चंडीगढ़ August 10, 2009
मॉनसून में देरी और औसत से कम बारिश होने के कारण हरियाणा के किसानों को दोहरीर मुसीबत में डाल दिया है।
बरसात पर निर्भर रहने वाले किसान फसल नहीं बो सकते और जिन्होंने खेतों की सिंचाई कर ली है वे बढ़े हुए दामों से दुखी हैं। हरियाणा के कृषि निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार अगर इस साल अप्रैल से 5 अगस्त के बीच पिछले साल के मुकाबले 49.1 फीसदी कम बारिश हुई है।
कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार सिरसा, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद और रोहतक, पानीपत, जींद और पंचकूला में काफी कम बारिश होने के कारण सूखे के आसार हैं।
इस कारण कपास के अलावा बाकी सभी खरीफ फसलों की बुआई भी काफी कम हो रही है। किसानों के अनुसार इस साल फसल में 25 फीसदी की कमी आ सकती है। (BS Hindi)
11 अगस्त 2009
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