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14 अगस्त 2009

थाईलैंड में गन्ने का उत्पादन सात फीसदी बढ़ने का अनुमान

थाईलैंड में इस साल गन्ने का उत्पादन 7.5 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। गन्ना व चीनी बोर्ड कार्यालय के सेक्रेटरी जनरल प्रासर्ट तपानीयांगकुल ने कहा कि इस साल 7.20 करोड़ टन गन्ना के उत्पादन का अनुमान है। प्रासर्ट ने बताया कि इस साल का मौसम बहुत ही अच्छा है। उत्पादक क्षेत्रों में बारिश समय पर और पर्याप्त हुई है। उत्तर-पूर्व में भी जहां इस बार सामान्यत: सूखा रहता है, वहां भी पर्याप्त बारिश हुई है। थाईलैंड एशिया का गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक है। यह अपने उत्पादन का अधिकांशत: निर्यात कर देता है और मुख्य रूप से इसका गन्ना निर्यात एशिया के देशों को किया जाता है। 2008-09 के फसल वर्ष में देश का कुल गन्ना उत्पादन 6.70 करोड़ टन था जो बीते साल की तुलना में 8 फीसदी कम था। प्रासर्ट ने बताया कि इसका कारण यह था कि उस साल बारिश अपर्याप्त हुई थी और सूखे के बीच किसानों ने उर्वरकों का कम से कम इस्तेमाल किया था। प्रासर्ट का बयान ऐसे समय आया है, जब दुनिया भर में इस मौसम में चीनी के उत्पादन में कमी आने का अंदेशा है। साथ ही इस हफ्ते में बेंचमार्क आईसीई चीनी वायदा भी 28 साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था।गौरतलब है कि कमजोर मॉनसून के कारण दुनिया में चीनी के सबसे बड़े उत्पादक भारत में उत्पादन घटने के आसार हैं। इतना ही नहीं भारत से इस साल चीनी के अत्यधिक आयात किए जाने की भी उम्मीद है। चीनी के कच्चे माल गन्ने का कम उत्पादन होने की आशंका से ऐसी उम्मीद है कि भारत चीनी के निर्यातक के बजाय चीनी का बड़ा आयातक के रूप में उभरकर आएगा। (Business Bhaskar)

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