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11 फ़रवरी 2009

सिल्क आयात में आई 3.33 फीसदी की गिरावट

नई दिल्ली: देश में होने वाले सिल्क आयात में गिरावट आई है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में देश में होने वाला सिल्क आयात 3.33 फीसदी गिरकर 20.3 करोड़ डॉलर रहा है। केंद्रीय सिल्क (सीएसबी) के मुताबिक भारत में जिन देशों से सिल्क का आयात हो रहा है उनमें चीन अब भी अपना वर्चस्व बनाए हुए है। ब्राजील और उज्बेकिस्तान जैसे देशों से होने वाले सिल्क आयात में और ज्यादा गिरावट देखी गई है। इन देशों से अमूमन 30 टन से कम सिल्क का आयात होता है। केंदीय सिल्क बोर्ड के जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में चीन से सबसे ज्यादा सिल्क का आयात किया गया है। साल 1954 में पहली पंचवर्षीय योजना के लागू के वक्त से ही देश में कच्चे सिल्क, सिल्क धागे और कपड़े का दुनिया भर के बाजारों से आयात हो रहा है। सीएसबी ने कहा है कि सिल्क धागे और कपड़े के आयात में मामूली कमी आई है जबकि कच्चे सिल्क के आयात में ज्यादा गिरावट आई है। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से सितंबर के बीच करीब 9.86 करोड़ डॉलर के सिल्क कपड़े का आयात हुआ है। जबकि इससे एक साल पहले की इसी अवधि में देश में 11.16 करोड़ डॉलर के सिल्क कपड़े का आयात हुआ था। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में 10.52 करोड़ डॉलर के 4,346 टन कच्चे सिल्क का आयात हुआ है। जबकि इससे एक साल पहले की समान अवधि में 9.88 करोड़ डॉलर के 4,267 टन सिल्क का आयात हुआ था। सीएसबी के मुताबिक ब्राजील से इस दौरान दो टन कच्चे सिल्क का और हांगकांग से से आठ टन और दूसरे देशों से तीन टन कच्चे सिल्क का आयात हुआ है। इसी तरह से चीन से इस दौरान 4,333 टन कच्चे सिल्क का आयात हुआ है।बोर्ड (ET Hindi)

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