कुल पेज दृश्य

12 दिसंबर 2009

एपीएल के लिए गेहूं व चावल के मूल्य में संशोधन की तैयारी

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) उपभोक्ताओं के लिए गेहूं व चावल के मूल्य में संशोधन करने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। कृषि एवं खाद्य राज्य मंत्री के. वी. थॉमस ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि केंद्र से गेहूं व चावल की राज्यों को बिक्री का मूल्य (सेंट्रल इश्यू प्राइस) संशोधित करने पर विचार हो रहा है। सीआईपी में बढ़ोतरी होगी तो एपीएल उपभोक्ताओं के लिए गेहूं व चावल महंगा हो जाएगा। थामस के अनुसार इस समय देशभर में 13.36 करोड़ एपीएल राशन कार्ड धारक 6.10 रुपये प्रति किलो पर गेहूं और 8.30 रुपये प्रति किलो पर चावल पाते हैं। राशन पर एपीएल को बिकने वाले अनाज का मूल्य 2002 से संशोधित नहीं किया गया है। सीआईपी मूल्य और खुले बाजार के मूल्य में अंतर को खत्म करने के मकसद से संशोधन पर विचार किया जा रहा है। खुले बाजार में गेहूं 15 रुपये और चावल 23 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। थॉमस ने बताया कि गेहूं और चावल का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पिछले वर्षो में काफी बढ़ने और सीआईपी में कोई संशोधन न होने से खाद्य सब्सिडी बहुत बढ़ चुकी है। इस समय करीब 56 से 60 फीसदी खाद्य सब्सिडी का भार एपीएल को गेहूं व चावल की सप्लाई के कारण पड़ रहा है। एपीएल के लिए वर्ष 2009-10 के दौरान 190.20 लाख टन खाद्यान्ना आवंटित किया गया जबकि पिछले साल 112 लाख टन खाद्यान्न इस वर्ग के लिए राज्यों को दिया गया। पिछले कुछ वर्षो से केंद्रीय पूल खाद्यान्न का स्टॉक घटने के बाद राज्यों को एपीएल के लिए आवंटन को औचित्यपूर्ण बनाया जा रहा है। राज्यों के पिछले उठान और स्टॉक स्थिति के अनुसार आवंटन किया जा रहा है। इस समय एपीएल वर्ग में प्रत्येक परिवार को 10 किलो से 35 किलो तक खाद्यान्न मुहैया कराया जा रहा है।इलैक्ट्रानिक ट्रेडिंग से फ्लोर मिलों को मिलेगा गेहूं सरकार ने फ्लोर मिलों जैसे बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को गेहूं बेचने के लिए इलैक्ट्रानिक ट्रेडिंग शुरू करने का फैसला किया है। इससे खुले बाजार में गेहूं बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। अक्टूबर से दिसंबर के लिए आवंटित पांच लाख टन गेहूं में से ज्यादातर की टेंडर के जरिये अभी तक बिक्री नहीं हो पाई है। इसे अच्छा रेस्पांस नहीं मिल पाया। सरकार दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू करने की कोशिश कर रही है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार गेहूं की बिक्री का तरीका बदला गया है। बाकी शर्ते पूर्ववत रहेंगी। (बिज़नस भास्कर)

कोई टिप्पणी नहीं: