कुल पेज दृश्य

13 अगस्त 2009

मांग कम होने से काली मिर्च में गिरावट आई

कोच्चि August 12, 2009
कुछ समय तक काली मिर्च की कीमतों में उछाल जारी रहने के बाद वैश्विक काली मिर्च बाजार कीमतों को लेकर और अधिक वास्तविक रवैया अपनाने की योजना पर काम कर रहा है।
यूरोपीय संघ और अमेरिका में काली मिर्च की मांग कम होने से कीमतों में गिरावट आई है। माना जा रहा है कि इन देशों में मांग अगले महीने फिर रफ्तार पकड़ सकती है। दिलचस्प बात यह है कि काली मिर्च के सभी प्रमुख उत्पादक देश भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम ने अपने एसटीए के लिए कीमतों को कम कर 3050 डॉलर प्रति टन किया।
खबरों के मुताबिक वियतनाम के कारोबारी 2950 डॉलर प्रति टन पर भी काली मिर्च की बिकवाली करने के लिए तैयार हैं। काली मिर्च के एक बड़े निर्यातक ने कहा कि हाल में कारोबार में उछाल आने से स्थानीय या विदेशों में काली मिर्च की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई, नतीजतन, कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
यूरोपीय संघ और अमेरिका के खरीदारों ने सतर्क रणनीति अपना ली और उनमें खरीदारी करने की कोई जल्दबाजी नहीं देखी गई। साथ ही इससे वायदा काउंटरों में खासी गिरावट आई। भारत के वायदा काउंटर का अनुसरण करने वाले इंडोनेशिया और वियतनाम ने भारत में कीमतों में आई तेज गिरावट पर प्रतिक्रिया स्वरूप अपने यहां भी कीमतों में कटौती का रास्ता अख्तियार कर लिया।
हाल में काली मिर्च की कीमतों में आई भारी उछाल के बावजूद कोच्चि के बाजार में इसकी आपूर्ति काफी कम रही। वियतनाम भी इस समय काली मिर्च का निर्यात करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि वहां इसका भंडार पहले ही काफी कम है। हालांकि, स्थानीय और विदेशी बाजार में शीत ऋतु केलिए मांग में बढ़ोतरी होने से काली मिर्च की कीमतों में तेजी आ सकती है। (BS Hindi)

कोई टिप्पणी नहीं: