नई दिल्ली August 17, 2009
शेयर बाजार कितना भी रोए, लेकिन खाद्य पदार्थों का कारोबार तो खिला-खिला दिख रहा है।
सूखे को लेकर कृषि मंत्री, वित्त मंत्री और आखिरकार प्रधानमंत्री के बयान से आम आदमी को लगा कि बाद में खाने की किल्लत न पड़ जाए और उसने खरीदारी तेज कर दी। इसलिए दाम और ऊपर चले गए हैं।
चीनी, वनस्पति तेल की खरीदारी में पिछले कुछ दिनों में काफी तेजी आई है। आयातित क्रूड पाम तेल (सीपीओ) की कीमत इस दौरान 600 डॉलर से बढ़कर 725 डॉलर प्रति टन हो गई। सीपीओ का ज्यादा आयात मलेशिया से होता है।
तेल के थोक कारोबारी नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं, 'आलाकमान के बयान के बाद ही मलेशिया ने पाम तेल की कीमत में बढ़ोतरी कर दी। लिहाजा कांडला बंदरगाह पर सीपीओ की कीमत 330 रुपये प्रति 10 किलोग्राम से बढ़कर 370 रुपये प्रति 10 किलोग्राम हो गई।'
सोयाबीन तेल की कीमत भी 15 दिन में 440 रुपये से बढ़कर 490 से 495 रुपये प्रति 10 किलोग्राम हो गईं। सरसों तेल 540 रुपये प्रति 10 किलोग्राम के तक पहुंच गया। गेहूं और आटा के भाव भी बढ़ चुके हैं।
1,075 से 1,100 रुपये प्रति क्विंटल वाला गेहूं 1,125 से 1,175 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर बिक रहा है और एमपी गेहूं में 300 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई है। 15 दिन पहले 25.50 रुपये प्रति किलो की चीनी 32 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।
सरकारी बयान से हुए पहलवान
जिंस 1 अगस्त 17 अगस्त कीमत कीमतसीपीओ 330 370 रुपये प्रति10 किलो रुपये प्रति10 किलो सोयाबीन 440 490 रुपये प्रति10 किलो रुपये प्रति10 किलोगेहूं एमपी 1700 2000 रुपये प्रति क्विंटल रुपये प्रति क्विंटलचीनी 25.50 32 रुपये प्रति किलो रुपये प्रति किलो (BS Hindi)
19 अगस्त 2009
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