मुंबई December 07, 2009
सोने के महंगा होते ही उपभोक्ताओं की मांग मापने का पैमाना साफ बदल गया है। देश का उपभोक्ता विभिन्न मौकों पर कुछ ग्राम सोना खरीदता है।
निवेश के लिए भी सोने की खरीदारी होती है। अब जब कीमतें काफी ऊपर (17 से 18 हजार के बीच) चली गई हैं, उपभोक्ता ग्राम के बजाय रुपये के लिहाज से खरीदारी कर रहा है।
सिटी इंडिया में अर्थशास्त्री रोहिणी मलकानी कहते हैं, 'मजेदार चीज जो अब दिख रही है, वह यह कि उपभोक्ताओं के पास पहले 'ग्राम बजट' होता था, पर अब यह 'रुपया बजट' हो गया है।' सोने की ऊंची कीमतों ने इसकी मांग मापने का पैमाना ही बदल दिया है। सोने की मांग पहले से घट गई है। पारंपरिक तौर पर भारत में सोने की मांग लचीला रही है।
पिछले कुछ महीनों में महंगा होने से इसकी मांग में उल्लेखनीय कमी आई है। न केवल ऊंची कीमत बल्कि आर्थिक मंदी और सूखे के चलते भी उपभोक्ता इस वर्ष खरीदारी से दूर रहे हैं। विश्व सोना परिषद के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही में सोने की मांग 137.6 टन रही है। यह पिछले साल की तुलना में 49 फीसदी कम है।
पहले 9 महीनों में सोने की कुल मांग 264 टन रही, जबकि पिछले कैलेंडर वर्ष की समान अवधि में 553 टन सोने की मांग रही थी। सिटी के मुताबिक, सोना महंगा होने से उपभोक्ता अपनी मांग की पूर्ति पुराने सोने या नकली जेवर से कर रहे हैं। मांग में गिरावट होने से आयात में भी कमी हुई है। देश का सोना आयात पिछले एक दशक के न्यूनतम स्तर तक चला गया है।
यह मैक्रोइकोनॉमिक गिरावट है। रोहिणी के अनुसार, 'आयात गिरने से देश का आयात बिल प्रभावित होगा। गौरतलब है कि मूल्य के लिहाज से कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 8 फीसदी की है। सस्ता तेल के साथ सोने के न्यून आयात से मौजूदा वित्त वर्ष में व्यापार घाटा भी कम हो सकता है॥'
नवंबर में सोने का शुद्ध आयात केवल 16.5 टन रहा, जो पिछले साल के नवंबर की तुलना में 51.5 फीसदी कम है। इस वजह से जनवरी से नवंबर के बीच सोने का कुल आयात पिछले साल की समान अवधि के 417 टन से घटकर महज 173 टन रह गया। पिछले तीन दिनों में सोने की कीमतों में करीब 4.9 फीसदी की कमी हो चुकी है।
सोमवार को भी मुंबई में सोने की कीमत करीब 235 रुपये घटकर 17,335 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। गुरुवार को सोना 18,210 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में 6.9 फीसदी की कमी हो चुकी है। 1,226 डॉलर प्रति औंस से घटकर यह 1,141 डॉलर प्रति औंस रह गया है।
हालांकि इस गिरावट को सुधार की कोशिश माना जा रहा है। सिटी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने का समर्थन अगले 6-12 महीने तक 1,200 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहेगा। (बीएस हिन्दी)
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें