कुल पेज दृश्य

12 नवंबर 2009

रेणुका शुगर्स ने किया ब्राजील की चीनी कंपनी का अधिग्रहण

मुंबई : भारत की 1.45 अरब डॉलर की श्री रेणुका शुगर्स लिमिटेड (एसआरएसएल) का बुधवार को ब्राजील की कंपनी वीडीआई को खरीदने का एलान भारतीय चीनी उद्योग के लिए ऐतिहासिक कदम है। इस क्षेत्र की भारतीय कंपनी ने पहली बार विदेश में कोई अधिग्रहण किया है। एसआरएसएल ने ब्राजील की चीनी और एथेनॉल कंपनी वीडीआई को 8.2 करोड़ डॉलर में खरीद लिया है। इस सौदे के बाद दुनिया के सबसे बड़े चीनी और एथेनॉल उत्पादक और निर्यातक देश ब्राजील में एसआरएसएल के आगे और कंपनियों को खरीदने की सूरत भी बन सकती है। एसआरएसएल ने वीडीआई की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। इस कंपनी पर ब्राजील के लॉन्गो परिवार का कब्जा था।
एसआरएसएल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नरेंद्र मुरकुंबी ने बताया कि ब्राजील की कंपनी के पास दो एथेनॉल और चीनी प्लांट हैं, जो साल भर में 31 लाख टन गन्ने की पेराई कर सकते हैं। साथ ही कंपनी के पास लंबी अवधि की लीज पर 18,000 हेक्टेयर जमीन भी है। एसआरएसएल ने 8.2 करोड़ डॉलर के इस सौदे में वीडीआई का कर्ज चुकाने की हामी भी भरी है। इसके बावजूद भारतीय कंपनी को यह मुनाफे का सौदा लग रहा है। एसआरएसएल ने बताया कि वीडीआई के पास 24 करोड़ डॉलर की संपत्ति है। भारतीय कंपनी को वीडीआई का कर्ज अगले आठ साल में चुकाना होगा। एसआरएसएल इस अधिग्रहण के लिए अपने कैश रिजर्व का इस्तेमाल करेगी। भारतीय कंपनी को वीडीआई के अधिग्रहण से तीन अहम फायदे होंगे। ब्राजील की कंपनी वहां के बाजार का रणनीतिक फायदा उठा सकती है। दुनिया के कुल चीनी उत्पादन में ब्राजील की हिस्सेदारी एक तिहाई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगर 10 बोरी चीनी बिकती है तो उसमें से चार ब्राजील से आती है। वीडीआई की फैक्ट्रियां पराना स्टेट में हैं। साओ पाओलो के बाद यह ब्राजील का दूसरा बड़ा चीनी निर्यातक स्टेट है। यही नहीं, कंपनी को 72 फीसदी कच्चा माल (गन्ना) अपनी जमीन से मिलता है। साथ ही फैक्ट्रियों के बंदरगाह के करीब होने से निर्यात की लागत भी कम पड़ेगी। मुरकुंबी ने बताया, 'हम वीडीआई की चीनी उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की सोच रहे हैं। अभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की अच्छी मांग है और उसकी कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर चल रही हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि वीडीआई जहां से अच्छी कीमत मिलेगी, वहीं चीनी बेचेगी।एसआरएसएल ने इस सौदे का एलान तब किया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें रेकॉर्ड ऊंचाई पर चल रही हैं। हालांकि इसके बावजूद ब्राजील की चीनी कंपनियां कर्ज के बोझ की वजह से आर्थिक बदहाली से गुजर रही हैं। इस वजह से आकर्षक वैल्यूएशन पर ब्राजील में चीनी कंपनियां बिक रही हैं। एसआरएसएल ने इसी का फायदा उठाया है। उससे पहले फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी लुई ड्रेफस कमोडिटीज भी ब्राजील में चीनी कंपनी खरीद चुकी है। (ई टी हिन्दी)

कोई टिप्पणी नहीं: