06 अगस्त 2009
कमोडिटी एक्सचेंजों को एक-दूसरे की इक्विटी खरीदने की अनुमति
देश में कारोबार कर रहे कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स, एनसीडी ईएक्स और एनएमसीई अब एक-दूसरे की इक्विटी खरीद सकते हैं। सरकार के नए दिशानिर्देश के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर के जिन कमोडिटी एक्सचेंजों ने पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं, उन्हें दूसरे एक्सचेंजों में इक्विटी खरीदने की अनुमति दी गई है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा कमोडिटी एक्सचेंजों व स्टॉक एक्सचेंजों के पूंजी ढांचे के बारे में जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार अब स्टॉक एक्सचेंज और कमोडिटी एक्सचेंज पांच साल बाद दूसरे एक्सचेंज में 15 फीसदी तक इक्विटी खरीद सकते हैं। इसमें शर्त यह भी है कि जिस एक्सचेंज की इक्विटी खरीदी जा रही है, उसके भी काम करते हुए पांच साल पूरे हो जाने चाहिए। इस लिहाज से एमसीएक्स, एनसीडीईएक्स और और एनएमसीई एक-दूसरे की इक्विटी खरीद पाएंगे।स्टॉक एक्सचेंज और कमोडिटी एक्सचेंज की क्रॉस होल्डिंग वाली कुल इक्विटी 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। नए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि इन सभी एक्सचेंजों में सरकारी कंपनियों, बैंक, सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों, कोऑपरेटिव सोसाइटी, एग्री-मार्केटिंग संघों और निजी वेयरहाउस कंपनियों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त सरकारी कंपनियों, एग्री-मार्केटिंग संघों और को-ऑपरेटिव सोसायटी की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने की स्थिति में इन एक्सवचेंजों की राष्ट्रीय मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। इन निर्देशों के पालन की अंतिम तारीख सितंबर 2010 रखी गई है। यद्यपि फॉरवर्ड मार्केट कमीशन (एफएमसी) इस अवधि में एक साल की छूट दे सकता है। (Business Bhaskar)
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