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14 दिसंबर 2008

चीनी और गुड़ का उत्पादन घटने की आशंका

चालू फसल सीजन में देश में गन्ने के बुवाई क्षेत्रफल में आई 8.82 लाख हैक्टेयर की कमी से चीनी और गुड़ का उत्पादन घटने की आशंका है। इससे चीनी और गुड़ के भावों में तेजी का रुख कायम रह सकता है। चालू सीजन में जहां चीनी के उत्पादन में पिछले वर्ष के मुकाबले 60 लाख टन की कमी की आशंका है वहीं गुड़ उत्पादक मंडी मुजफ्फरनगर में स्टॉक बीते वर्ष के मुकाबले छ: से सात लाख कट्टे (एक कट्टा 40 किलो) कम रह सकता है।खाद्य मंत्रालय के अनुसार चालू सीजन (2008-09) में देश में चीनी का उत्पादन 204.97 लाख होने की संभावना है। बकाया स्टॉक 110 लाख टन मिलाकर कुल उपलब्धता 315.97 लाख टन की बैठेगी। उधर उद्योग का मानना है कि चालू सीजन में चीनी का उत्पादन 200 लाख टन व बकाया 90 लाख टन मिलाकर कुल उपलब्धता 290 लाख टन की बैठेगी। हमारी सालाना घरेलू खपत 220 लाख टन है इसलिए नए सीजन के शुरू में 70 लाख टन का बकाया स्टॉक होगा। पिछले वर्ष देश में चीनी का उत्पादन 264 लाख टन का उत्पादन हुआ था।चीनी के व्यापारी सुधीर भालोठिया ने अनुसार उत्पादन में कमी आने की आशंका से इस समय चीनी में स्टॉकिस्टों की सक्रियता बढ़ी हुई है। पिछले तीन दिनों में दिल्ली बाजार में इसके भावों में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। उन्होंने कहा कि चीनी के भावों में आगामी दिनों में भी तेजी कायम तो रह सकती है लेकिन चीनी के दामों पर सरकार की हमेशा नजर रहती है। वैसे भी आगामी वर्ष में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं इसलिए केंद्र सरकार किसी भी कीमत पर इसकी कीमतों को काबू में रखने का प्रयास करेगी। गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) में बढ़ोतरी होने और गन्ने में चीनी की रिकवरी कम आने से मिलों की लागत में पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते मिलें आगे के सौदे भाव बढ़ाकर कर रही हैं। दिल्ली के चीनी व्यापारी सुरेंद्र पाल ने बताया कि स्टॉकिस्टों की मांग जारी रहने से एम ग्रेड चीनी के भाव बढ़कर 2010 रुपये और एस ग्रेड चीनी के भाव 1980 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उन्होंने बताया कि अगर सरकार ने अतिरिक्त कोटा या फिर आयात नियमों में बदलाव नहीं किया तो घरेलू बाजारों में चीनी के भाव 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक बन सकते हैं। गुड़ में उत्पादन से ज्यादा मांग इस समय गुड़ में उत्पादन के मुकाबले मांग ज्यादा देखी जा रही है। गुड़ व्यापारी देशराज के अनुसार पिछले वर्ष मुजफ्फरनगर मंडी में गुड़ का कुल स्टॉक 17 लाख कट्टों का हुआ था। जबकि चालू सीजन में उत्पादन में कमी आने की आशंका से गुड़ का कुल स्टॉक 10 से 11 लाख कट्टों का ही होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष नए गुड़ की आवक के समय मंडी में पुराने गुड़ का स्टॉक लगभग 3.5 से 4 लाख कट्टों का भी बचा हुआ था लेकिन चालू वर्ष में पुराने गुड़ का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है। अत: गुजरात, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा की अच्छी मांग के साथ ही स्टॉक कम होने की संभावना से आगामी दिनों में गुड़ के भावों में तेजी का रुख कायम ही रहने की उम्मीद है।मुजफ्फरनगर मंडी स्थित फेडरेशन ऑफ गुड़ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनिल खंडेलवाल ने बताया कि वर्तमान में मंडी में गुड़ की दैनिक आवक मात्र 11,000 से 12,000 कट्टों (एक कट्टा 40 किलो) की हो रही है। जोकि पिछले वर्ष के मुकाबले आधी है। पिछले वर्ष की समान अवधि में मंडी में गुड़ की दैनिक आवक 24,000 से 25,000 कट्टों की हो रही थी। उन्होंने बताया कि गुड़ में मकरसंक्रांति तक मांग बराबर बनी रहेगी।दिल्ली बाजार में पिछले एक सप्ताह में गुड़ के भावों में 50 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आकर गुड़ चाकू के भाव 1850 से 1900 रुपये और गुड़ पेड़ी के भाव 1800 से 1850 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब लगभग सभी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो गई है इसलिए आगामी दिनों में कोल्हु वालों को गन्ने की कीमत ज्यादा देनी पड़ेगी। अत: गुड़ के मौजूदा भावों में और भी 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी की उम्मीद है। (Business Bhaskar........R S Rana)

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