12 नवंबर 2009
चीन का लौह अयस्क आयात गिरा लेकिन स्टील उत्पादन बढ़ा
सितंबर की तुलना में अक्टूबर के दौरान चीन का लौह अयस्क आयात करीब 30 फीसदी गिर गया। लेकिन देश के स्टील उत्पादन में कोई कमी देखने को नहीं मिली। बीते अक्टूबर में चीन के इस्पात उद्योग की विकास दर पिछले 19 महीनों की सबसे ज्यादा रही।अक्टूबर में चीन के स्टील उद्योग के विकास को देखते हुए आर्थिक हलकों में कहा जा रहा है कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ने आर्थिक सुस्ती को पीछे छोड़ दिया है। चीन के दो महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र स्टील और लौह अयस्क के उत्पादन में अक्टूबर के दौरान वृद्धि दर्ज हुई है। सूत्रों ने बताया कि इस्पात उत्पादक बायोस्टील और वुहान आयरन एंड स्टील ने दिसंबर के लिए अपने बिक्री मूल्य में इजाफा कर दिया है। ऐसी उम्मीद है कि इस साल के आखिरी तक औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि जारी रहेगी। चीन में एक विश्लेषक हु काइ ने कहा कि इस्पात उद्योग के शुद्ध लाभ में वृद्धि हो रही है जिससे उत्पादन में कमी किए जाने की आशंका नहीं है। हालांकि अक्टूबर के दौरान लौह अयस्क के आयात में 30 फीसदी की गिरावट आई है। इस दौरान 4।54 करोड़ टन लौह अयस्क का आयात अक्टूबर में किया गया। चायना मर्चेंट्स सिक्योरिटीज के एक विश्लेषक झांग शिबाओ ने कहा कि लौह अयस्क का आयात सामान्य स्तर पर है। उनका यही मानना है कि अगले साल की बेंचमार्क कीमतों में वृद्धि हो सकती है। चीन के लौह एवं इस्पात एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनुमान संबंधी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष के अंत में लौह अयस्क की कीमतों में वृद्धि की संभावना है। चीन के इस्पात उद्योग की भारी मांग के कारण भारतीय लौह अयस्क की कीमतें बढ़ी हैं और यह 100 डॉलर प्रति टन के स्तर पर पहुंच गई हैं। चीन में इस्पात के माहवार उत्पादन के आंकड़ों की तरफ गौर करें तो अक्टूबर के दौरान सितंबर की तुलना में क्रूड इस्पात के उत्पादन में दो फीसदी की वृद्धि हुई। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर के दौरान 27 लाख टन इस्पात का निर्यात किया गया, जो सितंबर की तुलना में 10 फीसदी अधिक है। (बिज़नस भास्कर)
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