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14 अगस्त 2009

द.भारत की मांग बढ़ने से गेहूं महंगा

भाव पांच फीसदी बढ़कर 1150 रुपये दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात की फ्लोर मिलों की मांग बढ़ने से गेहूं की कीमतों में पिछले एक सप्ताह में लगभग पांच फीसदी की तेजी आ चुकी है। दिल्ली थोक बाजार में गेहूं के भाव बढ़कर 1150 रुपये, महाराष्ट्र में 1290 रुपये, गुजरात में 1250-1260 रुपये और बंगलुरू में 1300-1310 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उत्तर के साथ ही दक्षिण भारत में इस समय गेहूं की सप्लाई सिर्फ उत्तर प्रदेश से हो रही है। जबकि पूरे देश में सूखे जैसे हालात बनने से गेहूं की बिकवाली पहले की तुलना घटी है। हालांकि सरकार के पास गेहूं का भारी भरकम स्टॉक मौजूद है। सरकार सितंबर महीने में खुले बाजार में गेहूं की बिकवाली शुरू कर सकती है। इसलिए आगामी दिनों में गेहूं की तेजी-मंदी सरकार द्वारा खुले बाजार में बिकवाली के लिए तय किए जाने वाले भाव के आधार पर होगी। कमलेश कुमार एंड कंपनी के प्रोपराइटर कमलेश जैन ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत की फ्लोर मिलों की गेहूं में अच्छी मांग बनी हुई है। उत्तर प्रदेश की कानपुर, एटा, बरेली और शाहजहांपुर लाईन की मंडियों से दक्षिण भारत के बंगलुरू, सेलम और हैदराबाद के लिए हर महीने करीब 70 से 80 हजार टन गेहूं के सौदे हो रहे हैं। सूखे जैसे हालात बनने से स्टॉकिस्टों ने गेहूं की बिकवाली पहले की तुलना में घटा दी है। वैसे भी उत्तर प्रदेश में स्टॉकिस्टों के पास स्टॉक भी कम रह गया है। उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं के भाव बढ़कर 1150 से 1170 रुपये प्रति क्विंटल (बिल्टी कट) हो गए। इसलिए आगामी दिनों में गेहूं की मौजूदा कीमतों में और भी तेजी की ही संभावना है। दिल्ली बाजार में गेहूं के भाव बढ़कर 1150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। जबकि आवक करीब 11,000 से 12,000 बोरी की हो रही है।त्यौहारी मांग से गेहूं उत्पादों में भी पिछले एक सप्ताह में करीब 70 से 90 रुपये की तेजी आकर आटे के भाव 1150-1190 रुपये, मैदा के भाव 1290-1320 रुपये और सूजी के भाव 1320 से 1350 रुपये प्रति 90 किलो हो गये। चोकर के भाव बढ़कर 384 रुपये प्रति 50 किलो हो गए। केंद्रीय पूल में गेहूं का करीब 329 लाख टन का स्टॉक मौजूद है। सूत्रों के अनुसार सितंबर महीने में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) खुले बाजार में गेहूं की बिकवाली शुरू कर सकती है। गेहूं की बिकवाली न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भाड़ा जोड़कर किए जाने की संभावना है। ऐसे में आगामी दिनों में गेहूं की तेजी-मंदी एफसीआई के बिक्री भाव पर तय होगी। कृषि मंत्रालय के चौथे अग्रिम अनुमान के मुताबिक वर्ष 2008- 09 में देश में गेहूं का 805 लाख टन का उत्पादन होने का अनुमान है। जबकि चालू खरीफ सीजन में भारतीय खाद्य निगम ने गेहूं की 252.91 लाख टन की रिकार्ड खरीद की है।सीबॉट में गेहूं गिरा, फिर सुधरा अगले साल दुनिया में गेहूं का स्टॉक बढ़ने की संभावना से शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबॉट) में भाव 0.7 फीसदी से ज्यादा गिर गए। हालांकि बाद में सुधार दर्ज किया गया। अमेरिकी कृषि विभाग के आकलन के मुताबिक दुनियाभर में गेहूं का स्टॉक पिछले जुलाई के अनुमान से 1.3 फीसदी ज्यादा रह सकता है। उसका अनुमान है कि गेहूं के उत्पादन में भी 3.4त्न की बढ़त हो सकती है। उत्पादन में बढ़त पैदावार में इजाफा होने के कारण होने की संभावना है। इसका नतीजा यह रहा कि बुधवार को सीबॉट में गेहूं के भाव 0.7त्न गिरकर 5.14 डॉलर प्रति बुशल रह गए। लेकिन बाद में इसमें सुधार आया और भाव 5.1775 डॉलर प्रति सेंट पर पहुंच गया।उधर फ्रांस की फर्म स्ट्रेटजी ग्रेन का कहना है कि यूरोपीय संघ के अधीन शामिल देशों में अगले साल 13 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन होने का अनुमान लगाया है। उसने जुलाई के अपने 12.65 करोड़ टन उत्पादन के अनुमान में बढ़ोतरी की है। यूरोपीय संघ के देशों में मौसम गेहूं की फसल के अनुरूप है। छह अगस्त तक यूरोपीय संघ में 70 फीसदी गेहूं की कटाई हो चुकी है। गेहूं की पैदावार अनुमान से कहीं बेहतर है। हालांकि गेहूं का उत्पादन वर्ष 2008-09 की बंपर पैदावार के मुकाबले कम है। अनुमान है कि गेहूं की बेहतर सप्लाई होने के कारण इसके दामों पर दबाव बना रहेगा। अगले साल 30 जून को यूरोपीय संघ में 1.7 करोड़ टन गेहूं का स्टॉक बचने की संभावना है। (Business Bhaskar...R S Rana)

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