14 दिसंबर 2008
ऊंचे एमएसपी के बावजूद मिलों ने सरकार से ज्यादा कपास खरीदा
इस साल न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 फीसदी बढ़ाए जाने के बाद भी खुले बाजार से ऊंचे भावों पर मिलों ने 60 फीसदी कपास की खरीद है जबकि कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने मात्र 40 फीसदी की ही खरीद की है। इस समय पूरे देश की मंडियों में कपास की दैनिक आवक 1.25 से 1.50 लाख गांठ (एक गांठ 170 किलो) चल रही है। उद्योग एमएसपी ज्यादा होने की शिकायत कर रहा है और उसका कहना है कि एमएसपी ज्यादा होने के कारण खुले बाजार में भी भाव ज्यादा हैं जिससे उसे व्यवसाय में नुकसान उठाना पड़ेगा। सीसीआई के सूत्रों के अनुसार बीते सोमवार तक पूरे देश की मंडियों में कपास की कुल आवक करीब 72 से 73 लाख गांठ तक पहुंच चुकी है तथा इसमें से मिलों ने करीब 42 से 43 लाख गांठ की खरीद की है। उधर सीसीआई ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 27 लाख गांठ की खरीद की है जबकि महाराष्ट्र कॉटन फेडरेशन ने 2.5 से 3 लाख गांठ की खरीद की है। पिछले वर्ष सीसीआई ने एमएसपी पर 9.9 लाख गांठ कपास की खरीद की थी। सीसीआई की खरीद सीजन के अंत तक जारी रहेगी तथा चालू वर्ष में सीसीआई की खरीद में भारी बढ़ोतरी होने के आसार हैं। पिछले साल मिलों ने करीब नब्बे फीसदी कॉटन की खरीद की थी।केंद्र सरकार ने चालू फसल सीजन के लिए कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 40 फीसदी की बढ़ोतरी कर मीडियम स्टेपल कपास के लिए 2500 रुपये और लांग स्टेपल कपास के लिए 3000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। जिनिंग मिल और टैक्सटाइल मिलें ऊंचे एमएसपी का विरोध कर रही हैं। कॉटन एडवायजरी बोर्ड के अनुसार चालू फसल सीजन में देश में कपास का उत्पादन 320 लाख गांठ का होने की उम्मीद है। पिछले साल देश में इसका उत्पादन 315 लाख गांठ रहा था। पिछले वर्ष घरेलू बाजारों में भाव कम होने के कारण देश से रुई का निर्यात 85 लाख गांठ रहा था लेकिन चालू सीजन में घरेलू बाजारों में भाव तेज होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव घटने से निर्यात में कमी आने की संभावना है। हालांकि, अमेरिकी कृषि विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में देश में कपास के उत्पादन अनुमान 320 लाख गांठ से घटाकर 306 लाख गांठ कर दिया है। उधर व्यापारियों की राय इससे अलग है। व्यापारियों का मानना है कि चालू फसल सीजन में देश में कपास का उत्पादन 270 से 275 लाख गांठ ही होने की उम्मीद है। अबोहर मंडी के कपास व्यापारी राकेश राठी ने बिजनेस भास्कर को बताया कि उत्तर भारत के प्रमुख उत्पादक राज्यों पंजाब, हरियाणा और राजस्थान की मंडियों में कपास की दैनिक आवक 35,000 गांठों की हो रही है जबकि पंजाब की मंडियों में भाव 2185 से 2220 रुपये, हरियाणा की मंडियों में 2120 से 2140 रुपये तथा राजस्थान की मंडियों में 2075 से 2095 रुपये प्रति मन (एक मन 37.3 किलो) चल रहे हैं।अहमदाबाद के कपास व्यापारी सुरेश कुमार ने बताया कि राज्य की मंडियों में रुई के भाव 21,500 से 21,900 रुपये प्रति कैंडी (एक कैंडी 355.6 किलो) चल रहे हैं। राज्य की मंडियों में कपास की दैनिक आवक करीब 42,000 से 45,000 हजार गांठों की हो रही है। महाराष्ट्र की मंडियों में कपास की आवक 55,000 से 57,000 हजार गांठों की हो रही है। (Business Bhaskar..........R S Rana)
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