06 अक्टूबर 2008
मूंगफली निर्यात पर रोक के विरोध
केंद्र सरकार द्वारा मूंगफली तेल व गिरी के निर्यात पर लगी रोक के विरोध में करोबारियों और किसानों ने पहली अक्टूबर से गुजरात की सभी मंडियों में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रखी है।राजकोट स्थित मैसर्स श्री राजमोती इंडस्ट्रीज के चेयरमैन समीर भाई शाह ने बिजनेस भास्कर को बताया कि मंहगाई को काबू में करने की कवायद में केंद्र सरकार ने फरवरी 2008 में मूंगफली तेल व गिरी के निर्यात पर एक साल के लिए रोक लगा दी थी। राज्य की उत्पादक मंडियों में नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है तथा सितंबर के आखिर सप्ताह में आवक बढ़कर 35 से 40 हजार बोरियों की हो गई थी लेकिन निर्यात पर लगी रोक के कारण मिलों के साथ ही स्टॉकिस्टों की मांग कमजोर होने से उत्पादक मंडियों में मूंगफली के भाव घटकर नीचे में 17 से 19 रुपये प्रति किलो रह गये। भावों में आई भारी गिरावट से किसानों ने माल बेचने से इंकार कर दिया तब व्यापारियों ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाने हेतु हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है।समीर शाह ने बताया कि व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री व सोनिया गांधी से मिलने का समय मांगा है। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि मंडल ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ से भी मिलने की योजना बनाई है। समीर शाह बताया कि गत वर्ष मूंगफली तेल का करीब 50 हजार टन का निर्यात किया गया था तथा मूंगफली गिरी का भी हर वर्ष करीब 2.5 से 3 लाख टन का निर्यात किया जाता है। पिछले दो सालों से मूंगफली के भाव तेज होने के साथ ही चालू वर्ष में पॉम तेल के भावों में आई भारी गिरावट से मूंगफली तेल की घरलू खपत में काफी कमी आई है। अगर निर्यात नहीं खोला गया तो किसानों को अपनी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पायेगा। हालांकि मंहगाई की ऊंची दर को देखते हुए निर्यात पर लगी रोक हटने के आसार कम ही हैं।राजकोट के मूंगफली व्यापारी दयालाल ने मसले को जल्द से जल्द सुलझने की उम्मीद जताते हुए कहा कि जैसे ही मंडियां खुलेंगी आवक का दबाव बढ़ने कीमतों में गिरावट आ सकती है। हड़ताल से पहले राज्य की मंडियों में 35-40 हजार बोरी (प्रति बोरी 40 किलो) की आवक हो रही थी। लेकिन हड़ताल की वजह आवक कम होने से मूंगफली तेल व गिरी के भावों में सुधार हुआ है। मंडियों खुलने के बाद मूंगफली की आवक बढ़कर दो से ढ़ाई लाख बोरी हो सकती हैं। सिंगदाना मूंगफली के भाव इस समय 560 रुपये व तेल वाली मूंगफली के भाव 500 रुपये प्रति 20 किलो चल रहे हैं जबकि तेल के भाव 590 से 610 रुपये प्रति 10 किलो हैं।उन्होंने बताया कि चालू वर्ष के दौरान गुजरात में करीब 21-22 लाख टन मूंगफली उत्पादन के आसार हैं। पिछले साल यहां 16-17 लाख टन मूंगफली का उत्पादन हुआ था। वहीं चालू खरीफ सीजन में देश में मूंगफली का उत्पादन 51 से 52 लाख टन होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार करीब 61 लाख टन मूंगफली उत्पादन की उम्मीद जताया है। जबकि सेंटर आर्गेनाईजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंव ट्रेड के मुताबिक उत्पादन का स्तर करीब 49 लाख टन रह सकता है। (Business Bhaskar......R S Rana)
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