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11 अगस्त 2009

यूपी-बिहार में सूख रही उम्मीदों की बाली

दोनों राज्यों में 84 ज़िले सूखाग्रस्त घोषित, धान की फसल पर असर पड़ने का अंदेशा
राजीव कुमार / नई दिल्ली August 10, 2009
मॉनसून की बेरुखी का असर धान की बुआई पर दिखने लगा है। बिहार में 38 जिलों में से 26 सूखे की चपेट में हैं।
उत्तर प्रदेश के 58 जिलों को पिछले महीने सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। झारखंड के सभी 24 जिले, असम के सभी 27, मणिपुर के 9 , नागालैंड के सभी 11 एवं हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है।
धान प्रभावित
उत्तर प्रदेश एवं बिहार के 70 फीसदी जिलों को वहां की सरकारों ने सूखाग्रस्त घोषित किया है। कम बरसात के कारण इन क्षेत्रों में धान की बुआई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कृषि मंत्रालय के मुताबिक 31 जुलाई तक देश भर में मात्र 191 लाख हेक्टेयर जमीन पर धान की बुआई की गयी थी जो कि सामान्य बुआई क्षेत्र का मात्र 48 फीसदी है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले देश भर में धान की बुआई में 25 फीसदी की कमी है।
बिहार में इस साल 35 लाख हेक्टेयर जमीन पर धान की बुआई करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 30 जुलाई तक बमुश्किल लक्ष्य के 15 फीसदी क्षेत्र में धान की बुआई की जा सकी थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में जुलाई के अंत तक मात्र 30 लाख हेक्टेयर भूमि की बुआई की गई थी जबकि पिछले साल की समान अवधि के दौरान राज्य में 57.92 लाख हेक्टेयर जमीन पर धान की बुआई हुई थी। मॉनसून के दौरान बिहार में सामान्य के मुकाबले 42 फीसदी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 35-40 फीसदी कम बारिश हुई है। (BS Hindi)

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