09 दिसंबर 2009
विदेश में अब सोयाबीन की पहले जैसी तेजी मुश्किल
सिंगापुर। शानदार तेजी दर्ज कर चुकी सोयाबीन की कीमतों में अब और बढ़त होने की संभावना नहीं है क्योंकि सोयाबीन को अब फंडामेंटल्स का समर्थन नहीं मिल रहा है। हालांकि चीन की ओर से लगातार हो रही जबरदस्त खरीद के कारण सोयाबीन के मौजूदा स्तर से नीचे आने की गुंजाइश नहीं है।सिंगापुर स्थित एक ट्रेडिंग कंपनी के अधिकारी ने कहा कि शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबॉट) में मध्य नवंबर से जारी तेजी पहले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीन की मांग अपना प्रभाव दिखा चुकी है। ऐसे में और तेजी तभी आ सकती है जब भारी निवेश जारी रहे। बाहरी बाजारों की तेजी से भी सोयाबीन को तेजी का संकेत मिल सकता है। पिछले सप्ताह ही चीन के ग्रेन्स एंड ऑयल्स इन्फोर्मेशन सेंटर ने कहा था कि दिसंबर में चीन का सोयाबीन आयात जून के रिकॉर्ड 47.1 लाख टन को पार कर सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि अर्जेंटीना और ब्राजील में मौसम सोयाबीन की फसल के अनुकूल है। घरेलू सोयाबीन के दाम काफी अच्छे मिलने के कारण चीन को निर्यात भी घट सकता है, ऐसे में फंडामेंटल्स से सोयाबीन की कीमतों पर दबाव बन सकता है। चीन के कारोबारियों को उम्मीद है कि बाजार में इस वर्ष घरेलू सोयाबीन गत वर्ष के मुकाबले ज्यादा पहुंचेगी। चीन की संशोधित सरकारी खरीद योजना के तहत दी गई सब्सिडी ने कोल्हू मालिकों को इस बात के लिए प्रेरित किया है कि जब सोयाबीन की कीमतें एक खास स्तर से नीचे हों तो पेराई में स्थानीय सोयाबीन का इस्तेमाल किया जाए। बीजिंग स्थित एक कमोडिटीज ट्रेडिंग हाउस के एक्जीक्यूटिव ने कहा कि हाजिर बाजार से भी सोयाबीन की कीमतों पर दबाव बन रहा है। ऐसे में भारी आयात और घरेलू सप्लाई बढ़ने से सोयाबीन के एक स्तर का अनुमान तो लगाया ही जा सकता है। (बिज़नस भास्कर)
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