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09 फ़रवरी 2009

खाद्य तेल खरीद में राज्य उदासीन

केन्द्र सरकार द्वारा खाद्य तेलों पर सब्सिडी बढ़ाने के बावजूद राज्यों की ओर से इनकी मांग नहीं की जा रही है। सब्सिडी बढ़ाये हुए एक माह से अधिक समय हो गया है पर अभी तक किसी राज्य ने इसकी मांग नहीं की है। केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत दिये जाने वाले खाद्य तेलों पर सब्सिडी को 15 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये प्रति किलो कर दिया है।खाद्य मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि छूट बढाने के बावजूद राज्य खाद्य तेलों को लेने में रुचि नहीं ले रहे है। कई राज्यों ने फिलहाल खाद्य तेल लेने से मना कर दिया है। राज्यों की ओर से इस बेरुखी की मुख्य वजह खाद्य तेलों के बाजार मूल्य में आई गिरावट है। पिछले साल मार्च में उच्चतम स्तरों से खाद्य तेलों के दाम 65-78 फीसदी तक गिर गये हैं। इसी को देखते हुए राज्य सावर्जनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्य तेलों का वितरण नहीं करना चाहती। केन्द्र सरकार द्वारा अगस्त 2008 में शुरु की गई यह योजना मार्च 2009 तक जारी रहनी है। राज्यों की ओर से मांग ने होने के कारण सरकार ज्यादा से ज्यादा खाद्य तेल टेंडर के द्वारा बेचने पर विचार कर रही है।इसी का नतीजा है कि खाद्य तेल आयात करने वाली चारों एजेंसियां लगातार नये टेंडर निकाल रही है। अभी तक चारों एजेंसिया कुल 8,000 टन आयातित खाद्य तेल टेंडर के द्वारा बेच चुकी है। केन्द्र सरकार की ओर से नाफेड, एमएमटीसी, एसटीसी और पीईसी ने खाद्य तेलों का आयात किया है। पिछले साल अगस्त में शुरु हुई इस योजना के अंतर्गत इन चारों एजेंसियों ने अभी तक 3.6 लाख टन क्रूड पॉम और सोया तेल का आयात किया है। इसमें से पहले राज्यों ने इन एजेंसियों से 15 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी के दौरान 2 लाख टन खाद्य तेल लिया था। खाद्य तेलों में जारी गिरावट को देखते हुये सरकार ने दिसंबर 2008 में इनका आयात रोक दिया था। जबकि इस योजना के अंतर्गत 10 लाख टन खाद्य तेल आयात करने की योजना थी।इस साल मार्च में पाम तेल के दाम 1400 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गए थे जो इस समय कम होकर 525 डॉलर प्रति टन पर है। साथ ही इसी अवधि में सोया तेल के दाम 1700 डॉलर प्रति टन से कम होकर 665 डॉलर पर पहुंच गये है। घरेलू बाजार में आई भारी गिरावट के चलते सोयाबीन के दाम काफी कम हो गये हैं। जिसको देखते हुए सरकार ने क्रूड सोया तेल पर 20 फीसदी का आयात शुल्क लगा दिया है। (Business Bhaskar)

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