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08 अक्टूबर 2008

दूध की कमी व मजबूत मांग से देसी घी महंगा

घी की त्योहारी मांग निकलने और दूध की सप्लाई कम होने से इसके मुल्यों पर दोहरी मार पड़ रही है । जिससे घी की कीमतों में तेजी बनी हुई है पिछले दो दिनों में ही घी के भाव में 50 से 60 रुपये प्रति टिन की तेजी आई है। कारोबारियों का कहना है कि घी की कीमतों आगे और तेजी आ सकती है।खारी बावली सर्व व्यापार मंडल के चेयरमैन मृदुल राजीव बत्रा ने बिÊानेस भास्कर को बताया कि त्योहारी मांग निकलने और दूध के उत्पादन में कमी के चलते घी की कीमतों में पिछले दो दिनों में 50 से 60 रुपये प्रति टिन (15 किलो) की बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है दूध के सप्लाई में पिछले साल की तुलना में भारी कमी आई है। इसकी मुख्य वजह पंजाब, बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाकों में आई बाढ है। उत्पादन कम होने से पिछले साल की तुलना में दूध की कीमतें 1700 से बढ़कर 2200 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल हो गई हैं। खारी बावली के घी बाजार में पिछले दो दिनों में देसी घी 2740 से 3350 रुपये से बढ़कर 2800 से 3400 रुपये प्रति टिन के हिसाब सेबिक रहा है। जबकि क्रीम घी का भाव 2800 से 3200 रुपये प्रति टिन है। कारोबारियों के मुताबिक हर साल नवरात्रों के दौरान इसके भाव कम ही रहते है। राजीव बत्रा का कहना है कि हर साल हलवाई इसकी खरीदारी रमजान माह में ही कर लेते थे, लेकिन इस बार इन दिनों घी के महंगा होने के कारण उनके द्वारा खरीदारी नहीं की गई। नतीजतन इस समय घी की मांग बढ़ने लगी है और दूध की सप्लाई में कमी देखी जा रही है लिहाजा घी के मूल्य में तेजी बनी हुई है। चमन देसी घी के संजय ने बताया कि घी की खपत तो हर साल बढ़ रही है लेकिन दूध की सप्लाई उस अनुपात में नहीं हो पा रही है । इस साल उत्तर प्रदेश से दूध की सप्लाई में भारी कमी देखी जा रही है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में भाव और बढ़ सकते है। हालांकि घी दीवाली के बाद सस्ता होने की उम्मीद है। (Business Bhaskar)

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