहले पखवाड़े में चना 2500 से 2700 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया था।दालों पर स्टॉक लिमिट लागूबिजनेस भास्कर नई दिल्लीजयपुर। महंगाई पर काबू पाने के लिए राजस्थान सरकार ने मंगलवार से राज्य में दलहन व दालों स्टॉक पर सीमा तय कर दी है। राज्य सरकार ने 5,000 टन दाल का आयात करने की भी घोषणा की है। आयातित दाल एक माह में आने के बाद राशन पर वितरित की जाएगी। राजस्थान के अतिरिक्त खाद्य आयुक्त ओ. पी. यादव ने बिजनेस भास्कर बताया कि अब थोक व्यापारी अधिकतम 200 क्विंटल दाल-दलहन का स्टॉक रख सकेंगे। वहीं खुदरा व्यापारियों के लिए दस क्विंटल की सीमा तय की गई है। स्टॉक को महीने भर में बेचना होगा। साथ ही दाल मिलें भी पिछले में तीन वर्ष में किसी एक महीना के अधिकतम उत्पादन के बराबर दलहन का स्टॉक रख सकेंग जबकि वे दालों का स्टॉक सीमा पंद्रह दिन के उत्पादन के बराबर कर सकेंगी। दस क्विंटल से ज्यादा के स्टॉक के लिए दलहन व्यापारियों को लाइसेंस लेना होगा। (Business Bhaskar)
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