13 सितंबर 2008
मक्का निर्यात पर रोक हटा सकती है सरकार
महंगाई दर में गिरावट के संकेत को देखते हुए सरकार मक्का निर्यात पर लगी रोक को हटाने पर विचार कर सकती है। कृषि मंत्री शरद पवार ने बताया कि मक्का की आने वाली फसल को देखते हुए सरकार मक्का के निर्यात पर लगी रोक को आगे न बढ़ाने पर विचार करेगी। पवार ने फिक्की द्वारा वेयरहाउस पर आयोजित सेमिनार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी दी। बढ़ती कीमतों का हवाला देते हुए सरकार ने इस साल जुलाई में मक्के के निर्यात पर रोक लगा दी थी। जिसकी मियाद 15 अक्टूबर को समाप्त होगी। शरद पवार ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना हमारा मुख्य लक्ष्य है। हमें किसानों और उपभोक्ताओं के हितों में समन्वय रखना होता है। अक्टूबर की शुरूआत में खरीफ सीजन के मक्के की मंडियों में आवक शुरू हो जाएगी। जिसके चलते मक्के के दामों में भारी गिरावट की संभावना है। पवार ने कहा कि अन्य गैर बासमती चावल के निर्यात पर लगी रोक को हटाने का कोई विचार नहीं है। हाल ही में केंद्र सरकार ने गैर बासमती चावल की प्रीमियम किस्म पूसा-1121 के निर्यात पर लगी रोक हटा ली है। उन्होने ने कहा कि सरकार 20 लाख टन चावल का रणनीतिक भंडार बनाने पर विचार कर रही है। यह रिजर्व गेहूं के 30 लाख टन के रिजर्व के अतिरिक्त होगा जो इस साल की शुरूआत में बनाया गया था। इस साल केंद्र ने 225 लाख टन गेहूं की खरीद की है। जबकि पिछले साल सरकार केवल 115 लाख टन गेहूं की खरीद कर पाई थी। इसी मौके पर मौजूद खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री आखिलेश प्रसाद ने कहा कि केंद्र ने बिहार को बाढ़ राहत के रूप में 1.25 लाख टन खाद्यान्न उपलब्ध कराया है। जिसमें 75,000 टन चावल और 50,000 टन गेहूं दिया है। किंतु बिहार सरकार ने अभी तक केवल 900 टन खाद्यान्न ही लिया है। (Business Bhaskar)
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें