10 नवंबर 2009
तिलहन पैदावार में कमी का असर दिखने लगा खाद्य तेलों के भाव पर
खरीफ सीजन में तिलहनों की पैदावार गिरने की संभावना का असर खाद्य तेलों की कीमत पर दिखने लगा है। पिछले 15 दिनों में सोयाबीन तेल की कीमतों में 2.5 रुपये प्रति किलो और मूंगफली तेल की कीमतों में 5 रुपये प्रति किलो की तेजी आ चुकी है। चालू खरीफ सीजन में तिलहन पैदावार घटकर 152 लाख टन ही रहने का अनुमान है जबकि पिछले साल 178 लाख टन उत्पादन हुआ था। हालांकि आयात में हुई बढ़ोतरी से मौजूदा कीमतों में भारी तेजी की संभावना कम है। दिल्ली वेजिटेबल ऑयल ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव हेमंत गुप्ता ने बताया कि खरीफ में सोयाबीन और मूंगफली की पैदावार में कमी आने से खाद्य तेलों के दाम में सुधार हुआ है। पिछले 15 दिनों में सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में 2.5 रुपये, मूंगफली तेल की कीमतों में 5 रुपये, बिनौला तेल की कीमतों में 2 रुपये और क्रूड पाम तेल की कीमतों में 50 पैसे प्रति किलो की तेजी आ चुकी है। सोमवार को इंदौर में सोया रिफाइड तेल के दाम बढ़कर 465 रुपये, राजकोट में मूंगफली तेल के दाम 690 रुपये, हरियाणा में बिनौला तेल के दाम 415 रुपये और कांडला पोर्ट पर क्रूड पाम तेल के दाम बढ़कर 318 रुपये प्रति दस किलो हो गए। हालांकि इस दौरान सरसों तेल की कीमत में दो रुपये प्रति किलो की गिरावट आकर भाव 512 रुपये प्रति दस किलो रह गए। साई सिरमन फूड लिमिटेड के डायरेक्टर नरेश गोयनका ने बताया कि पिछले 15 दिनों में सोयाबीन की कीमतों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आकर भाव 2400-2420 हो गए। लेकिन घरेलू बाजार में चालू तेल वर्ष में खाद्य तेलों का रिकार्ड आयात हुआ है जिससे खाद्य तेलों की कीमतों में भारी तेजी के आसार नहीं हैं। साल्वेंट एक्स्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के अनुसार पिछले तेल वर्ष (नवंबर से अक्टूबर) में सितंबर तक 11 माह में खाद्य तेलों के आयात में 57 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई। अभी तक 79.75 लाख टन का रिकार्ड आयात हुआ है जबकि पिछले साल 54.29 लाख टन का आयात हुआ था।श्री राजमोती इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर समीर भाई शाह ने बताया कि मूंगफली तेल में निर्यातकों के साथ ही घरेलू मांग अच्छी बनी हुई है। सर्दियों में मूंगफली तेल की मांग में और बढ़ोतरी की संभावना है। जिससे मूंगफली तेल की कीमत में 50 से 75 रुपये प्रति दस किलो की और तेजी की संभावना है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आरंभिक अनुमान के मुताबिक खरीफ में तिलहनों की पैदावार 152 लाख टन ही रहने का अनुमान है जोकि पिछले साल के 178 लाख टन से काफी कम है। इसमें मूंगफली का उत्पादन घटकर 45.3 लाख टन और सोयाबीन का उत्पादन 89.3 लाख टन होने का अनुमान है। पिछले साल मूंगफली का 56.3 लाख टन और सोयाबीन का 99.1 लाख टन का उत्पादन हुआ था। (बिज़नस भास्कर....आर अस राणा)
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