कुल पेज दृश्य

10 अगस्त 2009

एमपी में अगले माह फिर बढ़ सकती हैं कीमतें

बारिश की कमी के कारण मध्य प्रदेश में हर चार की कमी हो गई है, जिससे आमतौर पर बरसात में बढ़ने वाला दूध उत्पादन स्थिर बना हुआ है। बारिश के अभाव में हर चार के दाम पिछले साल के मुकाबले करीब ढाई गुना तक बढ़ गए हैं। चूनी, खली आदि के दामों में भी इजाफा हुआ है। जिससे किसानों के लिए दूध की लागत लगातार बढ़ रही है। इन हालात को देखते हुए राज्य में दूध के दाम में जल्दी ही बढ़ोतरी हो सकती है।डेयरी फेडरशन के प्रबंधक आरपी बिलुंग ने कहा कि दूध की सप्लाई बढ़ नहीं रही है। उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ प्रतिदिन विभिन्न शहरों से 4.25 लाख लीटर दूध की खरीद कर रहा है लेकिन मांग 4.75 लाख लीटर की है। बिलुंग के मुताबिक अगर ऐसे ही हालात रहते हैं तो फेडरशन सितंबर के प्रथम सप्ताह में दूध के दाम बढ़ा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो तीन माह में यह दूसरी बढ़ोतरी होगी। इससे पहले डेयरी फेडरशन ने एक जून को दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। उन्होंने कहा कि अगर किसानों ने बढ़ी लागत के कारण दूध के दाम बढ़ाने की मांग की और हमने दाम बढ़ाए, तो हम बिक्री मूल्य पहले भी बढ़ा सकते हैं। मध्य प्रदेश में फेडरशन प्रति किलो फैट ब्क्क् रुपये की दर पर खरीद रहा है। भोपाल दुग्धसंघ के मार्केट मेनेजर वीके खर ने कहा कि भोपाल में 2.70 लाख लीटर प्रतिदिन की मांग है लेकिन हम 2.10 लाख लीटर ही खरीद पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय जो किसान हरियाणा और भोपाल के आसपास से भैंस खरीदते थे वे घास, भूसा, खली-चूनी आदि महंगी हो जाने के कारण मवेशी नहीं खरीद रहे हैं। भोपाल के समीप खारती गांव के किसान जगदीश ने कहा कि इस समय भूसे का दाम 500 रुपये प्रति `िंटल हो गया है, जो बीते वर्ष 325 रुपये प्रति `िंटल था। 50 किलो पशुदाने का बोरा 280 रुपये से बढ़कर 450 रुपये पहुंच गया है। सरसों खली नौ रुपये प्रति किलो से बढ़कर 15 रुपये प्रति किलो और बिनोला खली 14 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। दुधारू पशुओं के लिए उपयोगी चारा 6,000 रुपये प्रति बीघा के दाम पर चल रहा है। (Business Bhaskar)

कोई टिप्पणी नहीं: