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12 दिसंबर 2009

मिलों में पेराई शुरू होने से थोक में चीनी सस्ती पर फुटकर में पूर्ववत

चीनी मिलों में पेराई शुरू होने से पिछले एक सप्ताह में थोक बाजार में चीनी की कीमतों में करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। लेकिन उपभोक्ताओं को अभी भी महंगे दाम पर चीनी खरीदनी पड़ रही है क्योंकि फुटकर में दाम ज्यों के त्यों हैं। शुक्रवार को एक्स फैक्ट्री चीनी के दाम घटकर 3150 से 3250 रुपये और दिल्ली थोक बाजार में 3300 से 3450 रुपये प्रति रह गई। जबकि फुटकर में इसकी कीमतें 38-40 रुपये प्रति किलो के पूर्व स्तर पर ही टिकी हुई हैं। यूपी शुगर मिल्स एसोसिएशन के सचिव श्याम लाल गुप्ता ने बताया कि राज्य की सभी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो गई है तथा मिलों को गन्ना भी पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है। इसीलिए थोक में चीनी की कीमतें घटनी शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को एक्स-फैक्ट्री चीनी का मूल्य घटकर 3150-3250 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। पिछले एक सप्ताह में इसकी कीमतों में करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। मैसर्स शंकर सिंह गुरबख्श सिंह के प्रोपराइटर सुरेंद्र पाल ने बताया कि चीनी में मांग पहले की तुलना में घटी है। ब्याह-शादियों का सीजन भी 12 दिसंबर से समाप्त हो रहा है इसलिए इसकी मौजूदा कीमतों में और भी 150-200 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आने की संभावना है। दाम घटने का असर फुटकर बाजार पर पड़ने में समय लगता है। इसलिए अगले दस-बारह दिन बाद फुटकर में चीनी की कीमतें घटने की संभावना है। आयातित चीनी के भाव कांडला पोर्ट पर 2900 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। जबकि आयातित चीनी के मुकाबले भारतीय चीनी की क्वालिटी बेहतर है इसलिए आयातित चीनी में ग्राहकी और भी कमजोर बनी हुई है। उद्योग सूत्रों के अनुसार अभी तक भारतीय कंपनियों ने करीब 50 लाख टन रॉ शुगर (गैर-रिफाइंड चीनी) के आयात सौदे किए हैं तथा इसमें से करीब 30 लाख टन रॉ शुगर भारतीय बंदरगाह पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा करीब नौ लाख टन व्हाइट शुगर के आयात सौदे हुए हैं तथा तीन लाख टन भारतीय बंदरगाह पर पहुंच चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव तेज होने और घरेलू मिलों में पेराई शुरू होने के कारण चीनी मिलों ने नए आयात सौदे पहले की तुलना में कम कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में व्हाइट शुगर के दाम 621 डॉलर प्रति टन और रॉ शुगर के 22.37 सेंट प्रति पाउंड चल रहे हैं। चालू पेराई सीजन (अक्टूबर से सितंबर) के दौरान देश में चीनी का उत्पादन 160 लाख टन होने की संभावना है जोकि सालाना खपत 225-230 लाख टन से 65-70 लाख टन कम है। ऐसे में घरेलू आवश्यकताओं के पूर्ति के लिए नए सीजन में भी देश में 70-80 लाख टन चीनी का आयात होने की संभावना है। (बिज़नस भास्कर)

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