03 अगस्त 2010
एपीएल परिवारों के लिए 4.57 लाख टन अतिरिक्त अनाज
स्टॉक का असरकेंद्रीय पूल में 30 जून 2010 को खाद्यान्न का 578 लाख टन स्टॉकतय मानकों के हिसाब से बफर स्टॉक 269 लाख टन होना चाहिएसरकारी गोदामों में 335।84 लाख टन गेहूं और 242.66 लाख टन चावलमानकों के तहत यह क्रमश: 171 लाख टन और 98 लाख टन होना चाहिएखाद्यान्न के भारी-भरकम स्टॉक को हल्का करने के लिए केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) रहने वाले परिवारों को आवंटित करने के लिए 4.57 लाख टन अनाज का अतिरिक्त आवंटन किया है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार अभी एपीएल परिवार को 10 किलो से 35 किलो अनाज का आवंटन उपलब्धता के आधार पर हो रहा है। राज्यों को अगस्त 2010 से अगले छह महीने के लिए हर महीने 4.57 लाख टन अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित होगा। गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों और अंतोदय अन्न योजना (एएवाई) के तहत हर महीने 35 किलो अनाज आवंटिन किया जाता है। एपीएल परिवारों को गेहूं 610 रुपये और सामान्य चावल 795 रुपये तथा ए-ग्रेड चावल 830 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर मुहैया कराया जाता है। केंद्रीय पूल में 30 जून 2010 को खाद्यान्न का 578 लाख टन का स्टॉक बचा हुआ है जबकि तय मानकों के हिसाब से एक जुलाई को बफर स्टॉक 269 लाख टन होना चाहिए। सरकारी गोदामों में 335.84 लाख टन गेहूं और 242.66 लाख टन चावल का स्टॉक मौजूद है जबकि तय मानकों के तहत एक जुलाई को 171 लाख टन गेहूं और 98 लाख टन चावल का स्टॉक होना चाहिए। जून महीने में सभी स्कीमों (ओएमएसएस, पीडीएस एवं अन्य स्कीमों) के तहत सरकारी गोदामों से कुल 25.78 लाख टन अनाज का ही उठाव हो पाया। इस दौरान 10 लाख टन चावल और 15.78 लाख टन गेहूं का उठाव ही हुआ है। खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) में सरकार ने गेहूं का आवंटन तो ज्यादा मात्रा में किया है लेकिन हाजिर बाजार के मुकाबले एफसीआई का बिक्री भाव ज्यादा होने के कारण इसमें उठाव सीमित मात्रा में ही हो रहा है। दिल्ली में एफसीआई ने ओएमएसएस के तहत गेहूं का बिक्री भाव 1,252 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है जबकि हाजिर में गेहूं 1,230-1,232 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। अक्टूबर-2009 से सितंबर-2010 के दौरान ओएमएसएस के तहत सरकार ने 20.81 लाख टन गेहूं का आवंटन किया था लेकिन अभी तक इसमें से 12.56 लाख टन गेहूं की ही निविदा हो पाई हैं। केंद्रीय पूल में भंडारण क्षमता के मुकाबले खाद्यान्न का स्टॉक ज्यादा है। जिसकी वजह से पिछले दिनों उत्तर प्रदेश और पंजाब में खुले में रखा अनाज बारिश में भीग भी गया था। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास 288 लाख टन अनाज की भंडारण क्षमता है इसके अलावा राज्यों के पास करीब 180-190 लाख टन की भंडारण क्षमता है। अत: अनाज के बंपर स्टॉक को हल्का करने के लिए सरकार अतिरिक्त आवंटन कर रही है ताकि अनाज के उठाव में तेजी आ सके। (बिसनेस भास्कर.....आर अस राणा)
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