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13 अगस्त 2009

इंडोनेशिया से भारत को पाम तेल निर्यात बढ़ने की संभावना

इंडोनेशिया से भारत को क्रूड पाम तेल का निर्यात अगले वर्ष 10 फीसदी बढ़ सकता है। उद्योग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जल्द ही भारत दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेगा। समझौते के तहत भारत कई वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाएगा जिससे इंडोनेशिया से भारत को अन्य वस्तुओं का भी निर्यात बढ़ने की पूरी संभावना है।भारत को इसी सप्ताह आसियान के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर करने हैं। इसके बाद भारत क्रूड पाम तेल के आयात पर अधिकतम 37.5 फीसदी आयात शुल्क लगा सकेगा। इंडोनेशियन पाम तेल बोर्ड के वाइस प्रेसीडेंट डेरोम बांगम ने कहा कि यदि भारत क्रूड पाम ऑयल के आयात पर उच्चतम कर सीमा लागू करता है तो इंडोनेशिया से भारत को क्रूड पाम ऑयल का निर्यात 10 फीसदी तक बढ़ेगा। सूरजमुखी और सोया जैसे तिलहनों की उपज के सीजन के दौरान भारत घरेलू बाजार को संरक्षण देने के लिए क्रूड पाम तेल के आयात पर काफी ज्यादा शुल्क लगा देता है। बांगम ने कहा कि भले ही क्रूड पाम ऑयल के आयात पर फिलहाल भारत ने कोई शुल्क नहीं लगा रखा है, लेकिन घरेलू तिलहन की सप्लाई के समय 80 फीसदी तक शुल्क लगा देता है।गत वर्ष खाद्य तेलों की कीमतों में आई भारी तेजी को थामने के लिए भारत ने क्रूड पाम ऑयल से आयात शुल्क हटा लिया था। इस तरह की खबरें हैं कि भारत इस पर आयात शुल्क फिर से लागू कर सकता है। भारत में हर वर्ष 60 लाख टन खाद्य तेलों का उत्पादन होता है लेकिन 120 लाख टन की मांग के आगे यह नाकाफी है। भारत हर वर्ष 60 से 65 लाख टन खाद्य तेलों का आयात हर वर्ष करता है। गत वर्ष इंडोनेशिया ने 120 लाख टन क्रूड पाम तेल का निर्यात किया, जिसमें से 30 फीसदी भारत को किया गया। (Business Bhaskar)

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