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11 फ़रवरी 2009

उत्पादन की कमी नई आवक पर हावी, हल्दी में तेजी जारी

चालू फसल सीजन में देश में हल्दी का उत्पादन घटने और उत्पादक मंडियों में बकाया स्टॉक भी कम होने से कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है। साथ ही चालू वित्त वर्ष में निर्यात मांग 9.47 फीसदी बढ़ गई है। इस समय घरेलू व निर्यात की मांग अच्छी बनी हुई है जबकि उत्पादक मंडियों में नई फसल की आवक सीमित मात्रा में हो रही है। अत: आवक का दबाव बनने तक मौजूदा भाव में तेजी का रुख कायम रह सकता है।निजामाबाद मंडी के हल्दी व्यापारी पूनमचंद गुप्ता ने बिजनेस भास्कर को बताया कि चालू बुवाई सीजन में किसानों द्वारा हल्दी के बजाय कॉटन की ज्यादा बुवाई की गई है। जिससे इसके बुवाई क्षेत्रफल में कमी आई है। इस वर्ष देश में हल्दी का उत्पादन 42 लाख बोरी (एक बोरी 70 किलो) का होने की संभावना है जबकि पिछले वर्ष देश में इसका उत्पादन 43 लाख बोरी का हुआ था। हालांकि उत्पादन में तो ज्यादा कमी नहीं आएगी, लेकिन पिछले वर्ष नई फसल की आवक के समय उत्पादक मंडियों में बकाया स्टॉक करीब 13 से 14 लाख बोरी का बचा हुआ था जबकि चालू वर्ष में बकाया स्टॉक मात्र चार से पांच लाख बोरी का ही बचा हुआ है। ऐसे में हल्दी की कुल उपलब्धता पिछले वर्ष से कम बैठेगी। घरेलू व निर्यात मांग मिलाकर हल्दी की सालाना खपत करीब 45 से 46 लाख बोरी की होती है।इरोड़ मंडी के हल्दी व्यापारी सुभाष गुप्ता ने बताया कि नई फसल की दैनिक आवक छह से साढ़े छह हजार बोरियों की हो रही है जबकि निर्यातकों के साथ घरेलू मांग अच्छी होने से लूज में भाव 4100 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। उधर निजामाबाद मंडी में नई फसल की आवक 4000 बोरियों की हो रही है तथा यहां इसके भाव लूज में 3900 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं। भावों में आई तेजी से स्टॉकिस्टों की बिकवाली भी कम आ रही है।अत: पिछले सवा महीने में इसके भावों में 200 से 250 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। उन्होंने बताया कि अन्य उत्पादक मंडियों वारंगल, डुगीराला और महाराष्ट्र की सांगली तथा नांदेड़ में नई फसल की आवक चालू माह के आखिर में बनेगी तथा आवक का दबाव मार्च महीने में बनने की संभावना है। ऐसे में मार्च मध्य तक आवक का दबाव बनने पर ही भावों में गिरावट आने की संभावना है। उड़ीसा के बहरामपुर में भी नई फसल मार्च के आखिर तक आएगी।मसाला बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से दिसंबर तक भारत से हल्दी का निर्यात 9.47 फीसदी बढ़कर 40,000 टन का हो चुका है। पिछले वर्ष की समान अवधि में देश से इसका निर्यात 36,450 टन का हुआ था। (Business Bhaskar....R S Rana)

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