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10 अगस्त 2009

सूखे की आशंका से चटपटा हुआ मसालों का वायदा कारोबार

मुंबई- सूखा पड़ने की आशंका के कारण स्थानीय कमोडिटी एक्सचेंजों के एग्री काउंटर पर हलचल बढ़ गई है। पिछले सप्ताह अधिकतर सक्रिय कमोडिटी में 5-13 फीसदी की उछाल देखने को मिली। 6 अगस्त को जारी भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 साल के औसत के मुकाबले इस बार 1 जून से 5 अगस्त के बीच देशभर में 25 फीसदी कम बरसात हुई है। पिछले सात दिनों में बरसात सामान्य से 64 फीसदी कम है। सबसे ज्यादा तेजी मिर्च, हल्दी और काली मिर्च जैसे मसालों में देखने को मिली। अच्छे त्योहारी सीजन और निर्यात मांग बढ़ने के कारण इनमें पहले से ही तेजी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों से उन्हें और समर्थन मिल रहा है। आमतौर पर मसालों की खेती दक्षिण भारत में होती है और तमिलनाडु को छोड़कर शेष सभी राज्यों में बरसात कम हुई है। इस कारण फसल पर असर पड़ सकता है। बीते सप्ताह एनसीडीईएक्स पर मिर्च का अगस्त कॉन्ट्रैक्ट 11 फीसदी ऊपर 5,827 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। हल्दी का अगस्त कॉन्ट्रैक्ट 13 फीसदी ऊपर 7,293 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी तरह काली मिर्च में 8.8 फीसदी की उछाल देखने को मिली और वह 14,506 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
आंध्र प्रदेश के कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 5 अगस्त तक महज 0.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर ही लाल मिर्च की बुआई हो सकी है जबकि एक साल पहले की इसी अवधि में 0.54 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर बुआई हुई थी। काली मिर्च की फसल में फूलों के आने की शुरुआत हो चुकी है और कटाई जनवरी से शुरू होगी, लेकिन फरवरी से जून के बीच में केरल में कम बरसात के कारण फसल पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा वैश्विक और स्थानीय स्टॉक में भी कमी आई है। भारत से बढ़ती मांग के कारण वियतनाम पहले ही एक बड़े हिस्से का निर्यात कर चुका है। इंडोनेशिया में भी स्टॉक कम ही बचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सभी मसालों में नई खरीदारी देखने को मिल रही है और निवेशक लगातार इसमें रुचि बनाए हुए हैं। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के अजीत कुमार का कहना है कि इस समय कीमतों में पहले से तेजी है और मानसून के खराब होने से इसे और समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा, 'निर्यात मांग में वृद्धि होने से भी कमोडिटी को समर्थन मिल रहा है।' कमजोर डॉलर के कारण डॉलर प्रभावित कमोडिटी जैसे सोयाबीन, सोया ऑयल, मक्के और गेहूं को समर्थन मिला है। बीते सप्ताह सोयाबीन 7.7 फीसदी ऊपर 2,407 रुपए प्रति क्विंटल पर बंद हुआ जबकि सोया ऑयल 6.6 फीसदी ऊपर 482 रुपए प्रति 10 किलो पर बंद हुआ। रैप सरसों में 5.5 फीसदी की तेजी देखने को मिली और वह 559 रुपए प्रति 10 किलो पर बंद हुआ। मौसम विभाग के अनुसार सोयाबीन के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में कम बरसात हुई है। पिछले साल के मुकाबले बुआई क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खराब मानसून से इस पर खराब असर पड़ सकता है। (ET Hindi)

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