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10 अगस्त 2009

पशुचारे की कीमतें दोगुनी

नई दिल्ली। चालू खरीफ सीजन में मानसून की भारी कमी से देश में सूखे जैसे हालात पैदा हो गये हैं। इससे किसानों के सामने पशुचारे का संकट पैदा हो गया है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पिछले एक-डेढ़ महीने में हरे चारे के साथ ही भूसे की कीमतें बढ़कर दोगुनी हो गई है। इस दौरान खल की कीमतों में भी 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हो चुकी है।हरियाणा के सोनीपत जिले के युवा किसान सुनील कुमार ने बताया कि जुलाई के शुरू में हरे चारे (ज्वार) के प्रति बीघा दाम 1800 से 2300 रुपये थे जबकि इस समय इसके दाम बढ़कर 3200 से 4000 रुपये हो गये हैं। इस दौरान भूसे के दाम बढ़कर 500 से 550 रुपये प्रति क्विंटल हो गये हैं। जुलाई के शुरू में भूसे के दाम 250 से 300 रुपये प्रति क्विंटल थे। उन्होंने बताया कि किसानों ने ज्वार, बाजरा और मक्का की बुवाई तो की थी लेकिन जून से लेकर अभी तक मानसून की भारी कमी से ज्यादातर फसलें खेतों में सूख गई हैं। जो फसलें बची हुई हैं उनमें हर सप्ताह पानी देना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो आगामी दिनों में इनकी कीमतों में और तेजी आ सकती है।पंजाब के मानसा जिले के संजीव कुमार ने बताया कि राज्य में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। हरे चारे की कमी के कारण इन दिनों खलों में उठाव बढ़ गया है। पिछले पंद्रह-बीस दिनों में ही खल और बिनौला की कीमतों में करीब 100 से 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हो चुकी है। सरसों खल के दाम बढ़कर 1500 से 1550 रुपये और बिनौला खल के भाव 1600 से 1650 रुपये प्रति क्विंटल हो गये हैं। बिनौला की कीमतों में भी करीब 200 रुपये की तेजी आकर भाव 1800 से 1850 रुपये प्रति क्विंटल हो गये हैं। (Busienss Bhaskar)

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