कुल पेज दृश्य

11 फ़रवरी 2009

आंध्र में मक्का की नई आवक से पूर्व भाव गिरे

आंध्र प्रदेश की उत्पादक मंडियों में अगले सप्ताह नई मक्का की आवक शुरू हो जाएगी। लेकिन किसानों को मक्का के बेहतर मूल्य तो दूर 840 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास भी भाव मिलना मुश्किल लग रहा है। उत्पादक मंडियों में रबी सीजन की नई आवक से पहले ही भावों में 15 से 20 रुपये की गिरावट चुकी है। इस समय मंडियों में आ रही खरीफ सीजन की भी सरकारी एजेंसियों से नाममात्र की खरीद किए जाने से खुले बाजार में भाव को कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। मौजूदा भाव पिछले मार्केटिंग वर्ष (सितंबर-अगस्त) के 1000 रुपये प्रति क्विंटल के रिकार्ड स्तर से काफी नीचे हैं। निर्यातकों के साथ-साथ पोल्ट्री फीड और स्टार्च निर्माताओं की मांग कमजोर है।निजामाबाद मंडी के मक्का व्यापारी पूनमचंद गुप्ता ने बिजनेस भास्कर को बताया कि अगले सप्ताह तक राज्य की मंडियों में नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी। आंध्रप्रदेश में मक्का का उत्पादन खरीफ और रबी दोनों सीजनों में होता है। हालांकि खरीफ के मुकाबले रबी में उत्पादन काफी कम होता है लेकिन पोल्ट्री फीड व स्टार्च निर्माताओं ने नई फसल को देखते हुए खरीद कम कर दी है। जिससे राज्य की मंडियों में 15 से 20 रुपये की गिरावट आकर भाव 800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। उधर कर्नाटक की मंडियों में मक्का के भाव घटकर 790 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। जबकि महाराष्ट्र की मंडियों में भी पिछले दो-तीन दिनों में 20 से 25 रुपये की गिरावट के साथ भाव 780-785 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इन राज्यों में मक्का की दैनिक आवक 35 से 40 हजार बोरी के करीब हो रही है। मुंबई के मक्का निर्यातक दिलीप काबरा ने बताया कि निर्यातक 190-195 डॉलर प्रति टन (एफओबी) के भाव बोल रहे हैं लेकिन इन भावों में भी मांग नहीं है। चालू मार्केटिंग वर्ष (सितंबर से अगस्त) में अभी तक देश से मक्का निर्यात मात्र 40 से 45 हजार टन का ही हो पाया है। निर्यातकों की कमजोर मांग को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के बाकी समय में कुल निर्यात दो लाख टन से भी कम होने की संभावना है। पिछले वर्ष देश से मक्का का कुल निर्यात 30 लाख टन का हुआ था।दिल्ली के मक्का व्यापारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान से मक्का की दैनिक आवक मात्र दस-पंद्रह मोटरों की ही हो रही है लेकिन हरियाणा और पंजाब के पोल्ट्री फीड निर्माताओं की मांग कमजोर होने से यहां भी पिछले दो-तीन दिनों में 25 रुपये की गिरावट आकर भाव 920 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान में राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा खरीफ सीजन के मक्का की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 840 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर नाम मात्र की खरीद कर रही हैं। जिससे खुले बाजार के भाव पर किसी तरह का समर्थन नहीं मिल रहा है। (Business Bhaskar...R S Rana)

कोई टिप्पणी नहीं: