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07 नवंबर 2009

पंजाब की नई आवक से आलू के भाव गिर

पंजाब से नए आलू की सप्लाई शुरू होने का असर भाव पर दिखने लगा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान आलू के थोक भाव 200 रुपये प्रति बोरी (80 किलोग्राम) तक घट चुके हैं। कारोबारियों के अनुसार 15 नवंबर के बाद इसकी कीमतों में और अधिक गिरावट आने की संभावना है। तब तक आलू की मुख्य फसल की शुरूआती सप्लाई आने लगेगी।राष्ट्रीय राजधानी की फल एवं सब्जी मंडी आजादपुर में पिछले एक सप्ताह के दौरान कोल्ड स्टोर आलू के दाम 1100-1300 रुपये से घटकर 850-1100 रुपये प्रति बोरी, कर्नाटक लाइन आलू के दाम 1300-1700 रुपये प्रति बोरी से घटकर 1100-1550 रुपये रह गए हैं। वहीं मंडी में पंजाब लाइन आलू के दाम 1200- 1400 रुपये प्रति बोरी चल रहे हैं। पोटेटो ऑनियन मर्चेट एसोसिएशन (पोमा) के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार शर्मा ने बिजनेस भास्कर को बताया पंजाब लाइन से इन दिनों नए आलू के 10 से 12 ट्रक आ रहे हैं। नई सप्लाई की वजह से आलू के थोक भाव पिछले एक सप्ताह के दौरान 200 रुपये प्रति बोरी तक घट चुके हैं। आलू कारोबारी वीरेंद्र कुमार के अनुसार 15 नवंबर के बाद आलू की कीमतों में और अधिक गिरावट आ सकती हैं। इसकी वजह इस दौरान पंजाब से सप्लाई में वृद्धि होने की संभावना है। दरअसल इन दिनों पंजाब से आलू फसल की शुरूआती सप्लाई आ रही है। 15 नवंबर के बाद आलू की मुख्य फसल आने लगेगी। ऐसे में सप्लाई के दबाव में आलू के दाम और घट सकते हैं। चालू वर्ष में देश के कुछ हिस्सों में इसका उत्पादन घटने से आलू की कीमतों में बेहताशा वृद्धि हुई थी। इस बार पहाड़ी आलू के दाम भी काफी अधिक रहे। इसकी वजह कर्नाटक में खरीफ सीजन के दौरान कम और बारिश में देरी के कारण आलू की बुवाई करीब 50 फीसदी कम रहना है। उधर रबी सीजन के दौरान आलू के दाम इस बार अधिक मिलने के कारण इसकी बुवाई में पांच से आठ फीसदी की बढ़ोतरी होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में रबी सीजन में इस बार 5।77 लाख हैक्टेयर जमीन में आलू की बुवाई होने के आसार हैं। वर्ष 2008-09 के दौरान देश में करीब 315 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ है। इसमें उत्तर प्रदेश में करीब 135 लाख टन और पंजाब में करीब 14 लाख टन आलू पैदा हुआ था। इन राज्यों में आलू की पैदावार बढ़ी थी जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल में आलू की पैदावार में लेट ब्लाइट बीमारी के कारण 30 फीसदी तक की कमी आई थी (बिज़नस भास्कर)

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