मुंबई December 07, 2009
हाजिर भाव बढ़े तो वायदा बाजार में कृषि जिंसों के भाव गिरने लगे। पिछले कुछ दिनों में इनकी कीमतें 5 से 15 फीसदी तक गिरी हैं।
दरअसल हाजिर बाजार में इन जिंसों की कीमतें आसमान छू रही हैं और इस कीमत पर खरीदार मिल नहीं रहे और बाकी की कसर मुनाफावसूली ने पूरी कर दी है। महीने भर के अब तक के वायदा सौदों से भी कोई तस्वीर साफ नहीं हो रही है और इसमें अभी कुछ वक्त लग सकता है लेकिन माना जा रहा है ऊंची कीमतों पर बाजार में खरीदार नहीं हैं।
रेलिगेयर कमोडिटीज के प्रमुख जयंत मांगलिक का कहना है, 'हाजिर बाजार में कृषि जिंसों की कीमतें ज्यादा ही बढ़ गई हैं।' बाजार के मौजूदा रुझान की वजह से भी बिकवाली में तेजी आ रही है। मांगलिक का मानना है कि अगले कुछ महीनों में ऊंची कीमत रहने से घटी हुई मांग के कारण वायदा बाजार में कृषि जिंसों की कीमतें और गिर सकती हैं।
इंडियाइन्फोलाइन कमोडिटीज में शोध विश्लेषक प्रणव मेर कहते हैं, 'हल्दी और जीरे की कीमतें सर्वकालिक उच्च स्तर पर चल रही हैं। इस वजह से देश में और विदेश में इनकी मांग घट गई है। इस वजह से भी मुनाफावसूली का दौर चल रहा है।'
वायदा की फीकी-फीकी तस्वीर
जिंस 12 जन। 12 जुला. हल्दी-निज़ामाबाद 10,266 8,779 जीरा-ऊंझा 16,382 14,564 काली मिर्च 15,897 14,883 ग्वारबीज-जोधपुर 2,841 2,731 चना- नई दिल्ल 2,612 2,524 स्रोत:एनसीडीईएक्स (कीमत रुपये प्रति क्विंटल में 2009 की) (बीएस हिन्दी)
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