12 नवंबर 2009
रिटर्न में चांदी की चमक सोने से ज्यादा
सोना भले ही नए रिकॉर्ड बना रहा है लेकिन चांदी तो सिर्फ चांदी की ही है। सोने के मुकाबले चालू वर्ष में चांदी में निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चालू वर्ष में सोने की कीमतों में 24 फीसदी का इजाफा हुआ जबकि इस दौरान चांदी के दाम 60 फीसदी बढ़ गए। इस दौरान घरेलू बाजार में सोने के दाम 24।2 फीसदी और चांदी के 51 फीसदी बढ़े। चांदी की औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी हुई है। इसलिए आगामी दिनों में भी सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में ही ज्यादा तेजी की संभावना है। बोनांजा कमोडिटी ब्रोकर्स प्राइवेट लिमिटेड की सीनियर रिसर्च एनॉलिस्ट रेखा मिश्रा ने बताया कि अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर कमजोर होने से निवेशक कीमती धातुओं में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। चांदी में औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है इसलिए आगामी दिनों में भी इसकी कीमतें सोने के मुकाबले ज्यादा बढ़ेंगी।अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहली जनवरी को चांदी के दाम 11.07 डॉलर प्रति औंस थे जबकि दस नवंबर को भाव बढ़कर 17.78 डॉलर प्रति औंस हो गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर महीने के वायदा अनुबंध में पिछले डेढ़ महीने में चांदी की कीमतों में 6.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 25 सितंबर को एमसीएक्स पर दिसंबर महीने के वायदा अनुबंध का भाव 25,715 रुपये प्रति किलो था जबकि दस क्टूबर को भाव 27,464 रुपये प्रति किलो हो गया।उन्होंने बताया कि पहली जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 874 डॉलर प्रति औंस थे जबकि दस नवंबर को भाव 1111 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। एमसीएक्स में सोना दिसंबर वायदा के दाम 25 सिंतबर को 15,427 रुपये प्रति दस ग्राम थे जबकि दस नवंबर को इसके दाम बढ़कर 16,703 रुपये प्रति दस ग्राम हो गए।दिल्ली सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष शील चंद जैन ने बताया कि औद्योगिक मांग में इजाफा होने की वजह से सोने के मुकाबले चांदी के दाम ज्याद बढ़े हैं। एक जनवरी को दिल्ली सराफा बाजार में चांदी का भाव 18,300 रुपये प्रति किलो था जबकि दस नवंबर को इसका भाव बढ़कर 27,650 रुपये प्रति किलो हो गया। इस दौरान इसमें 51 फीसदी की भारी तेजी आई है। सोने के दाम एक जनवरी को घरेलू बाजार में 13,650 रुपये प्रति दस ग्राम थे जबकि दस नवंबर को इसके दाम बढ़कर 16,960 रुपये प्रति किलो हो गए। चालू वर्ष में इसमें 24.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू बाजार में सोने की तेजी-मंदी विदेशी बाजार की चाल पर निर्भर करती है। डॉलर की कमजोरी और बड़े हेज फंडों द्वारा कीमती धातुओं की खरीद ज्यादा करने से आगामी दिनों में चांदी की कीमतों में और भी तेजी की संभावना है।rana@businessbhaskar.net (बिज़नस भास्कर)
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