13 अगस्त 2009
चीनी की महंगाई ने सरकार के उपायों की हवा निकाली
चीनी के भाव में तेजी रोकने को सरकार ने जो भी अभी तक प्रयास किए, वे बिल्कुल निष्प्रभावी होते दिखाई दे रहे हैं। बल्कि यह भी कहा जा सकता है कि सरकार के उपायों के बाद चीनी के भाव में बढ़ोतरी और तेज हो गई है। पिछले एक सप्ताह में थोक में चीनी की कीमतों में करीब 20 फीसदी की तेजी आई है। इससे उत्तर प्रदेश में एक्स-फैक्ट्री भाव 2900 से 2950 रुपये और दिल्ली थोक बाजार में दाम 3100-3150 रुपये प्रति क्विंटल हो गये। फुटकर में भी चीनी के भाव 32 से 34 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान थोक में आई तेजी का असर फुटकर अभी आना बाकी है। उधर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकार्ड भाव और मानसून की बेरुखी से गन्ने की पैदावार में गिरावट से फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना नहीं है। चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अवधि को बढ़ाकर मार्च 2010 तक कर दिया था। साथ ही प्राइवेट कंपनियों को भी व्हाइट शुगर आयात करने की छूट दे दी है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में चल रही भारी तेजी को देखते हुए अभी उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना नहीं है। सरकार के उपाय बेअसर साबित हो रहे हैं। फुटकर में चीनी के भाव 32 से 34 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालात यहां तक है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान थोक भाव करीब 20 फीसदी बढ़ गए हैं। चीनी के दाम की यह बढ़ोतरी सरकार के उपायों को चुनौती दे रही है। थोक में आई 20 फीसदी की तेजी का असर फुटकर भावों में चार-छह दिन में आएगा तो भाव और बढ़ सकते हैं।दिल्ली के चीनी व्यापारी सुधीर भालोठिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में एकतरफा तेजी का रुख बना हुआ है जिससे घरेलू बाजार में भाव रिकार्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले एक सप्ताह में दिल्ली थोक बाजार में चीनी के दाम 2600-2650 रुपये से बढ़कर 3100-3150 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। हालांकि ऊंचे भावों में चीनी की मांग पहले की तुलना में घटी है जिससे मौजूदा भावों में मुनाफावसूली से आंशिक गिरावट बन सकती है। आईसीई एक्सचेंज में रॉ शुगर वायदा के भाव बढ़कर 22.57 सेंट प्रति पाउंड हो गए। पांच अगस्त को इसके भाव 20.07 सेंट प्रति पांउड थे। आईसीई में यह तेजी भारत से चीनी का भारी आयात होने के कारण आई है। इसके अलावा मैक्सिको ने भी इस साल 40 लाख टन चीनी आयात करने की योजना बनाई है। इसीलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में लगातार भारी तेजी का रुख बना हुआ है। आयातित चीनी के बंदरगाह पर पहुंच भाव 600 डॉलर प्रति टन और रॉ शुगर (गैर-रिफाइंड चीनी) के दाम लगभग 520 डॉलर प्रति टन हो गए हैं। अक्टूबर माह से शुरू होने वाले पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन चालू साल से भी कम रहने की आशंका बनने लगी है, क्योंकि एक तो गन्ने के क्षेत्रफल में पिछले साल की तुलना में कमी आई है।हरियाणा में चीनी स्टॉक की घोषणा अनिवार्यचंडीगढ़। हरियाणा में चीनी व्यापारियों को अपने स्टॉक की घोषणा करनी होगी। थोक व फुटकर व्यापारियों को निर्धारित स्टॉक लिमिट से ज्यादा चीनी की घोषणा करना अनिवार्य होगी। राज्य में थोक व्यापारियों के लिए 250 क्विंटल और फुटकर विक्रेताओं के लिए 25 क्विंटल स्टॉक लिमिट तय की गई है। सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ होर्डिग एंड मेंटीनेंस ऑफ क्वालिटी ऑर्डर, 1977 के अनुच्छेद 10 के तहत सरकार ने यह आदेश दिया है। (Business Bhaskar...R S Rana)
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