10 अगस्त 2009
पंजाब की निजी डेयरियां 5 प्रतिशत बढ़ा सकती हैं दाम
पंजाब में सूखे के चलते दूध उत्पादन तकरीबन 23 फीसदी घट गया है। उत्पादन लागत घटने से निजी डेयरी फार्मर इस सप्ताह दूध एक रुपया लीटर (करीब पांच फीसदी) महंगा करने की तैयारी में हैं। हालांकि मिल्कफे ड फिलहाल ऐसा कदम नहीं उठाने जा रहा। मिल्कफेड ने पंजाब में किसानों से फैट्स के रट 5 अगस्त से 5 रुपये किलो और बढ़ा दिये हैं, जो तकरीबन 30 पैसे प्रति लीटर बैठता है।मिल्कफेड के एमडी वी.के. सिंह ने बताया कि किसानांे से दूध की आपूर्ति घटती देख हमें कीमत बढ़ानी पड़ी है। सिंह का कहना है कि किसानांे से खरीद भाव 30 पैसे लीटर बढ़ाने के बावजूद मिल्कफेड इसका भार उपभोक्ताओं पर नहीं डालेगा। इससे मिल्कफेड को अगस्त मंे तकरीबन चार करोड़ रुपये घाटा उठाना होगा। किसानों से गाय का दूध 16 रुपये और भैंस का 22 रुपये प्रति लीटर के भाव खरीदने वाला मिल्कफेड उपभोक्ताओं को 20 से 24 रुपये प्रति लीटर कीमत पर दूध बेच रहा है। प्रदेश के दूध उत्पादक किसानों का कहना है कि सूखे के चलते हरे चारे की उपज प्रति एकड़ 20 से 25 फीसदी घट गई है। खली समेत पशुओं के अन्य चार भी 50 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। प्रोग्रेसिव डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह सदरपुरा के मुताबिक पिछले साल प्रति एकड़ 175 से 200 क्विंटल हरा चारा उपजा था। इस बार सूखे के चलते इसके घटकर 120 से 125 क्विंटल प्रति एकड़ रहने की संभावना है। सूखे चार में पिछले साल 400 रुपये `िंटल पर मिलने वाली खल का भाव इस साल 625 रुपये क्विंटल है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन से जुड़े पंजाब के तकरीबन 4,000 डेयरी किसान इस सप्ताह दूध की कीमत एक रुपया लीटर बढ़ाने की तैयारी में हैं।डेयरी विकास विभाग के निदेशक इंद्रजीत सिंह के मुताबिक पंजाब में औसतन रोजाना 260 लाख लीटर दूध रोजाना उपलब्ध होता है। इन दिनों स्थिति यह है कि राज्य में 200 लाख लीटर दूध ही बाजार में पहुंच रहा है। हर चार की कमी के चलते इन दिनों भैंसों के दूध में 20 से 25 फीसदी तक की कमी हो गई है। एक दुधारू पशु को रोजाना करीब 40 किलो हर चार की जरूरत होती है जबकि इन्हें 20-22 किलो चारा ही उपलब्ध हो पा रहा है। (Business Bhaskar)
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