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07 फ़रवरी 2009

पाम तेल आयात में नाफेड भी डिफाल्टर

पाम तेल के एक आयात सौदे में डिलीवरी नहीं लेने से मलेशियाई कंपनी ने नाफेड को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। नाफेड ने मलेशिया से 11 लाख डॉलर में पाम तेल का आयात सौदा किया था। लेकिन उक्त सौदे की डिलीवरी नहीं ली। मलेशियाई कंपनी कालमार्ट सिस्टम के प्रबंध निदेशक एनवी अवालानी ने बताया कि नाफेड ने तय सौदा नियमों का उलंघन किया है। कालमार्ट ने नाफेड के साथ 1,000 टन क्रूड पाम तेल खरीद का करार किया था। यह सौदा करीब 1,190 डॉलर प्रति टन के भाव हुआ था। यह भाव कांडला पोर्ट पहुंच का है। लेकिन नाफेड ने अभी तक इस सौदे पर अमल नहीं किया है। लिहाजा कंपनी ने नाफेड को डिफाल्टर घोषित कर दिया है। उधर नेफे ड के अधिकारी ने इस मसले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। अवालानी ने बताया कि नाफेड को इस सौदे की डिलीवरी दरअसल पिछले साल सितंबर में ही लेनी थी। लेकिन अभी तक कंपनी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। गौरतलब है कि पिछले साल के अंतिम छह महीनों के दौरान वैव्श्रिक बाजारों में क्रूड पाम तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट की वजह से भारत, पाकि स्तान और चीन समेत कई देशों की कंपनियां सौदे लेने में डिफाल्टर रही हैं। लेकिन इनमें ज्यादातर निजी कंपनियों का ही नाम शामिल है। ऐसे में इंडोनेशिया ने तो कई कंपनियों को काली सूची में भी डाल दिया है। अवालानी ने बताया कि वह इस मसले को लेकर भारतीय कृषि मंत्रालय के उच्चाधिकारियों से भी मुलाकात कर चुके हैं। कंपनी ने इससे जुड़ी शिकायत और जरुरी दस्तावेज मंत्रालय और कुआलालंपुर में उच्चायोग को भी सौंपे हैं। लेकिन अभी तक नाफेड ने ना तो लेटर ऑफ क्रेडीट ही जारी किया है, और ना ही इस मसले पर कोई प्रतिक्रिया दे पाया है। उन्होंने बताया कि भारत की डिफाल्टर कंपनियां अभी भी एसटीसी जैसी सरकारी कंपनियों के जरीए आयात कर रही हैं। (Business Bhaskar)

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