मुंबई November 10, 2009
कुल कारोबार के लिहाज से देश के सबसे बड़े कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) ने मंगलवार को अपनी स्थापना के 6 साल पूरे कर लिए।
सातवें साल में प्रवेश करते हुए कंपनी की योजना कृषि जिंसों में स्थिति मजबूत करने की है। एमसीएक्स ने सातवें साल में कम कारोबार वाले सौदों में भी जमकर काम करने की योजना बनाई है। गौरतलब है कि एमसीएक्स ने 6 साल पहले 10 नवंबर 2003 को सोना, चांदी और अरंडी के वायदा कारोबार के साथ अपना सफर शुरू किया था।
एमसीएक्स के प्रबंध निदेशक लैमन रूटेन ने बताया, 'सातवें साल के लिए एक्सचेंज की कोई नई योजना नहीं है। सामान्य क्रियाकलाप के अलावा कृषि जिंसों के कारोबार को अब प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ देश में पारदर्शी और कारोबारी समर्थक मूल्य प्रणाली को बढ़ावा देने की योजना है।' उन्होंने बताया कि फिलहाल नए अनुबंध लॉन्च करने की कोई योजना नहीं है।
मालूम हो कि एमसीएक्स में अभी 45 जिंसों का कारोबार हो रहा है। इसमें 24 लिक्विड हैं। लिक्विड सौदों में सर्राफा, ऊर्जा और दो कृषि जिंस शामिल हैं। एक्सचेंज में इनका कारोबार बहुत ज्यादा हो रहा है। इस साल कुल 40,64,248 रुपये के कारोबार में एमसीएक्स का योगदान 83 फीसदी या 33,70,531 करोड़ रुपये का रहा है। अब से 5 साल पहले इसका शेयर 85 फीसदी था।
नए अनुबंधों की लॉन्चिंग से एक्सचेंज ने अपना शेयर बरकरार रखा है। मालूम हो कि एमसीएक्स ने अपना कारोबार शुरू करने के 70 दिन के भीतर ही 100 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल कर लिया था। पिछले 6 साल में एक्सचेंज ने कई घरेलू और विदेशी एक्सचेंजों से कई करार किए हैं। एक्सचेंज ने अब तय किया है कई चरणों में गैर-तरलीकृत सौदों का भी कारोबार शुरू किया जाएगा।
रूटेन के मुताबिक, एक्सचेंज ने 5 कृषि जिसों जैसे कपास, ग्वारबीज, सोयाबीन, स्टील और कच्चा पाम तेल की पहचान की गई है। इनके उत्पादन वाले इलाकों में अधिकारियों की एक टीम को भेजा गया है। रूटेन ने बताया, 'अच्छी बात यह है कि इन जिंसों का कारोबार दूसरे एक्सचेंजों में हो रहा है। हम इन जिंसों का कारोबार एमसीएक्स में भी शुरू करने जा रहे हैं। उम्मीद है इनका कारोबार सफल रहेगा।' (बीएस हिन्दी)
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