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10 अगस्त 2009

नेचुरल रबर आयात गिरने की संभावना

विदेशी बाजार में नेचुरल रबर की कीमतों में आई तेजी से आगामी महीनों में देश में आयात घट सकता है। भारत के मुकाबले विदेशी बाजार में नेचुरल रबर की कीमतों का अंतर घटकर मात्र सात-आठ रुपये प्रति किलो का रह गया है जिससे आयात पड़ते कम हो जाएंगे। विदेशी बाजार में रबर की कीमतों में पिछले एक महीने में करीब 15 फीसदी की तेजी आई है। जबकि घरेलू बाजार में इस दौरान मात्र 2.1 फीसदी का ही सुधार आया है।कोच्चि स्थित मैसर्स हरि संस मलयालम लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज कपूर ने बिजनेस भास्कर को बताया कि भारत के मुकाबले विदेश में नेचुरल रबर की कीमतें का अंतर घटकर मात्र सात-आठ रुपये प्रति किलो का ही रह गया है जिससे आयात बेपड़ता हो गया है। विदेशी बाजार में नेचुरल रबर की मौजूदा कीमतों में दो से चार रुपये प्रति किलो का और सुधार आया तो आयात में कमी आ सकती है। अभी तक भारत के मुकाबले विदेशी बाजार में नेचुरल रबर की कीमतों का अंतर 18 से 24 रुपये प्रति किलो था। इसीलिए ज्यादातर बड़ी कंपनियां भारी मात्रा में आयात कर रही थी। रबर बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक जुलाई महीने में देश में नेचुरल रबर के आयात में आठ गुना की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान 20,412 टन का आयात हुआ है जबकि पिछले साल जुलाई महीने में 2,589 टन का ही आयात हुआ था। जबकि जुलाई में निर्यात शून्य रहा है। सिंगापुर के सीकॉम में रबर के भाव पिछले एक महीने में 15 फीसदी बढ़कर भारतीय मुद्रा में 92-93 रुपये प्रति किलो हो गई है। 13 जुलाई को इसके दाम 79-81 रुपये प्रति किलो थे। इस दौरान कोट्टायम में नेचुरल रबर आरएसएस-4 के भाव 100 रुपये और आरएसएस-5 के भाव सुधरकर 96 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। पिछले एक महीने में इसमें मात्र 2.1 फीसदी का ही सुधार आया है।रबर मर्चेट एसोसिएशन के सचिव अशोक खुराना ने बताया कि डॉलर की मजबूती से भी विदेशी बाजार में नेचुरल रबर की कीमतों की तेजी को बल मिला है। हालांकि चालू महीने के आखिर में घरेलू बाजार में नेचुरल रबर का नया सीजन शुरू हो जाएगा। इसलिए घरेलू बाजार में नेचुरल रबर की कीमतों में हल्की गिरावट आने के आसार हैं। हालांकि उत्पादक क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा न होने से देश में नेचुरल रबर के उत्पादन में गिरावट की संभावना है। आगामी महीने से नेचुरल रबर की आवक का दबाव बनेगा, लेकिन आयात घटने से भारतीय रबर की मांग में भी बढ़ोतरी होगी। सितंबर से दिसंबर महीने तक घरेलू मंडियों में नेचुरल रबर की आवक का दबाव रहता है। रबर बोर्ड के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल से जून के दौरान 159,520 टन नेचुरल रबर का उत्पादन हुआ जो कि पिछले साल की समान अवधि के 179,565 टन के मुकाबले करीब 11 फीसदी कम है। पिछले तीन महीने से देश में नेचुरल रबर की खपत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अप्रैल में रबर की खपत 73,470 टन की हुई थी जबकि जुलाई में खपत बढ़कर 78,000 टन की हुई है। (Business Bhaskar....R S Rana)

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